
जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों के साथ हुई अहम बैठक, बाजार क्षेत्र में जाम की समस्या पर चिंता
बगोदर: बढ़ते अतिक्रमण और लगातार लग रहे जाम को लेकर प्रशासन अब सख्त नजर आ रहा है। सोमवार को प्रखंड कार्यालय सभागार में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थलों पर फैले अतिक्रमण को हटाने का निर्णय लिया गया।

बैठक में विशेष रूप से बगोदर बाजार, औरा तथा अटका क्षेत्र में बढ़ते अवैध कब्जों पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने कहा कि अतिक्रमण की वजह से आम लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर जीटी रोड और बाजार क्षेत्र में हर दिन जाम की स्थिति बन रही है, जिससे व्यापार और यातायात दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

नेहरू चौक से शुरू होगा अतिक्रमण हटाओ अभियान
प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अतिक्रमण हटाओ अभियान की शुरुआत नेहरू चौक से की जाएगी। इसके बाद बाजार क्षेत्र सहित औरा और अटका इलाके में सड़क किनारे लगे अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि अभियान चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा ताकि व्यवस्था बनी रहे और लोगों को कम से कम असुविधा हो।
दुकानदारों और फुटपाथ व्यवसायियों से अपील
बैठक के दौरान प्रशासन ने दुकानदारों और फुटपाथ व्यवसायियों से स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने की अपील की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि लोग स्वयं आगे आकर सहयोग करेंगे तो अभियान शांतिपूर्ण तरीके से पूरा किया जा सकेगा। साथ ही चेतावनी भी दी गई कि अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।

कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में एसडीओ संतोष कुमार गुप्ता, एसडीपीओ धनंजय कुमार राम, सीओ प्रवीण कुमार, प्रमुख आशा राज, उप प्रमुख हरेंद्र सिंह, थाना प्रभारी राजेश कुमार, विधायक प्रतिनिधि राजू सिंह, भाकपा माले प्रखंड सचिव परमेश्वर महतो, बीस सूत्री अध्यक्ष सरवर खान, जेएलकेएम के केंद्रीय उपाध्यक्ष दिनेश साहू, प्रखंड अध्यक्ष उमेश महतो तथा झामुमो प्रखंड अध्यक्ष बंधन महतो समेत कई जनप्रतिनिधि और राजनीतिक दलों के सदस्य मौजूद रहे।
प्रशासन की सख्ती से बाजार व्यवस्था सुधारने की उम्मीद
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि प्रशासन नियमित रूप से अभियान चलाता है तो बाजार क्षेत्र में जाम की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। लंबे समय से सड़क किनारे बढ़ते अतिक्रमण के कारण आम नागरिकों, वाहन चालकों और व्यापारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अब प्रशासन की इस पहल से बाजार व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।














