जमशेदपुर: मानगो नगर निगम की महापौर श्रीमती Sudha गुप्ता के विरुद्ध विधायक सरयू राय द्वारा दिए गए कथित आपत्तिजनक एवं अशोभनीय बयान के विरोध में मंगलवार को कदमा उलियान स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस पार्क के समीप एक विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्थानीय नागरिकों एवं समर्थकों ने भाग लिया। सभा का उद्देश्य लोकतांत्रिक मूल्यों, महिलाओं के सम्मान और सार्वजनिक जीवन की गरिमा बनाए रखने का संदेश देना तथा ईश्वर से विधायक को सद्बुद्धि प्रदान करने की प्रार्थना करना बताया गया।
महापौर के सम्मान में आयोजित हुई विशेष प्रार्थना सभा
आयोजकों ने कहा कि किसी भी निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधि के प्रति अमर्यादित भाषा का प्रयोग केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे महिला समाज का अपमान माना जाना चाहिए। इसी भावना के साथ लोगों ने शांतिपूर्ण ढंग से एकत्र होकर प्रार्थना की और समाज में सम्मानजनक राजनीतिक संवाद की आवश्यकता पर बल दिया।
सभा के दौरान उपस्थित लोगों ने कहा कि लोकतंत्र में मतभेद और राजनीतिक आलोचना स्वाभाविक है, लेकिन विरोध व्यक्त करने की भी एक मर्यादा होती है। सार्वजनिक जीवन से जुड़े नेताओं और जनप्रतिनिधियों को अपने वक्तव्यों में संयम एवं गरिमा बनाए रखनी चाहिए, क्योंकि उनके शब्दों का समाज पर व्यापक प्रभाव पड़ता है।
महिलाओं के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील
सभा में वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं के सम्मान और गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि राजनीति में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और ऐसे समय में महिला जनप्रतिनिधियों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के विरुद्ध अपमानजनक टिप्पणी न केवल व्यक्तिगत स्तर पर आहत करती है, बल्कि समाज में गलत संदेश भी देती है। इसलिए सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों को अपने आचरण एवं भाषा में संयम बनाए रखना चाहिए।
लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का लिया संकल्प
प्रार्थना सभा में मौजूद लोगों ने लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखने और राजनीतिक संवाद को स्वस्थ दिशा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वैचारिक असहमति लोकतंत्र की शक्ति है, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणी और अपमानजनक भाषा लोकतांत्रिक संस्कृति को कमजोर करती है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने समाज में सौहार्द, पारस्परिक सम्मान और सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देने का संकल्प भी लिया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था तभी मजबूत होगी जब सभी पक्ष एक-दूसरे के विचारों का सम्मान करते हुए संवाद करेंगे।
ईश्वर से सद्बुद्धि और सौहार्द की कामना
सभा के अंत में उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से ईश्वर से प्रार्थना की कि सभी जनप्रतिनिधि सार्वजनिक जीवन की गरिमा का पालन करें तथा अपने व्यवहार और भाषा से समाज में सकारात्मक संदेश दें। साथ ही उन्होंने विधायक सरयू राय को सद्बुद्धि प्रदान करने और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करने की कामना की।
प्रार्थना सभा में यह भी दोहराया गया कि महिलाओं के सम्मान और गरिमा के विरुद्ध किसी भी प्रकार की टिप्पणी का विरोध लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से किया जाता रहेगा। आयोजकों ने कहा कि समाज में सम्मान, समानता और सौहार्द का वातावरण बनाए रखना सभी नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
शांतिपूर्ण विरोध के माध्यम से दिया गया संदेश
कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। उपस्थित लोगों ने कहा कि विरोध का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष के प्रति दुर्भावना नहीं, बल्कि सार्वजनिक जीवन में शालीन भाषा और महिलाओं के सम्मान के महत्व को रेखांकित करना है। उन्होंने लोकतंत्र में स्वस्थ संवाद और जिम्मेदार राजनीतिक संस्कृति को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।
बड़ी संख्या में लोग रहे उपस्थित
इस विशेष प्रार्थना सभा में शिल्पी चक्रवर्ती, गौरी देवी, मारिया जोसेफ, पिंकी देवी, कंचन देवी, कल्पना सेन, बबुआ झा, ओम प्रकाश सिंह, मनोज झा, प्रभात ठाकुर, संजय तिवारी, ईश्वर सिंह, प्रदीप शर्मा, लखि गौड़, संतोष गुप्ता, बाला प्रसाद, पप्पू सिंह उज्जैन, नितेश मित्तल, मुकेश सिंह, उमेश सिंह, विजेंदर तिवारी, आशुतोष सिंह, प्रताप यादव, अभिषेक मोहंती, अनिल सिंह, दीपक यादव, अजय गुप्ता, कवि चंद रजक, बबन शुक्ला, अर्जुन लाल शर्मा, गणेश साहू, संतोष जैन, भरत गढ़वाल, विजय कुमार रजक, उमेश यादव, गोपाल रजक, राजेश कालिंदी, सूरज गौड़, सूरज ठाकुर, अभिनंदन सरकार, आनंद पाण्डे, सुमित, जेपी साहू सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
महापौर Sudha गुप्ता के समर्थन में आयोजित इस विशेष प्रार्थना सभा के माध्यम से आयोजकों ने लोकतांत्रिक मूल्यों, महिलाओं के सम्मान और सार्वजनिक जीवन की गरिमा बनाए रखने का संदेश दिया। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए समाज में सम्मानजनक राजनीतिक संवाद, सौहार्द और लोकतांत्रिक मर्यादाओं को मजबूत करने का आह्वान किया।













