
जमशेदपुर: के बालीगुमा क्षेत्र में जल आपूर्ति व्यवस्था को लेकर आज बड़ा एक्शन देखने को मिला, जब मेयर सुधा गुप्ता और पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने जल मीनार परियोजना का विस्तृत निरीक्षण किया निरीक्षण के दौरान सामने आई खामियों ने न सिर्फ अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए, बल्कि आम जनता की परेशानी को भी उजागर कर दिया।

अधूरी पाइपलाइन बनी बड़ी समस्या
निरीक्षण में यह स्पष्ट हुआ कि जल आपूर्ति योजना के तहत बिछाई जा रही पाइपलाइन कई जगहों पर अधूरी पड़ी है इसका सीधा असर क्षेत्र की जनता पर पड़ रहा है, जहां लोगों को नियमित जलापूर्ति नहीं मिल पा रही है कई इलाकों में पानी की आपूर्ति बाधित है, जिससे लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
जर्जर सामग्री ने बढ़ाई चिंता
जल मीनार परिसर में इस्तेमाल हो रही कई मशीनें और सामग्री खराब एवं जर्जर अवस्था में पाई गईं।
इससे जुड़े बड़े सवाल:
- क्या गुणवत्ता मानकों का पालन हो रहा है?
- क्या यह योजना लंबे समय तक टिक पाएगी?
- इन खामियों ने पूरे प्रोजेक्ट की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मेयर का फूटा गुस्सा, अधिकारियों से मांगा जवाब
मेयर सुधा गुप्ता ने मौके पर ही अधिकारियों को फटकार लगाई और स्पष्ट कहा जनहित के साथ इस तरह की लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित विभाग से तुरंत जवाब तलब किया और कार्य में देरी पर कड़ी नाराजगी जताई।
दिए गए सख्त निर्देश
निरीक्षण के बाद मेयर ने अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए:
अधूरी पाइपलाइन को प्राथमिकता के आधार पर तुरंत पूरा किया जाए
जर्जर और खराब सामग्री को हटाकर नई और उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री लगाई जाए
कार्य की रोजाना मॉनिटरिंग की जाए
प्रगति रिपोर्ट प्रतिदिन प्रस्तुत की जाए
साफ संदेश: अब किसी भी तरह की लापरवाही नहीं चलेगी
पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता का भरोसा
निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने अपनी समस्याएं भी रखीं।
इस पर पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने आश्वासन दिया: क्षेत्र की सभी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा। जल आपूर्ति को सुचारु और नियमित बनाया जाएगा।”
जनता की परेशानी: पानी के लिए जंग
स्थानीय लोगों ने बताया कि:
- नियमित पानी नहीं मिल रहा
- कई जगह पाइपलाइन अधूरी है
- जलापूर्ति का समय तय नहीं
इससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है, खासकर गर्मी के मौसम में समस्या और गंभीर हो गई है।
चेतावनी: अब होगी कड़ी कार्रवाई
मेयर सुधा गुप्ता ने साफ शब्दों में चेतावनी दी:अगर कार्य में ढिलाई या गुणवत्ता में कमी पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अब रफ्तार और गुणवत्ता दोनों जरूरी
बालीगुमा जल मीनार परियोजना केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि हजारों लोगों की जीवनरेखा है।
अब देखना होगा:
- क्या निर्देशों का पालन होता है?
- क्या लोगों को जल्द राहत मिलती है?
अंतिम बात: पानी जैसी बुनियादी जरूरत में देरी नहीं, समाधान चाहिए
द न्यूज़ फ्रेम | ग्राउंड रिपोर्ट











































