नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने कर्तव्य भवन में औपचारिक रूप से केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार ग्रहण किया। उन्हें पहले से ही उपभोक्ता मामले, खाद्य व सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालयों का भी प्रभार प्राप्त है। मंत्री जोशी ने अपने पहले दिन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में मंत्रालय की मौजूद प्रमुख योजनाओं और पहलों के क्रियान्वयन की संयुक्त समीक्षा की गई। केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी भी इस बैठक में उपस्थित रहे। उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. विनीत जोशी तथा विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव श्री टी.के. अनिल कुमार समेत मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में शामिल हुए।
बैठक के दौरान निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा हुई:
- राष्ट्रीय शैक्षिक नीतियों और योजनाओं का वर्तमान कार्यान्वयन, समयसीमा और लक्ष्यों की प्रगति।
- सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण और डिजिटल शिक्षा पहल तेज करने के उपाय।
- उच्च शिक्षा में शोध, उद्यमिता और उद्योग-शिक्षा कड़ियों को मजबूत करने के प्रस्ताव।
- साक्षरता कार्यक्रमों और स्किल-डेवलपमेंट गतिविधियों का विस्तार तथा उनकी मॉनिटरिंग।
- बजट उपयोग, निधियों का लक्ष्य अनुरूप आवंटन और समयबद्ध रिपोर्टिंग पर निर्देश।
केंद्रीय मंत्री ने अधिकारीयों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पारदर्शिता, समय-सीमा का पालन और नतीजों पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में शिक्षा पहुंच और गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही मंत्री ने कहा कि मंत्रालय विभिन्न हितधारकों — राज्य सरकारों, शैक्षणिक संस्थानों और निजी क्षेत्र — के साथ समन्वय बढ़ाएगा ताकि नीतिगत लक्ष्यों को शीघ्रता से प्राप्त किया जा सके।
आगे की कार्रवाई:
- मंत्रालय ने संबंधित विभागों को अगले महीने के भीतर विस्तृत कार्ययोजना और तिमाही रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
- विभिन्न योजनाओं की प्रगति के लिए एक मॉनिटरिंग फ़्रेमवर्क तैयार किया जाएगा, जिसमें स्पष्ट संकेतक और जिम्मेदार अधिकारी निर्धारित रहेंगे।
यह कदम ऐसे समय में आया है जब शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल शिक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षक प्रशिक्षण और उच्च शिक्षा में वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की जरूरत पर व्यापक ध्यान दिया जा रहा है। मंत्री प्रल्हाद जोशी के नेतृत्व में मंत्रालय की प्राथमिकता शिक्षण-शैक्षणिक मानकों को सुधारना और समावेशी शिक्षा सुनिश्चित करना बताया जा रहा है।














