मौसममनोरंजनचुनावटेक्नोलॉजीखेलक्राइमजॉबसोशललाइफस्टाइलदेश-विदेशव्यापारमोटिवेशनलमूवीधार्मिकत्योहारInspirationalगजब-दूनिया

जमशेदपुर में आँगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं ने सौंपा 8 सूत्री मांग पत्र, सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग

On: March 11, 2026 10:19 PM
Follow Us:

जमशेदपुर/पूर्वी सिंहभूम, 11 मार्च 2026: झारखंड में आँगनबाड़ी सेविका और सहायिकाओं की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है। झारखण्ड आँगनबाड़ी कर्मचारी एसोसिएशन (JAKA) संयुक्त मोर्चा, जो All India United Trade Union Centre (AIUTUC) से संबद्ध है, ने बुधवार को पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन को 8 सूत्री मांग पत्र सौंपा।

---Advertisement---
Netaji Advertisement

यह मांग पत्र Hemant Soren के नाम संबोधित करते हुए Purbi Singhbhum District के उपायुक्त कार्यालय, जमशेदपुर में दिया गया। इसमें आँगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं की सेवा शर्तों में सुधार, आर्थिक सुरक्षा और कार्य सुविधा से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें शामिल हैं।

वर्षों से लंबित मांगों को लेकर सौंपा गया ज्ञापन

एसोसिएशन की ओर से बताया गया कि झारखंड में आँगनबाड़ी सेविका और सहायिकाएं लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रही हैं। उनका कहना है कि सरकार द्वारा कई बार आश्वासन दिया गया, लेकिन अब तक अधिकांश मांगें पूरी नहीं हो पाई हैं।

इसी को लेकर 11 मार्च 2026 को जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को 8 सूत्री मांग पत्र सौंपा गया। संगठन का कहना है कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो आगे आंदोलन और तेज किया जा सकता है।

आँगनबाड़ी कर्मियों की प्रमुख 8 मांगें

एसोसिएशन द्वारा सौंपे गए मांग पत्र में निम्नलिखित मांगें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

1️⃣ सरकारी कर्मचारी का दर्जा
आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं (सेविका-सहायिका) को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए और उन्हें सभी वैधानिक लाभ प्रदान किए जाएं।

2️⃣ रिटायरमेंट बेनिफिट
सेविका और सहायिकाओं को सेवानिवृत्ति के समय कम से कम 5 लाख रुपये का एकमुश्त रिटायरमेंट लाभ दिया जाए।

3️⃣ पेंशन की व्यवस्था
सेवानिवृत्त सेविकाओं को उनके मानदेय का कम से कम 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में दिया जाए।

4️⃣ आकस्मिक मृत्यु पर आर्थिक सहायता
सेविका-सहायिकाओं की आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए।

5️⃣ रिटायरमेंट आयु बढ़ाने की मांग
आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष करने की मांग की गई।

6️⃣ पोषाहार राशि का भुगतान
स्थानीय बाजार दर के अनुसार पोषाहार (न्यूट्रीशन) की राशि का भुगतान किया जाए, ताकि बच्चों और महिलाओं के लिए बेहतर भोजन उपलब्ध कराया जा सके।

7️⃣ मोबाइल रिचार्ज भत्ता
कार्य से जुड़े डिजिटल कामकाज को देखते हुए प्रतिमाह 400 रुपये मोबाइल रिचार्ज भत्ता दिया जाए।

8️⃣ FRS और नेटवर्क सुविधा
FRS (Face Recognition System) के माध्यम से लाभार्थियों को पोषाहार देने में नेटवर्क की समस्या आती है। इसलिए प्रत्येक आँगनबाड़ी केंद्र में उचित इंटरनेट नेटवर्क की व्यवस्था की जाए।

संगठन के पदाधिकारियों ने क्या कहा

पूर्वी सिंहभूम जिला की ओर से एसोसिएशन के सचिव लक्ष्मी रानी पातर और अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि आँगनबाड़ी सेविका-सहायिकाएं सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करती हैं। इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त वेतन, सामाजिक सुरक्षा और सुविधाएं नहीं मिलती हैं।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं करती है तो राज्यभर में आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।

आँगनबाड़ी कर्मियों की भूमिका

आँगनबाड़ी सेविका और सहायिकाएं महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाती हैं। वे बच्चों के पोषण, टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की देखभाल, प्री-स्कूल शिक्षा और कई सरकारी योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने का काम करती हैं।

इसके बावजूद उनका मानदेय सीमित होने और सेवा शर्तें स्पष्ट नहीं होने के कारण लंबे समय से असंतोष बना हुआ है।

विश्लेषण: झारखंड में बढ़ सकता है आंदोलन

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन मांगों पर सरकार द्वारा सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो झारखंड में आँगनबाड़ी कर्मियों का आंदोलन तेज हो सकता है। पहले भी राज्य में कई बार सेविका-सहायिकाओं ने हड़ताल और प्रदर्शन किए हैं।

सरकार के लिए यह मुद्दा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आँगनबाड़ी केंद्र ग्रामीण स्वास्थ्य और पोषण व्यवस्था की आधारशिला माने जाते हैं।

जमशेदपुर में सौंपे गए इस 8 सूत्री मांग पत्र ने एक बार फिर झारखंड में आँगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं की समस्याओं को सामने ला दिया है। अब सबकी नजर राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी है कि इन मांगों पर क्या फैसला लिया जाता है।

---Advertisement---
Netaji Advertisement
---Advertisement---
Netaji Advertisement

Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

और पढ़ें

लोकसभा में गूंजा मनोहरपुर लौह अयस्क खदान का मुद्दा, सांसद जोबा माझी ने पूर्ण संचालन की उठाई मांग

दिल्ली में इस्तीफा मांगे, रांची में ना आए पास। राजनीत का यही तकाजा, गठबंधन का ना टूटे विश्वास।।

जमशेदपुर: साकची में चेन छिनतई का खुलासा, पुलिस ने दो शातिर अपराधियों को किया गिरफ्तार; लूटा गया चेन और बाइक बरामद

ग्रेजुएट महाविद्यालय में कानूनी जागरूकता शिविर: DLSA सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी ने छात्राओं को बताए कानूनी अधिकार और प्रावधान

पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों को लेकर सरयू राय के निर्देश पर जदयू प्रतिनिधिमंडल ने UISL के सीनियर जीएम से की मुलाकात

विधायक सरयू राय स्वस्थ: वायरल संक्रमण और अत्यधिक थकान के बाद अस्पताल में हो रहा सुधार, समर्थकों से मिलने न आने की अपील

Leave a Comment