
Purnia से सामने आई यह घटना सिर्फ एक हत्या की कहानी नहीं है, बल्कि भरोसे, रिश्तों और लालच के टूटने की एक दर्दनाक मिसाल भी है। Purnia में पति की हत्या के मामले में पुलिस ने जो खुलासा किया है, उसने पूरे इलाके को हिला दिया है। जिस पत्नी ने अपने पति के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, वही इस हत्याकांड की मुख्य आरोपी निकली। पुलिस ने मृतक की पत्नी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया कि यह वारदात प्रेम प्रसंग और पैसों के विवाद के कारण अंजाम दी गई थी।

यह मामला लोगों को इसलिए भी झकझोर रहा है, क्योंकि इसमें परिवार, भरोसा और आपसी संबंधों की मर्यादा पूरी तरह टूटती दिख रही है। पुलिस ने शव बरामद कर पूरे मामले का पर्दाफाश किया और तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
Purnia हत्याकांड का पूरा मामला
बनमनखी सीडीपीओ शैलेश प्रीतम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस सनसनीखेज मामले का खुलासा किया। उनके मुताबिक, जानकीनगर थाना क्षेत्र के रामजानी वार्ड नंबर-04 निवासी गणिता देवी ने 5 मई 2026 को थाने में आवेदन देकर अपने पति गजेंद्र मंडल के लापता होने की जानकारी दी थी।
इसी आवेदन के आधार पर जानकीनगर थाना कांड संख्या-144/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई। शुरुआत में मामला सामान्य लापता व्यक्ति की रिपोर्ट जैसा लगा, लेकिन पुलिस ने जब गहराई से जांच की, तो चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। 7 मई 2026 को रामजानी से डिबरा जाने वाली नहर के पास झाड़ी से गजेंद्र मंडल का शव बरामद किया गया।
शव मिलने के बाद पुलिस को यह समझने में देर नहीं लगी कि यह कोई साधारण गुमशुदगी का मामला नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या थी।
प्रेम प्रसंग और पैसों का विवाद
जांच में जो सबसे बड़ा खुलासा हुआ, वह यह था कि मृतक की पत्नी गणिता देवी का अपने पति के दोस्त रंजीत कुमार राय और सुमन कुमार के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। यही नहीं, मृतक गजेंद्र मंडल दूसरे राज्य में काम करता था और घर बनाने के लिए पैसे भेजता था।
इसी पैसे को लेकर पत्नी और उसके प्रेमियों के बीच विवाद भी था। बताया जा रहा है कि इस विवाद ने रिश्तों में तनाव और बढ़ा दिया। जब गजेंद्र मंडल को अपनी पत्नी पर शक हुआ, तो उसने 2 मई की रात उसके साथ मारपीट भी की। इसके बाद तीनों आरोपियों ने मिलकर हत्या की साजिश रच डाली।
यहां एक बार फिर वही बात सामने आती है कि जब रिश्तों में भरोसा खत्म होता है और लालच हावी हो जाता है, तो अंजाम बेहद खतरनाक हो सकता है।
कैसे रची गई हत्या की साजिश
पुलिस के अनुसार, 3 मई को गजेंद्र मंडल को खिलाने-पिलाने के बहाने सुनसान नहर किनारे ले जाया गया। वहां पहले से तैयार साजिश के तहत गणिता देवी, रंजीत कुमार राय और सुमन कुमार ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को झाड़ी में छुपा दिया गया ताकि किसी को शक न हो।
इसके बाद सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पत्नी गणिता देवी ने ही अपने पति के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके। लेकिन जांच एजेंसियों की सतर्कता और साक्ष्यों की पड़ताल ने इस साजिश को बेनकाब कर दिया।
यह घटना दिखाती है कि अपराधी चाहे कितनी भी चालाकी से योजना बनाए, सच्चाई देर-सबेर सामने आ ही जाती है।
पुलिस जांच में सामने आई सच्चाई
जानकीनगर थाना पुलिस ने मामले की तह तक जाने के लिए कई स्तरों पर जांच की। लापता व्यक्ति की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से ही पुलिस ने आसपास के इलाकों, संदिग्ध संपर्कों और मोबाइल गतिविधियों की जांच शुरू की। इसी दौरान कुछ ऐसे सुराग मिले, जिनसे शक की दिशा बदलने लगी।
जांच के दौरान मिले साक्ष्यों ने यह स्पष्ट कर दिया कि गजेंद्र मंडल की गुमशुदगी नहीं, बल्कि हत्या हुई थी। शव मिलने के बाद पुलिस ने पत्नी और उसके दोनों साथियों पर शिकंजा कसा। पूछताछ में आरोपियों की भूमिका साफ होती चली गई और आखिरकार तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने गिरफ्तारी के साथ तीन मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है। ये चीजें जांच में अहम सबूत साबित हो सकती हैं।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं
पुलिस ने जिन तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम इस प्रकार हैं:
- रंजीत कुमार राय, निवासी रहरिया, जिला अररिया।
- सुमन कुमार, निवासी रामजानी, थाना जानकीनगर, पूर्णिया।
- गणिता देवी, पत्नी स्वर्गीय गजेंद्र मंडल, निवासी रामजानी, पूर्णिया।
तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
रिश्तों की गिरती मर्यादा पर सवाल
यह पूरा मामला सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि समाज के सामने एक बड़ा सवाल भी खड़ा करता है। आखिर रिश्तों में इतनी दरार क्यों आ रही है कि लोग अपने ही जीवनसाथी के खिलाफ इतना बड़ा कदम उठा रहे हैं?
Purnia में पति की हत्या जैसी घटनाएं बताती हैं कि जब रिश्ते संवाद की जगह शक, लालच और स्वार्थ से भर जाते हैं, तो परिवार टूटने लगता है। इस मामले में पत्नी का अपने पति के दोस्त के साथ संबंध और पैसों को लेकर विवाद, दोनों ने मिलकर एक खौफनाक अंत की जमीन तैयार की।
यह बात भी सोचने लायक है कि अगर समय रहते विवाद सुलझा लिया जाता, तो शायद एक जान बच सकती थी। लेकिन अपराध के रास्ते पर जाने का फैसला हमेशा भारी पड़ता है।
समाज के लिए क्या सबक है
इस तरह की घटनाएं समाज को कई गंभीर सबक देती हैं।
- रिश्तों में ईमानदारी और बातचीत बहुत जरूरी है।
- शक और गुस्सा समस्या का हल नहीं, बल्कि कई बार और बड़ी मुसीबत की शुरुआत बन जाते हैं।
- पैसों के विवाद को आपसी समझदारी से सुलझाना चाहिए।
- किसी भी समस्या का समाधान अपराध नहीं हो सकता।
- पुलिस जांच में सच अक्सर छोटे-छोटे सुरागों से सामने आता है।
यह मामला खास तौर पर यह बताता है कि पारिवारिक विवाद अगर नियंत्रण से बाहर चले जाएं, तो वे अपराध का रूप ले सकते हैं।
पुलिस की कार्रवाई से बढ़ा भरोसा
इस केस में पुलिस की त्वरित कार्रवाई भी सराहनीय रही। लापता होने की सूचना मिलने के बाद जिस तरह से जांच शुरू की गई, शव बरामद किया गया और फिर आरोपियों तक पहुंचा गया, उससे यह संदेश गया कि कानून अपना काम कर रहा है।
सीडीपीओ शैलेश प्रीतम द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गई जानकारी ने पूरे मामले को स्पष्ट कर दिया। पुलिस ने जिस तरह से साक्ष्य जुटाकर परत-दर-परत साजिश का खुलासा किया, वह जांच व्यवस्था की सक्रियता को दिखाता है।
क्यों चर्चा में है यह मामला
यह पूर्णिया हत्याकांड इसलिए चर्चा में है क्योंकि इसमें तीन बातें एक साथ जुड़ती हैं:
- विवाह संबंध में अविश्वास।
- प्रेम प्रसंग से उपजा अपराध।
- पैसों के विवाद की खतरनाक परिणति।
आम तौर पर ऐसे मामले लोगों को इसलिए झकझोर देते हैं क्योंकि इनमें अपराधी कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि घर के भीतर का ही कोई सदस्य होता है। यही वजह है कि ऐसे अपराध समाज में गहरी चिंता पैदा करते हैं।
Purnia में पति की हत्या का यह मामला रिश्तों के टूटने, स्वार्थ और अपराध की दर्दनाक तस्वीर पेश करता है। जिस पत्नी ने पति के लिए घर बसाने के सपने देखे होंगे, वही इस कांड की मुख्य आरोपी बन गई। प्रेम प्रसंग, पैसों का विवाद और गुस्से ने मिलकर एक निर्दोष की जान ले ली। पुलिस ने समय रहते जांच पूरी कर इस साजिश का पर्दाफाश कर दिया, लेकिन यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी जरूर है कि रिश्तों में भरोसा और संवाद खत्म होते ही त्रासदी जन्म ले सकती है।















