मौसम मनोरंजन चुनाव टेक्नोलॉजी खेल क्राइम जॉब सोशल लाइफस्टाइल देश-विदेश व्यापार मोटिवेशनल मूवी धार्मिक त्योहार Inspirational गजब-दूनिया

Srinath विश्वविद्यालय में 13 से 17 जुलाई तक पांच दिवसीय रोबोटिक्स एवं एम्बेडेड सिस्टम कार्यशाला डिप्लोमा और बी.टेक छात्रों को मिलेगा उद्योग आधारित प्रशिक्षण

On: July 9, 2026 7:03 PM
Follow Us:
Untitled Design 7 5
---Advertisement---

यहां आपका विज्ञापन लग सकता है!

अपने ब्रांड या सर्विस को हजारों विज़िटर्स तक पहुंचाने का बेहतरीन मौका। टार्गेटेड ऑडियंस और बेहतर विज़िबिलिटी के साथ, इस जगह पर लगाएं अपना ऐड!

Book Now

या कॉल करें: +91-7004699926

Netaji 2 1

जमशेदपुर: Srinath विश्वविद्यालय एक बार फिर तकनीकी शिक्षा को व्यावहारिक और उद्योगोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहा है। विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग द्वारा 13 जुलाई से 17 जुलाई तक पांच दिवसीय रोबोटिक्स एवं एम्बेडेड सिस्टम कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यशाला विशेष रूप से डिप्लोमा और बी.टेक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित की जा रही है, ताकि उन्हें आधुनिक तकनीक, ऑटोमेशन और इंडस्ट्री में तेजी से बढ़ती रोबोटिक्स की दुनिया से व्यावहारिक रूप से जोड़ा जा सके।

Headlines

Netaji 3

विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित यह कार्यशाला केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं होगी, बल्कि इसमें विद्यार्थियों को रोबोटिक्स और एम्बेडेड सिस्टम्स के विभिन्न पहलुओं का प्रैक्टिकल, हैंड्स-ऑन और इंडस्ट्री बेस्ड एक्सपोजर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य छात्रों को केवल किताबों तक सीमित न रखकर उन्हें वास्तविक तकनीकी दुनिया की जरूरतों के अनुसार तैयार करना है।

13 जुलाई से शुरू होगी पांच दिवसीय रोबोटिक्स एवं एम्बेडेड सिस्टम कार्यशाला

Srinath विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग में आयोजित होने वाली यह कार्यशाला 13 जुलाई 2026 से शुरू होकर 17 जुलाई 2026 तक चलेगी। पांच दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यार्थियों को रोबोटिक्स, एम्बेडेड सिस्टम, ऑटोमेशन और इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल सिस्टम्स से जुड़ी मूलभूत और उन्नत जानकारी दी जाएगी।

यह कार्यशाला विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग में आयोजित की जाएगी, जहां छात्रों को एक संरचित प्रशिक्षण मॉड्यूल के तहत चरणबद्ध तरीके से सिखाया जाएगा कि रोबोटिक सिस्टम कैसे काम करते हैं, उन्हें कैसे डिजाइन किया जाता है और किस प्रकार माइक्रोकंट्रोलर आधारित सिस्टम्स को प्रोग्राम किया जाता है। इस तरह यह कार्यक्रम छात्रों के लिए तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकता है।

डिप्लोमा और बी.टेक छात्रों को मिलेगा प्रैक्टिकल और इंडस्ट्री बेस्ड प्रशिक्षण

इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य डिप्लोमा एवं बी.टेक के विद्यार्थियों को रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और एम्बेडेड सिस्टम्स के क्षेत्र में व्यावहारिक एवं उद्योग आधारित प्रशिक्षण प्रदान करना है। वर्तमान समय में इंजीनियरिंग शिक्षा केवल थ्योरी तक सीमित नहीं रह सकती, क्योंकि इंडस्ट्री की मांग ऐसे युवाओं की है जो तकनीक को समझने के साथ-साथ उसे वास्तविक जीवन की समस्याओं पर लागू भी कर सकें।

इसी को ध्यान में रखते हुए इस कार्यशाला को इस तरह डिजाइन किया गया है कि प्रतिभागियों को वास्तविक उपकरणों, कंट्रोल सिस्टम्स और प्रोग्रामिंग प्लेटफॉर्म्स के साथ काम करने का मौका मिले। इससे छात्र यह समझ पाएंगे कि रोबोटिक्स और एम्बेडेड सिस्टम केवल एक अकादमिक विषय नहीं, बल्कि आज के औद्योगिक और तकनीकी परिवेश का बेहद अहम हिस्सा हैं। यह प्रशिक्षण उन्हें भविष्य में उच्च शिक्षा, प्रोजेक्ट विकास, स्टार्टअप, रिसर्च या इंडस्ट्री जॉब्स में भी मदद कर सकता है।

रोबोटिक्स की मूलभूत अवधारणाओं से लेकर रोबोट डिजाइन तक मिलेगा प्रशिक्षण

कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को रोबोटिक्स की बेसिक कॉन्सेप्ट्स से लेकर रोबोट डिजाइन और कंट्रोल तक की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसमें उन्हें समझाया जाएगा कि रोबोट क्या होता है, उसका ढांचा कैसे तैयार किया जाता है, वह सेंसर और मोटर्स की मदद से कैसे काम करता है और उसे किस प्रकार नियंत्रित किया जाता है।

छात्रों को यह भी सिखाया जाएगा कि एक रोबोटिक सिस्टम केवल मैकेनिकल स्ट्रक्चर नहीं होता, बल्कि इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स, सर्किट डिजाइन, सॉफ्टवेयर लॉजिक और ऑटोमेशन का भी बड़ा योगदान होता है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागी रोबोटिक्स की अवधारणाओं को केवल पढ़ेंगे नहीं, बल्कि उन्हें समझकर व्यवहारिक रूप से लागू करना भी सीखेंगे। इससे उनके अंदर तकनीक के प्रति आत्मविश्वास और समझ दोनों मजबूत होंगे।

इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स, सेंसर, एक्ट्यूएटर्स और माइक्रोकंट्रोलर्स पर फोकस

कार्यशाला में रोबोटिक्स और एम्बेडेड सिस्टम्स से जुड़े उन महत्वपूर्ण तकनीकी तत्वों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जो किसी भी स्मार्ट या ऑटोमेटेड सिस्टम की नींव होते हैं। विद्यार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स, सेंसर, एक्ट्यूएटर्स, माइक्रोकंट्रोलर्स और इनके आपसी समन्वय के बारे में विस्तार से बताया जाएगा।

उन्हें यह समझाया जाएगा कि सेंसर किस प्रकार किसी वातावरण या वस्तु से जानकारी प्राप्त करते हैं, एक्ट्यूएटर्स उस जानकारी के आधार पर किस तरह प्रतिक्रिया देते हैं, और माइक्रोकंट्रोलर पूरे सिस्टम को नियंत्रित करने में कैसे केंद्रीय भूमिका निभाता है। इस तरह छात्रों को यह समझने का अवसर मिलेगा कि एक रोबोटिक सिस्टम या एम्बेडेड डिवाइस के भीतर विभिन्न हार्डवेयर घटक किस तरह मिलकर काम करते हैं।

प्रोग्रामिंग और रोबोटिक सिस्टम निर्माण का मिलेगा हैंड्स-ऑन अनुभव

इस पांच दिवसीय कार्यशाला की सबसे खास बात यह होगी कि इसमें छात्रों को केवल सिद्धांत नहीं, बल्कि हैंड्स-ऑन लैब सत्रों के माध्यम से वास्तविक अनुभव भी दिया जाएगा। प्रतिभागियों को प्रोग्रामिंग की मदद से माइक्रोकंट्रोलर आधारित सिस्टम को नियंत्रित करना, सेंसर से डेटा लेना, आउटपुट डिवाइस चलाना और एक बेसिक रोबोटिक सिस्टम तैयार करना सिखाया जाएगा।

हैंड्स-ऑन सत्रों के दौरान छात्र स्वयं उपकरणों के साथ काम करेंगे, कोड लिखेंगे, सर्किट कनेक्ट करेंगे और छोटे-छोटे रोबोटिक मॉडल या कंट्रोल सिस्टम विकसित करने का अभ्यास करेंगे। इससे उनकी तकनीकी समझ कहीं अधिक मजबूत होगी, क्योंकि इंजीनियरिंग में वास्तविक सीख अक्सर प्रयोग और अभ्यास के माध्यम से ही विकसित होती है। यह अनुभव भविष्य में उनके अकादमिक प्रोजेक्ट्स, प्रतियोगिताओं और रोजगार के अवसरों में भी उपयोगी साबित होगा।

विशेषज्ञ व्याख्यान और लाइव डेमोंस्ट्रेशन से मिलेगा उद्योग का अनुभव

कार्यशाला में विद्यार्थियों को केवल कक्षा आधारित प्रशिक्षण ही नहीं मिलेगा, बल्कि विशेषज्ञ व्याख्यान (Expert Lectures) और लाइव डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से उन्हें उद्योग की वर्तमान तकनीकों से भी परिचित कराया जाएगा। यह पहल इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि आज की इंजीनियरिंग शिक्षा में केवल पाठ्यक्रम आधारित जानकारी पर्याप्त नहीं मानी जाती। छात्रों को यह भी समझना जरूरी है कि उद्योग में किस तरह की तकनीकें उपयोग हो रही हैं और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोग क्या हैं।

लाइव डेमोंस्ट्रेशन के दौरान प्रतिभागी देख सकेंगे कि किसी रोबोटिक सिस्टम को वास्तविक समय में कैसे डिजाइन, असेंबल और प्रोग्राम किया जाता है। इससे उन्हें केवल देखने का नहीं, बल्कि समझने और सीखने का भी मौका मिलेगा। इस तरह कार्यशाला छात्रों को अकादमिक ज्ञान और औद्योगिक व्यवहारिकता के बीच की दूरी को कम करने में मदद करेगी।

प्रयोग इंडिया, रांची के तकनीकी विशेषज्ञ करेंगे सत्रों का संचालन

इस कार्यशाला के तकनीकी सत्र प्रयोग इंडिया, रांची के अनुभवी तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा संचालित किए जाएंगे। यह जानकारी कार्यक्रम को और भी महत्वपूर्ण बनाती है, क्योंकि छात्रों को ऐसे विशेषज्ञों से सीखने का मौका मिलेगा जो न केवल तकनीकी विषयों में दक्ष हैं, बल्कि उद्योग और प्रैक्टिकल एप्लिकेशन की समझ भी रखते हैं।

प्रयोग इंडिया की टीम विद्यार्थियों को नवीनतम औद्योगिक तकनीकों, रोबोटिक्स के आधुनिक उपयोग, एम्बेडेड सिस्टम्स के व्यावहारिक अनुप्रयोग और वास्तविक प्रोजेक्ट आधारित सोच से परिचित कराएगी। इससे छात्रों को यह समझने में मदद मिलेगी कि जो तकनीक वे सीख रहे हैं, उसका उपयोग उद्योग, ऑटोमेशन, स्मार्ट डिवाइसेस, रोबोटिक्स और कंट्रोल सिस्टम्स में किस तरह किया जाता है। यह अनुभव उनके करियर विकास के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है।

तकनीकी दक्षता, समस्या समाधान, टीमवर्क और इनोवेशन स्किल्स पर जोर

विश्वविद्यालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार इस कार्यशाला को इस प्रकार तैयार किया गया है कि इससे विद्यार्थियों की तकनीकी दक्षता, समस्या समाधान क्षमता, टीमवर्क और नवाचार कौशल का समग्र विकास हो सके। इंजीनियरिंग शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा पास कराना नहीं, बल्कि ऐसे प्रोफेशनल तैयार करना है जो वास्तविक समस्याओं का समाधान तकनीक की मदद से कर सकें।

रोबोटिक्स और एम्बेडेड सिस्टम जैसे क्षेत्र छात्रों को विश्लेषणात्मक सोच, लॉजिकल अप्रोच, हार्डवेयर-सॉफ्टवेयर इंटीग्रेशन और क्रिएटिव प्रॉब्लम सॉल्विंग की दिशा में आगे बढ़ाते हैं। जब छात्र टीम में मिलकर किसी रोबोटिक मॉडल पर काम करते हैं, तो उनके अंदर सहयोग, संचार और नेतृत्व जैसी क्षमताएं भी विकसित होती हैं। यही कारण है कि इस कार्यशाला को केवल तकनीकी प्रशिक्षण न मानकर एक स्किल डेवलपमेंट प्लेटफॉर्म के रूप में भी देखा जा रहा है।

वास्तविक रोबोटिक अनुप्रयोगों पर काम करने का मिलेगा अवसर

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को वास्तविक रोबोटिक अनुप्रयोगों पर काम करने का अवसर भी मिलेगा। यह पहल छात्रों के लिए विशेष रूप से उपयोगी होगी, क्योंकि इससे वे यह समझ पाएंगे कि रोबोटिक्स केवल लैब तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि इसका उपयोग ऑटोमेशन, इंडस्ट्रियल कंट्रोल, स्मार्ट मशीन, हेल्थकेयर, सर्विलांस, एजुकेशन और कई अन्य क्षेत्रों में किया जा रहा है।

वास्तविक अनुप्रयोगों पर काम करने से छात्र न केवल तकनीकी कौशल सीखेंगे, बल्कि यह भी समझ पाएंगे कि उद्योग की मौजूदा जरूरतें क्या हैं और भविष्य में किन तकनीकों की मांग बढ़ने वाली है। इससे उनकी रोजगार क्षमता, प्रोजेक्ट डेवलपमेंट क्षमता और तकनीकी आत्मविश्वास में निश्चित रूप से वृद्धि होगी।

सफल प्रतिभागियों को मिलेगा सहभागिता प्रमाण-पत्र

कार्यशाला में भाग लेने वाले और प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले सभी विद्यार्थियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा। यह प्रमाण-पत्र न केवल छात्रों के लिए एक उपलब्धि होगा, बल्कि उनके अकादमिक और प्रोफेशनल प्रोफाइल को भी मजबूत करेगा। आज के प्रतिस्पर्धी दौर में ऐसे प्रमाण-पत्र विद्यार्थियों के रिज्यूमे, इंटर्नशिप आवेदन और करियर अवसरों में अतिरिक्त मूल्य जोड़ते हैं।

इसके अलावा, प्रमाण-पत्र यह भी दर्शाएगा कि प्रतिभागी ने रोबोटिक्स एवं एम्बेडेड सिस्टम्स जैसे उभरते तकनीकी क्षेत्र में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इससे उनके भीतर आगे भी तकनीकी कार्यशालाओं, प्रोजेक्ट्स और इनोवेशन आधारित गतिविधियों में भाग लेने का उत्साह बढ़ेगा।

विद्यार्थियों में उत्साह, बहु-विषयक भागीदारी की संभावना

विश्वविद्यालय को उम्मीद है कि इस कार्यशाला में विभिन्न इंजीनियरिंग शाखाओं से विद्यार्थी उत्साहपूर्वक भाग लेंगे। रोबोटिक्स और एम्बेडेड सिस्टम एक ऐसा क्षेत्र है, जो केवल इलेक्ट्रिकल या इलेक्ट्रॉनिक्स तक सीमित नहीं है, बल्कि मैकेनिकल, कंप्यूटर साइंस, मेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमेशन और अन्य तकनीकी शाखाओं के छात्रों के लिए भी समान रूप से उपयोगी है।

ऐसे में यह कार्यशाला बहु-विषयक तकनीकी सीख का मंच बन सकती है, जहां अलग-अलग पृष्ठभूमि के विद्यार्थी एक साथ सीखेंगे, प्रयोग करेंगे और तकनीकी समाधान विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। इससे विश्वविद्यालय के भीतर तकनीकी नवाचार और इंटरडिसिप्लिनरी लर्निंग की संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा।

जमशेदपुर के Srinath विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाली पांच दिवसीय रोबोटिक्स एवं एम्बेडेड सिस्टम कार्यशाला डिप्लोमा और बी.टेक विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकती है। 13 जुलाई से 17 जुलाई तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को रोबोटिक्स, सेंसर, माइक्रोकंट्रोलर्स, प्रोग्रामिंग, रोबोट डिजाइन और एम्बेडेड सिस्टम्स की गहरी समझ के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी मिलेगा।

विशेषज्ञ व्याख्यान, लाइव डेमोंस्ट्रेशन, हैंड्स-ऑन लैब सत्र और उद्योग आधारित तकनीकी मार्गदर्शन इस कार्यशाला को और उपयोगी बनाते हैं। यह पहल न केवल छात्रों की तकनीकी दक्षता बढ़ाएगी, बल्कि उन्हें भविष्य की उभरती तकनीकों और इंडस्ट्री की मांगों के अनुरूप तैयार करने में भी अहम भूमिका निभाएगी। कुल मिलाकर, यह कार्यशाला श्रीनाथ विश्वविद्यालय की उस सोच को दर्शाती है, जिसमें शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित न रखकर कौशल, नवाचार और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण से जोड़ा जा रहा है।

Netaji 4

और पढ़ें

Untitled Design 6 4

Musabani में बड़ी मात्रा में अवैध शराब की खेप बरामद टाटा मैजिक से 312 बोतल शराब जब्त दो गिरफ्तार

Untitled Design 5 5

Tata स्टील के वेस्ट बोकारो डिवीजन में डीजीएमएस के 125 वर्ष पूरे होने पर वृक्षारोपण अभियान 120 से ज्यादा फलदार पौधे लगाए गए

Untitled Design 4 3

चाकुलिया में SIR-2026 कार्यों का जायजा लेने पहुंचे उपायुक्त राजीव रंजन मतदाताओं से गणना प्रपत्र भरने की अपील

Untitled Design 3 3

DM राजीव रंजन ने चाकुलिया अंचल एवं प्रखंड कार्यालय का किया निरीक्षण, SIR-2026, विकास कार्य और राजस्व मामलों की समीक्षा

Untitled Design 2 5

Ghatshila के कृषि विज्ञान केन्द्र में महिला किसान गोष्ठी का आयोजन महिला अनुकूल कृषि यंत्रों की दी गई जानकारी

Untitled Design 2 4

El Nino की चुनौती पर सरकार अलर्ट हर हफ्ते हाई-लेवल मॉनिटरिंग कर रहे शिवराज सिंह चौहान

Leave a Comment