चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में Ayush विभाग द्वारा संचालित स्वास्थ्य सेवाएं आम लोगों के लिए प्रभावी और भरोसेमंद विकल्प बनती जा रही हैं। जिले के विभिन्न आयुष स्वास्थ्य केंद्रों में निःशुल्क उपलब्ध होम्योपैथिक एवं आयुर्वेदिक उपचार का लाभ बड़ी संख्या में मरीज उठा रहे हैं। इन सेवाओं के माध्यम से कई लोगों को पुरानी और सामान्य बीमारियों से राहत मिल रही है। इसी क्रम में सदर प्रखंड के कुम्हार टोला, चाईबासा निवासी सुनीता खालको को लंबे समय से चली आ रही त्वचा संबंधी बीमारी और लगातार होने वाली खुजली से राहत मिली है।
आयुष विभाग की इस पहल ने न केवल मरीज को स्वास्थ्य लाभ पहुंचाया, बल्कि यह भी साबित किया कि उचित चिकित्सकीय परामर्श, नियमित दवा सेवन और संतुलित जीवनशैली अपनाकर कई बीमारियों का प्रभावी उपचार संभव है।
कई महीनों से त्वचा रोग और खुजली से थीं परेशान
सुनीता खालको पिछले तीन से चार महीनों से पूरे शरीर में लगातार खुजली, त्वचा पर चकत्ते, जलन और असहजता की समस्या से जूझ रही थीं। बीमारी के कारण उन्हें दैनिक कार्य करने में भी कठिनाई होने लगी थी। लगातार खुजली और त्वचा में जलन की वजह से उनका सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा था और मानसिक तनाव भी बढ़ता जा रहा था।
उन्होंने राहत पाने के लिए कई घरेलू उपाय भी अपनाए, लेकिन कोई विशेष लाभ नहीं मिला। समस्या लगातार बनी रहने के कारण उन्होंने विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह लेने का निर्णय लिया।
Ayush स्वास्थ्य केंद्र में लिया चिकित्सकीय परामर्श
समस्या से परेशान होकर सुनीता खालको ने निकट स्थित आयुष स्वास्थ्य केंद्र का रुख किया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति का विस्तार से परीक्षण किया।
चिकित्सकों ने त्वचा रोग के लक्षणों, एलर्जी की स्थिति तथा अन्य संभावित कारणों का मूल्यांकन कर उनके लिए उपयुक्त होम्योपैथिक एवं आयुर्वेदिक दवाओं का चयन किया। साथ ही उन्हें नियमित रूप से दवा लेने और चिकित्सकीय सलाह का पालन करने की हिदायत दी गई।
स्वच्छता और संतुलित खान-पान पर दिया गया विशेष जोर
दवाओं के साथ-साथ आयुष चिकित्सकों ने सुनीता को स्वच्छता बनाए रखने, पौष्टिक एवं संतुलित भोजन लेने तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह भी दी।
चिकित्सकों ने बताया कि त्वचा संबंधी कई समस्याएं शरीर के आंतरिक असंतुलन, पाचन तंत्र की गड़बड़ी और एलर्जी के कारण भी उत्पन्न होती हैं। इसलिए केवल बाहरी उपचार ही नहीं, बल्कि शरीर के अंदरूनी संतुलन को बनाए रखना भी आवश्यक है।
15 दिनों में दिखा उल्लेखनीय सुधार
लगातार 15 दिनों तक नियमित उपचार लेने के बाद सुनीता की स्वास्थ्य स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। पहले जहां उन्हें पूरे शरीर में लगातार खुजली और जलन की शिकायत रहती थी, वहीं अब इन लक्षणों में काफी कमी आ गई है।
त्वचा पर बने चकत्ते भी धीरे-धीरे कम होने लगे और उन्हें पहले की तुलना में काफी आराम महसूस होने लगा। इससे उनके दैनिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव आया।
आंतरिक संतुलन पर आधारित रहा उपचार
आयुष चिकित्सकों ने केवल त्वचा के बाहरी लक्षणों का उपचार नहीं किया, बल्कि बीमारी के मूल कारणों को ध्यान में रखते हुए उपचार योजना तैयार की।
एलर्जी और त्वचा संबंधी समस्याओं को नियंत्रित करने के लिए शरीर के आंतरिक संतुलन, पाचन तंत्र और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाने वाली आवश्यक आयुर्वेदिक औषधियां भी दी गईं। चिकित्सकों का मानना है कि समग्र उपचार से बीमारी दोबारा होने की संभावना भी कम होती है।

मरीज ने Ayush विभाग के प्रति जताया आभार
उपचार से लाभान्वित होने के बाद सुनीता खालको ने बताया कि लंबे समय तक बीमारी रहने के कारण वे मानसिक रूप से भी काफी परेशान थीं। लगातार खुजली और त्वचा की समस्या से उनका सामान्य जीवन प्रभावित हो गया था।
उन्होंने कहा कि आयुष स्वास्थ्य केंद्र में समय पर मिले उपचार, चिकित्सकों की सलाह और नियमित दवा सेवन से अब उन्हें काफी राहत मिली है। उन्होंने आयुष विभाग और चिकित्सकीय टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें यहां बेहतर और निःशुल्क उपचार प्राप्त हुआ।
Ayush चिकित्सा की प्रभावशीलता का उदाहरण
यह मामला आयुष चिकित्सा पद्धति की उपयोगिता और प्रभावशीलता का एक सकारात्मक उदाहरण माना जा रहा है। होम्योपैथी और आयुर्वेद के माध्यम से कई सामान्य एवं दीर्घकालिक बीमारियों का सुरक्षित और समग्र उपचार किया जा रहा है।
आयुष विभाग का उद्देश्य आधुनिक चिकित्सा पद्धति के साथ-साथ पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को भी लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है, ताकि मरीजों को उनकी आवश्यकता के अनुसार बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता
जिला प्रशासन और आयुष विभाग का लक्ष्य जिले के प्रत्येक नागरिक तक सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। इसके लिए जिले के विभिन्न आयुष स्वास्थ्य केंद्रों में नियमित रूप से विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
विभाग लोगों को केवल उपचार ही नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और बीमारियों से बचाव के प्रति भी जागरूक कर रहा है।
जिलेवासियों से आयुष केंद्रों का लाभ उठाने की अपील
आयुष विभाग ने जिले के लोगों से अपील की है कि यदि वे त्वचा रोग, एलर्जी, जोड़ों के दर्द, पाचन संबंधी समस्याओं, सर्दी-जुकाम, तनाव अथवा अन्य सामान्य बीमारियों से परेशान हैं, तो निकटतम आयुष स्वास्थ्य केंद्र में जाकर विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लें।
विभाग ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों में निःशुल्क होम्योपैथिक एवं आयुर्वेदिक उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसका अधिक से अधिक लोग लाभ उठाएं।
पश्चिमी सिंहभूम में आयुष विभाग की स्वास्थ्य सेवाएं लोगों के लिए नई उम्मीद बनकर उभर रही हैं। सुनीता खालको को लंबे समय से चली आ रही त्वचा और खुजली की समस्या से मिली राहत इस बात का उदाहरण है कि समय पर सही चिकित्सकीय परामर्श, नियमित उपचार और संतुलित जीवनशैली अपनाकर कई बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। जिला प्रशासन और आयुष विभाग का प्रयास है कि जिले का प्रत्येक नागरिक सुलभ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाए तथा स्वस्थ और खुशहाल जीवन जी सके।



















