
नोएडा: उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने कमाल कर दिखाया। टारगेट किलिंग की बड़ी साजिश नाकाम कर दी। दो युवकों को गिरफ्तार किया, जो पाकिस्तानी हैंडलर्स के इशारे पर हिंदूवादी नेताओं की हत्या की योजना बना रहे थे। यह कार्रवाई देश की सुरक्षा के लिए मील का पत्थर है। सोशल मीडिया और पैसे के लालच से युवाओं को बरगलाने वाली साजिश का पर्दाफाश हुआ। आइए, इस ब्लॉग में विस्तार से जानें नोएडा में ATS का बड़ा एक्शन कैसे हुआ, गिरफ्तार युवक कौन हैं, साजिश क्या थी और जांच क्या कह रही है। अगर आप सुरक्षा, आतंकवाद या करंट अफेयर्स में रुचि रखते हैं, तो यह पढ़ना जरूरी है।

नोएडा ATS कार्रवाई साजिश का पर्दाफाश
1 मई 2026 को नोएडा में ATS ने सतर्कता दिखाई। दो युवकों—तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्लाह अली खान (20 वर्ष, बागपत/मेरठ) और समीर खान (20 वर्ष, ओल्ड सीमापुरी, दिल्ली)—को 23 अप्रैल को गिरफ्तार किया। तलाशी में .32 बोर पिस्टल, 5 जिंदा कारतूस और चाकू बरामद हुए।
नोएडा में ATS का बड़ा एक्शन टारगेट किलिंग की साजिश नाकाम करने वाला है। युवक विदेशी हैंडलर्स से जुड़े थे। समय रहते पकड़े गए, वरना बड़ी वारदात हो जाती। ATS की सतर्कता सराहनीय।
गिरफ्तार आरोपी बैकग्राउंड और हथियार
तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्लाह अली खान बागपत-मेरठ का रहने वाला। समीर खान दिल्ली का। दोनों 20 साल के। नोएडा में ATS का बड़ा एक्शन इनके पास से घातक हथियार मिले। पिस्टल से हत्या की योजना साफ।
पूछताछ में खुलासा—पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आईएसआई से जुड़े मेजर हमीद, मेजर इकबाल, मेजर अनवर, मोहम्मद हमाद बरकाती, आबिद जट के संपर्क में। हैंडलर्स ने टारगेट किलिंग का टास्क दिया।
हथियारों का स्रोत जांच जारी
हथियार कहां से आए, यह ATS खंगाल रही। चाकू और कारतूस से साजिश की गंभीरता साफ।
टारगेट किलिंग की साजिश लक्ष्य और योजना
साजिश भयानक थी। हिंदूवादी नेताओं की गला रेतकर हत्या और घरों पर ग्रेनेड अटैक। इससे अस्थिरता फैलानी थी। नोएडा में ATS का बड़ा एक्शन इस प्लान को चकनाचूर कर दिया।
हैंडलर्स ने चुनिंदा टारगेट चुने। क्षेत्र में दहशत फैलाने का मकसद। ATS ने समय पर इंटेलिजेंस से पकड़ा।
सोशल मीडिया से रैडिकलाइजेशन युवाओं पर खतरा
आजकल इंस्टाग्राम और एन्क्रिप्टेड ऐप्स से युवा बरगलाए जा रहे। आरोपी भी इसी तरह प्रभावित। व्हाट्सएप कॉन्फ्रेंस कॉल्स से धमकियां दीं। कॉल रिकॉर्डिंग्स ATS के पास।
नोएडा में ATS का बड़ा एक्शन सोशल मीडिया के दुरुपयोग को उजागर करता। युवाओं को सावधान रहना चाहिए। फेक प्रोपेगैंडा से बचें।
पैसे का लालच 3 लाख का वादा
हैंडलर्स ने 50 हजार एडवांस, कुल 3 लाख और दुबई भेजने का लालच दिया। गरीब युवा फंस जाते। यह ट्रेंड बढ़ रहा।
पूछताछ के खुलासे नेटवर्क का जाल
ATS पूछताछ में पूरा नेटवर्क सामने। पाक-आईएसआई कनेक्शन। धमकी कॉल्स में विदेशी हैंडलर। नोएडा में ATS का बड़ा एक्शन बड़े गिरोह की ओर इशारा।
अन्य सहयोगी, हथियार स्रोत खंगालेंगे। टारगेट किलिंग की साजिश नाकाम, लेकिन सतर्कता बरतें।
कोर्ट और रिमांड अगला कदम
आरोपियों को स्पेशल कोर्ट में पेश किया। 6 दिन की कस्टडी रिमांड (1-6 मई 2026) मिली। ATS गहराई से जांच करेगी। नोएडा में ATS का बड़ा एक्शन सफल, अब जड़ें उखाड़ेंगी।
देशव्यापी खतरा ऐसे मामले बढ़ रहे
पिछले सालों में कश्मीर, यूपी में ऐसे केस। सोशल मीडिया रैडिकलाइजेशन चिंता। केंद्र ने सख्ती बढ़ाई। नोएडा कार्रवाई मिसाल।
रोकथाम के उपाय
- सोशल मीडिया मॉनिटरिंग।
- युवाओं को जागरूक करें।
- इंटेलिजेंस शेयरिंग।
नोएडा में ATS का बड़ा एक्शन टारगेट किलिंग की साजिश नाकाम कर देश को बचा लिया। युवाओं को लालच से बचें, सोशल मीडिया सावधानी से इस्तेमाल। ATS की तारीफ! ऐसी कार्रवाइयों से आतंक रोके। जागरूक रहें, देश सुरक्षित रखें।















