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AI एवं ऑटोमेशन करियर के लिए खतरा या करियर मल्टीप्लायर?

On: August 23, 2026 8:25 PM
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जमशेदपुर: तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेशन का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। इसी बदलते तकनीकी परिवेश और इसके भविष्य पर विद्यार्थियों को जागरूक करने के उद्देश्य से करीम सिटी कॉलेज के डिपार्टमेंट ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा “SOUL 11.0 – AI & Automation: Career Threat or Career Multiplier” कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

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कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन के बढ़ते प्रभावों से परिचित कराना तथा उन्हें भविष्य के रोजगार और कार्यस्थल की बदलती जरूरतों के लिए तैयार करना था। कार्यक्रम में AI को केवल नौकरी के लिए खतरा मानने के बजाय इसे कौशल विकास, उत्पादकता बढ़ाने और नए करियर अवसरों के माध्यम के रूप में समझने पर विशेष जोर दिया गया।

प्रो. देबर्घ्य बागची रहे मुख्य वक्ता

कार्यक्रम में IBS Kolkata के प्रो. देबर्घ्य बागची मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ AI और ऑटोमेशन के वर्तमान और भविष्य के प्रभावों पर विस्तार से विचार साझा किए।

उन्होंने बताया कि तकनीक तेजी से काम करने के तरीकों को बदल रही है। ऐसे समय में विद्यार्थियों के लिए केवल पारंपरिक ज्ञान तक सीमित रहना पर्याप्त नहीं है। उन्हें नई तकनीकों की जानकारी हासिल करने के साथ-साथ यह भी सीखना होगा कि AI और ऑटोमेशन का प्रभावी और रचनात्मक उपयोग किस प्रकार किया जा सकता है।

मुख्य वक्ता ने विद्यार्थियों को यह समझाने का प्रयास किया कि AI को केवल नौकरी खत्म करने वाली तकनीक के रूप में देखना सही दृष्टिकोण नहीं है। यदि इसका सही तरीके से उपयोग किया जाए तो यह व्यक्ति की कार्यक्षमता बढ़ाने, समय बचाने और बेहतर परिणाम हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

AI को खतरे के बजाय अवसर के रूप में अपनाने पर जोर

कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण संदेश यही रहा कि विद्यार्थियों को AI और ऑटोमेशन से डरने के बजाय उन्हें समझने और अपनाने की जरूरत है। तकनीकी बदलाव हमेशा कुछ पुराने काम करने के तरीकों को बदलता है, लेकिन इसके साथ ही नए काम और नए अवसर भी पैदा होते हैं।

विद्यार्थियों को बताया गया कि भविष्य की नौकरी के लिए तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ रचनात्मक सोच, समस्या समाधान, संचार कौशल और निर्णय लेने की क्षमता भी महत्वपूर्ण होगी। AI इन क्षमताओं को समाप्त करने के बजाय कई मामलों में उन्हें और प्रभावी बना सकता है।

इसलिए विद्यार्थियों को चाहिए कि वे AI को अपने करियर का प्रतिस्पर्धी नहीं, बल्कि एक उपयोगी सहयोगी बनाएं।

व्यवसाय से लेकर शिक्षा तक AI का बढ़ता प्रभाव

आज AI और ऑटोमेशन का प्रभाव केवल कंप्यूटर या तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं रह गया है। इसका उपयोग व्यवसाय, शिक्षा, बैंकिंग, वित्त, मार्केटिंग, मानव संसाधन, स्वास्थ्य सेवाओं, ग्राहक सेवा और उद्यमिता सहित अनेक क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है।

व्यवसायों में डेटा का विश्लेषण करने, ग्राहकों की जरूरतों को समझने, मार्केटिंग रणनीति तैयार करने और नियमित कार्यों को स्वचालित करने में AI की भूमिका बढ़ रही है। इसी तरह शिक्षा के क्षेत्र में भी विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए नई तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।

ऐसे में बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन के विद्यार्थियों के लिए AI और ऑटोमेशन को समझना विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो गया है।

भविष्य की कार्यस्थलीय जरूरतों के लिए तैयारी

कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि आने वाले समय में कार्यस्थल पहले की तुलना में अधिक तकनीक आधारित हो सकता है। ऐसे में नौकरी पाने के साथ-साथ नौकरी में अपनी उपयोगिता बनाए रखने के लिए लगातार सीखते रहना आवश्यक होगा।

विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई के साथ नई तकनीकों को समझने, डिजिटल कौशल विकसित करने और व्यावहारिक ज्ञान हासिल करने पर ध्यान देना चाहिए। केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि बदलती तकनीकी जरूरतों के अनुसार स्वयं को अपडेट रखना भी जरूरी होगा।

प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रियाज ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रियाज के संबोधन से हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीकी बदलावों को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखने की सलाह दी।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि तकनीकी परिवर्तन को केवल चुनौती के रूप में देखने के बजाय विद्यार्थियों को इसके साथ स्वयं को विकसित करना चाहिए। उन्होंने AI के सही और रचनात्मक उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि यह विद्यार्थियों की क्षमता, उत्पादकता और सीखने की प्रक्रिया को नई दिशा दे सकता है।

प्राचार्य ने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने और समय के साथ अपने कौशल को विकसित करते रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों को समझना और उनका जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करना आज के विद्यार्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

निरंतर सीखने की जरूरत पर जोर

डॉ. मोहम्मद रियाज ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि तकनीक लगातार बदल रही है और आने वाले वर्षों में इसमें और तेजी से बदलाव देखने को मिल सकता है। इसलिए विद्यार्थियों को एक बार सीखे हुए कौशल तक सीमित नहीं रहना चाहिए।

उन्हें अपने ज्ञान को लगातार अपडेट करते रहना चाहिए और नई तकनीकों के बारे में सीखने की आदत विकसित करनी चाहिए। इससे वे भविष्य के रोजगार बाजार में अधिक सक्षम और प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे।

उन्होंने AI के उपयोग में रचनात्मकता और जिम्मेदारी दोनों को महत्वपूर्ण बताया। तकनीक का इस्तेमाल केवल सुविधा के लिए नहीं, बल्कि ज्ञान और कौशल को बेहतर बनाने के लिए किया जाना चाहिए।

विभागाध्यक्ष डॉ. आफताब आलम ने रखी कार्यक्रम की प्रासंगिकता

कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डॉ. आफताब आलम ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने SOUL 11.0 कार्यक्रम की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि AI और ऑटोमेशन अब केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं।

उन्होंने बताया कि प्रबंधन, मार्केटिंग, वित्त, मानव संसाधन और उद्यमिता सहित व्यवसाय के लगभग हर क्षेत्र पर AI का प्रभाव दिखाई दे रहा है। ऐसे में बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन के विद्यार्थियों के लिए इन तकनीकों की समझ विकसित करना समय की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि भविष्य के प्रबंधकों को तकनीक और व्यवसाय दोनों की समझ होनी चाहिए। AI के माध्यम से उपलब्ध आंकड़ों का सही विश्लेषण, बेहतर निर्णय लेने और कार्यक्षमता बढ़ाने की क्षमता विकसित की जा सकती है।

विद्यार्थियों की बड़ी संख्या में रही भागीदारी

कार्यक्रम में कॉलेज के विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कार्यक्रम में उपस्थित रहे और AI एवं ऑटोमेशन से जुड़े विषयों को समझा।

विद्यार्थियों के लिए यह कार्यक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि उन्हें विशेषज्ञ वक्ता के माध्यम से यह जानने का अवसर मिला कि भविष्य में तकनीकी बदलाव उनके करियर को किस प्रकार प्रभावित कर सकते हैं।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में AI को लेकर मौजूद जिज्ञासाओं और संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। उन्हें नई तकनीक को समझने और अपने करियर में इसका सकारात्मक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।

AI से बदल रहा है करियर का स्वरूप

AI और ऑटोमेशन के कारण आने वाले समय में कई नौकरियों का स्वरूप बदल सकता है। कुछ नियमित और दोहराव वाले कार्य मशीनों या सॉफ्टवेयर के माध्यम से किए जा सकते हैं। इसके साथ ही ऐसे नए रोजगार भी विकसित हो सकते हैं, जिनमें AI का संचालन, प्रबंधन और विश्लेषण शामिल होगा।

इस बदलाव के बीच विद्यार्थियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वे तकनीकी कौशल के साथ मानवीय कौशल पर भी ध्यान दें। रचनात्मकता, नेतृत्व, संवाद, टीमवर्क और समस्या समाधान जैसी क्षमताएं किसी भी पेशेवर के लिए महत्वपूर्ण रहेंगी।

AI को करियर मल्टीप्लायर बनाने की दिशा

SOUL 11.0 का मूल संदेश यही रहा कि AI को करियर के लिए खतरा मानने के बजाय उसे करियर मल्टीप्लायर बनाया जा सकता है। यदि कोई विद्यार्थी AI टूल्स को समझता है और उन्हें अपने क्षेत्र के ज्ञान के साथ जोड़ता है, तो वह अपनी उत्पादकता और कार्यक्षमता को बेहतर कर सकता है।

उदाहरण के तौर पर मार्केटिंग के विद्यार्थी AI की मदद से बाजार के आंकड़ों को समझ सकते हैं, वित्त के विद्यार्थी डेटा विश्लेषण में तकनीक का इस्तेमाल कर सकते हैं और मानव संसाधन के विद्यार्थी कर्मचारियों से जुड़े आंकड़ों को बेहतर ढंग से समझने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर सकते हैं।

इस प्रकार AI विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले युवाओं के लिए एक अतिरिक्त क्षमता के रूप में काम कर सकता है।

विद्यार्थियों को मिला भविष्य की तकनीक का दृष्टिकोण

कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को केवल AI की जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि उन्हें भविष्य की कार्यसंस्कृति को समझने का अवसर भी मिला। तेजी से बदलते तकनीकी माहौल में किस तरह अपने कौशल को विकसित किया जाए और किस प्रकार नई तकनीक का जिम्मेदारी के साथ इस्तेमाल किया जाए, इस पर भी चर्चा हुई।

कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को यह सोचने के लिए प्रेरित किया कि वे भविष्य के करियर के लिए आज से ही किस प्रकार तैयारी कर सकते हैं।

कार्यक्रम का सफल संचालन

कार्यक्रम का सफल संचालन हबीबा ने किया। उन्होंने कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया और उपस्थित विद्यार्थियों को कार्यक्रम से जोड़े रखा।

कार्यक्रम के अंत में तहजबीन ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने मुख्य वक्ता, कॉलेज प्रशासन, विभाग के शिक्षकों और सभी विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

शिक्षक और छात्र रहे उपस्थित

कार्यक्रम में विभाग के सभी शिक्षक उपस्थित रहे। शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों के साथ AI और ऑटोमेशन से जुड़े विषयों को समझने में रुचि दिखाई।

बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की उपस्थिति ने यह स्पष्ट किया कि युवा पीढ़ी AI और नई तकनीकों को लेकर गंभीरता से जानकारी हासिल करना चाहती है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को कक्षा की पढ़ाई के साथ-साथ वर्तमान तकनीकी परिवेश की व्यावहारिक जानकारी देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

करीम सिटी कॉलेज के डिपार्टमेंट ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा आयोजित SOUL 11.0 – AI & Automation: Career Threat or Career Multiplier कार्यक्रम ने विद्यार्थियों के सामने AI और ऑटोमेशन से जुड़ी संभावनाओं और चुनौतियों को समझने का महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम का मुख्य संदेश रहा कि तकनीकी बदलाव को केवल नौकरी के खतरे के रूप में देखने के बजाय उसे नए कौशल, बेहतर उत्पादकता और करियर के नए अवसरों के रूप में समझना चाहिए। AI निश्चित रूप से कार्य करने के तरीकों को बदल रहा है, लेकिन सही कौशल और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ विद्यार्थी इस बदलाव का लाभ उठा सकते हैं।

प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रियाज, विभागाध्यक्ष डॉ. आफताब आलम और मुख्य वक्ता प्रो. देबर्घ्य बागची के विचारों ने विद्यार्थियों को यह समझने में मदद की कि भविष्य की दुनिया में लगातार सीखना और तकनीक के साथ कदम मिलाकर चलना कितना आवश्यक है।

SOUL 11.0 जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को नई तकनीकों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें भविष्य के रोजगार बाजार के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। AI और ऑटोमेशन का सही उपयोग कर युवा अपनी क्षमताओं को बढ़ा सकते हैं और अपने करियर को नई दिशा दे सकते हैं।

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