जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के किसानों को कम Rainfall की स्थिति में भी बेहतर खेती के लिए जागरूक करने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। शनिवार को समाहरणालय परिसर से जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन ने दो डिजिटल कृषि रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अभियान कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग, झारखंड सरकार की पहल पर शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य किसानों तक वैकल्पिक फसलों, आधुनिक कृषि तकनीकों, सिंचाई प्रबंधन और सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी पहुंचाना है।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान, जिला कृषि विभाग की उप परियोजना निदेशक गीता कुमारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
किसानों को मिलेगी आधुनिक खेती और वैकल्पिक फसलों की जानकारी
डिजिटल कृषि रथ के माध्यम से जिले के किसानों को यह बताया जाएगा कि यदि मानसून सामान्य नहीं रहता है या वर्षा कम होती है, तो वे धान के अलावा कौन-कौन सी वैकल्पिक फसलों की खेती कर सकते हैं। साथ ही किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, जल संरक्षण, सिंचाई प्रबंधन और उन्नत कृषि पद्धतियों की भी जानकारी दी जाएगी।
इस अभियान का उद्देश्य किसानों को समय पर सही सलाह देकर उनकी खेती को सुरक्षित, लाभकारी और मौसम की चुनौतियों के अनुरूप बनाना है।
उपायुक्त ने दिखाई दोनों डिजिटल कृषि रथों को हरी झंडी
समाहरणालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उपायुक्त राजीव रंजन ने दो डिजिटल कृषि रथों को हरी झंडी दिखाकर जिले के विभिन्न प्रखंडों के लिए रवाना किया।
उन्होंने कहा कि बदलते मौसम और कम वर्षा की संभावना को देखते हुए किसानों को समय रहते जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। यदि किसान समय पर सही फसल और उचित तकनीक का चयन करते हैं तो मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में भी बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।

सभी 11 प्रखंडों में पहुंचेगा जागरूकता अभियान
कृषि विभाग द्वारा संचालित यह अभियान जिले के सभी 11 प्रखंडों में चलाया जाएगा। डिजिटल कृषि रथ गांव-गांव जाकर किसानों को वीडियो, ऑडियो और डिजिटल माध्यमों से कृषि संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी देंगे।
इन रथों के माध्यम से किसानों को सरकार की योजनाओं, कंटीजेंसी प्लान और खेती से जुड़ी नई तकनीकों के बारे में सरल भाषा में जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
कम वर्षा की स्थिति में कंटीजेंसी प्लान की मिलेगी जानकारी
उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि राज्य सरकार ने कम वर्षा की संभावित स्थिति को ध्यान में रखते हुए कृषि कंटीजेंसी प्लान तैयार किया है।
डिजिटल कृषि रथ के माध्यम से किसानों को यह समझाया जाएगा कि यदि समय पर पर्याप्त बारिश नहीं होती है, तो उन्हें किन फसलों की खेती करनी चाहिए, किस प्रकार सिंचाई करनी चाहिए तथा किस तरह कम पानी में भी अच्छी पैदावार प्राप्त की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि सही समय पर सही जानकारी मिलने से किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकेगा।
धान के अलावा वैकल्पिक फसलों पर रहेगा विशेष जोर
जागरूकता अभियान के दौरान किसानों को बताया जाएगा कि केवल धान पर निर्भर रहने के बजाय वे अन्य वैकल्पिक फसलों की खेती भी कर सकते हैं।
कम वर्षा की स्थिति में कम पानी वाली फसलें किसानों के लिए अधिक लाभदायक साबित हो सकती हैं। कृषि विशेषज्ञ किसानों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार उपयुक्त फसल चयन करने की सलाह देंगे।
इससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ खेती में जोखिम भी कम होगा।
एल-नीनो के संभावित प्रभाव को देखते हुए विशेष अभियान
आत्मा (ATMA) जिला कृषि विभाग की उप परियोजना निदेशक गीता कुमारी ने बताया कि इस वर्ष खरीफ मौसम में एल-नीनो (El Niño) के संभावित प्रभाव के कारण सामान्य से कम वर्षा होने की आशंका जताई गई है।

इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग ने डिजिटल कृषि रथ के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान शुरू किया है ताकि किसान समय रहते अपनी खेती की रणनीति बदल सकें।
उन्होंने कहा कि मौसम की चुनौतियों का सामना करने के लिए किसानों को वैज्ञानिक खेती अपनाने की आवश्यकता है।
आधुनिक कृषि तकनीकों से होंगे किसान जागरूक
डिजिटल कृषि रथ के माध्यम से किसानों को केवल वैकल्पिक फसलों की जानकारी ही नहीं दी जाएगी, बल्कि आधुनिक कृषि तकनीकों से भी परिचित कराया जाएगा।
इस दौरान किसानों को निम्न विषयों पर जानकारी दी जाएगी—
- आधुनिक खेती की तकनीक
- उन्नत किस्म के बीजों का उपयोग
- जल संरक्षण एवं सिंचाई प्रबंधन
- कृषि यंत्रीकरण
- मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के उपाय
- मौसम आधारित खेती
- सरकारी कृषि योजनाओं का लाभ
इससे किसान नई तकनीकों को अपनाकर कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकेंगे।
गांव-गांव पहुंचेगी सरकारी योजनाओं की जानकारी
डिजिटल कृषि रथ किसानों को राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कृषि योजनाओं की भी जानकारी देंगे।
कई बार जानकारी के अभाव में किसान सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते हैं। इस अभियान के माध्यम से किसानों को सब्सिडी, कृषि यंत्र, बीज वितरण, सिंचाई योजनाएं, प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा अन्य सरकारी सुविधाओं की जानकारी सीधे उनके गांव में उपलब्ध कराई जाएगी।
कृषि को सुरक्षित और लाभकारी बनाने की पहल
उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि डिजिटल कृषि रथ किसानों के लिए एक चलती-फिरती कृषि पाठशाला की तरह कार्य करेंगे। इस पहल से किसानों को विशेषज्ञों की सलाह समय पर मिलेगी और वे मौसम की परिस्थितियों के अनुसार अपनी खेती की योजना बना सकेंगे।
उन्होंने विश्वास जताया कि यह अभियान किसानों को आधुनिक खेती अपनाने, उत्पादन बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा अभियान
पूर्वी सिंहभूम जिले में शुरू किया गया यह डिजिटल कृषि जागरूकता अभियान किसानों को बदलते मौसम के अनुरूप खेती करने के लिए प्रेरित करेगा। कम वर्षा की संभावनाओं के बीच वैकल्पिक फसल, जल प्रबंधन, आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर यह पहल किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि क्षेत्र को अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। जिला प्रशासन और कृषि विभाग को उम्मीद है कि इस अभियान का लाभ जिले के हजारों किसान उठाएंगे और मौसम की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर सकेंगे।

















