आदित्यपुर: Netaji सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, आदित्यपुर ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए एक मरीज के दोनों घुटनों (डबल नी रिप्लेसमेंट) का सफल टोटल नी रिप्लेसमेंट (TKR) ऑपरेशन कर चिकित्सा जगत में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सफल सर्जरी के बाद मरीज का स्वास्थ्य तेजी से बेहतर हो रहा है और वह सामान्य जीवन की ओर लौट रहा है।
इस उपलब्धि पर अस्पताल के चेयरमैन मदन मोहन सिंह ने पूरे चिकित्सक दल, ऑर्थोपेडिक सर्जनों, एनेस्थीसिया विशेषज्ञों, नर्सिंग स्टाफ तथा अस्पताल प्रबंधन को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता संस्थान की आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था, अनुभवी डॉक्टरों और समर्पित टीमवर्क का परिणाम है।
आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से मरीजों को मिल रहा गुणवत्तापूर्ण उपचार
मदन मोहन सिंह ने कहा कि नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल लगातार चिकित्सा क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है। अस्पताल का मुख्य उद्देश्य अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को आम जनता तक सुलभ, किफायती और गुणवत्तापूर्ण रूप में पहुंचाना है।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी विभागों, आधुनिक ऑपरेशन थिएटर, अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता के कारण मरीजों को बेहतर इलाज मिल रहा है। यही कारण है कि अब जटिल से जटिल सर्जरी भी सफलतापूर्वक की जा रही है।
सफल डबल नी रिप्लेसमेंट बना अस्पताल की बड़ी उपलब्धि
दोनों घुटनों का एक साथ प्रत्यारोपण (डबल नी रिप्लेसमेंट) एक जटिल और चुनौतीपूर्ण सर्जरी मानी जाती है। इस ऑपरेशन में मरीज के दोनों क्षतिग्रस्त घुटनों को कृत्रिम घुटनों से बदला जाता है, जिससे लंबे समय से घुटनों के दर्द और चलने-फिरने में हो रही परेशानी से राहत मिलती है।
नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल की विशेषज्ञ टीम ने इस ऑपरेशन को पूरी सफलता के साथ पूरा किया। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति लगातार बेहतर हो रही है और डॉक्टरों के अनुसार वह जल्द ही सामान्य गतिविधियां करने में सक्षम होगा।
दो माह पहले शुरू हुई अत्याधुनिक MRI सेवा
चेयरमैन मदन मोहन सिंह ने बताया कि अस्पताल में लगभग दो माह पहले अत्याधुनिक एमआरआई (MRI) सेवा भी नियमित रूप से शुरू की गई है। इस सुविधा के शुरू होने से जमशेदपुर, सरायकेला-खरसावां तथा आसपास के जिलों के मरीजों को अब एमआरआई जांच के लिए दूसरे शहरों में नहीं जाना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि पहले मरीजों को उन्नत जांच के लिए रांची, कोलकाता या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, जिससे समय और पैसे दोनों की अतिरिक्त लागत आती थी। अब यह सुविधा एक ही परिसर में उपलब्ध होने से मरीजों को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं।
एक ही परिसर में मिल रही समग्र स्वास्थ्य सेवाएं
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक ही परिसर में जांच, परामर्श, ऑपरेशन और उपचार की समग्र व्यवस्था विकसित की गई है। इससे मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता, आधुनिक लैब, डिजिटल जांच सुविधाएं, आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के कारण अस्पताल क्षेत्र के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में अपनी पहचान बना रहा है।
मेडिकल शिक्षा में भी मिली बड़ी सफलता
स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में भी नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज ने इस वर्ष महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मदन मोहन सिंह ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कॉलेज में एमबीबीएस की 200 सीटों पर नामांकन लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष तक कॉलेज को 100 एमबीबीएस सीटों की ही मान्यता प्राप्त थी। लेकिन इस वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित सभी आवश्यक मानकों को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद संस्थान को अतिरिक्त 100 सीटों की स्वीकृति मिल गई है। इसके साथ ही अब मेडिकल कॉलेज में कुल 200 एमबीबीएस सीटें हो गई हैं।
उन्होंने इसे संस्थान के प्रबंधन, शिक्षकों, चिकित्सकों और कर्मचारियों की कड़ी मेहनत तथा गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण का परिणाम बताया।
झारखंड में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लक्ष्य
मदन मोहन सिंह ने कहा कि नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल का उद्देश्य केवल जमशेदपुर या आसपास के क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। संस्थान का लक्ष्य पूरे झारखंड और पूर्वी भारत के लोगों को विश्वस्तरीय, आधुनिक और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि अस्पताल लगातार नई तकनीकों और चिकित्सा सुविधाओं को शामिल कर मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रहा है।
25 एकड़ में बन रहा मदन मोहन मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल
उन्होंने जानकारी दी कि इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए रांची-टाटा राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित बैरंडी बाजार के समीप लगभग 25 एकड़ भूमि पर अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त मदन मोहन मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
यह संस्थान आधुनिक चिकित्सा तकनीक, सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं, मेडिकल शिक्षा और अनुसंधान का एक बड़ा केंद्र बनने की दिशा में विकसित किया जा रहा है।
2027 से ओपीडी और 2028 से मेडिकल शिक्षा शुरू करने का लक्ष्य
मदन मोहन सिंह ने विश्वास जताया कि प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में वर्ष 2027 से ओपीडी सेवाएं प्रारंभ करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद 2028 से मेडिकल शिक्षा का संचालन शुरू करने की योजना है।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल झारखंड ही नहीं बल्कि पूरे पूर्वी भारत में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नया अध्याय स्थापित करेगी। इससे हजारों मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा और मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को भी आधुनिक सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध होगी।
संस्थान की उपलब्धि पर खुशी का माहौल
डबल नी रिप्लेसमेंट ऑपरेशन की सफलता के बाद अस्पताल प्रबंधन, चिकित्सकों और कर्मचारियों में उत्साह का माहौल है। इस उपलब्धि को संस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि आने वाले समय में भी मरीजों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने और नई तकनीकों को अपनाने का सिलसिला लगातार जारी रहेगा।
Netaji सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, आदित्यपुर ने सफल डबल नी रिप्लेसमेंट ऑपरेशन के माध्यम से चिकित्सा क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता का एक और प्रमाण प्रस्तुत किया है। आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं, अनुभवी चिकित्सकों की टीम, अत्याधुनिक एमआरआई सेवा, एमबीबीएस सीटों में वृद्धि तथा नए मेडिकल कॉलेज की महत्वाकांक्षी परियोजना इस बात का संकेत है कि संस्थान भविष्य में झारखंड और पूर्वी भारत के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहा है।















