
जमशेदपुर: पश्चिम के विधायक Saryu Roy ने बुधवार को सोनारी के कुंज नगर क्षेत्र का दौरा कर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उनके साथ उनके प्रतिनिधि मुकुल मिश्रा सहित कई स्थानीय लोग मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान विधायक ने सफाई व्यवस्था, सफाईकर्मियों की उपस्थिति, उनके वेतन, पीएफ और ईएसआई जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान सामने आई अनियमितताओं पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सफाईकर्मियों को उचित वेतन, सामाजिक सुरक्षा और पर्याप्त संख्या में नियुक्त करना बेहद जरूरी है।
50 की जगह केवल 32 सफाईकर्मी मिले मौजूद
सोनारी के कुंज नगर में निरीक्षण के दौरान सरयू राय ने पाया कि जहां कुल 50 सफाईकर्मियों की तैनाती होनी चाहिए, वहां केवल 32 सफाईकर्मी ही कार्यस्थल पर मौजूद थे।
उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में सफाईकर्मियों की अनुपस्थिति का सीधा असर क्षेत्र की साफ-सफाई पर पड़ता है। यदि निर्धारित संख्या में कर्मचारी उपस्थित नहीं रहेंगे तो नियमित सफाई संभव नहीं होगी और इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि नगर निकाय को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी सफाईकर्मी समय पर ड्यूटी पर उपस्थित रहें और जिनकी अनुपस्थिति है, उसकी भी जांच हो।
सफाईकर्मियों ने वेतन को लेकर जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान मौजूद सफाईकर्मियों ने विधायक सरयू राय से बातचीत करते हुए बताया कि उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित मानक के अनुसार पूरा वेतन नहीं मिल रहा है।
सफाईकर्मियों ने कहा कि उन्हें मिलने वाली मजदूरी में कटौती की जाती है, लेकिन यह स्पष्ट जानकारी नहीं दी जाती कि किस मद में कितनी राशि काटी जा रही है। उन्होंने वेतन संबंधी पारदर्शिता की कमी पर भी चिंता जताई।
इस पर सरयू राय ने कहा कि किसी भी श्रमिक को उसके अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता और यदि सरकार ने न्यूनतम मजदूरी तय की है तो उसका पूरा पालन होना चाहिए।
1 अप्रैल 2026 की अधिसूचना का किया उल्लेख
सरयू राय ने बताया कि झारखंड सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार अनस्किल्ड (अकुशल) मजदूरों को 491 रुपये प्रतिदिन का भुगतान किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इसी निर्धारित मजदूरी में से कर्मचारी भविष्य निधि (पीएफ) और कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) की राशि काटी जानी चाहिए। यदि इससे कम भुगतान किया जा रहा है तो इसकी जांच आवश्यक है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी का पालन हर हाल में होना चाहिए और किसी भी कर्मचारी को उसका वैधानिक अधिकार मिलना चाहिए।
पीएफ और ईएसआई की जानकारी तक नहीं है सफाईकर्मियों को
निरीक्षण के दौरान सबसे चिंताजनक बात यह सामने आई कि अधिकांश सफाईकर्मियों को यह तक जानकारी नहीं थी कि उनके वेतन से पीएफ और ईएसआई के नाम पर कितनी राशि काटी जाती है।
सफाईकर्मियों ने बताया कि उन्हें केवल हाथ में मिलने वाला वेतन पता होता है, लेकिन कटौती का पूरा विवरण कभी उपलब्ध नहीं कराया जाता।
इस पर सरयू राय ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि प्रत्येक कर्मचारी को यह जानने का पूरा अधिकार है कि उसके वेतन से कितनी राशि किस मद में काटी जा रही है।
जेएनएसी अधिकारियों से फोन पर मांगा जवाब
मौके पर ही सरयू राय ने जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) के संबंधित अधिकारी को फोन कर पीएफ और ईएसआई की कटौती की पूरी जानकारी मांगी।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी सफाईकर्मियों को लिखित रूप से बताया जाए कि उनके वेतन से कितनी राशि पीएफ और कितनी ईएसआई में जमा की जा रही है।
साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जो सफाईकर्मी अब तक ईएसआई योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं, उन्हें जल्द से जल्द इस योजना से जोड़ा जाए ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं मिल सकें।
सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की जरूरत
सरयू राय ने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार लाने के लिए केवल कर्मचारियों की संख्या बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरी व्यवस्था को व्यवस्थित और जवाबदेह बनाना होगा।
उन्होंने कहा कि पिछले लगभग 10 वर्षों से सफाई व्यवस्था में अपेक्षित सुधार देखने को नहीं मिला है। हर वर्ष वही समस्याएं सामने आती हैं और समाधान की दिशा में ठोस प्रयास नहीं किए जाते।
उन्होंने कहा कि नगर निकाय को नियमित निगरानी, समयबद्ध उपस्थिति और बेहतर प्रबंधन की दिशा में गंभीरता से कार्य करना चाहिए।
जेएनएसी से मांगी विस्तृत रिपोर्ट
विधायक ने बताया कि उन्होंने जेएनएसी से पूरे सफाई तंत्र की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में यह स्पष्ट होना चाहिए कि कुल कितने सफाईकर्मी कार्यरत हैं, कितने कर्मचारी प्रतिदिन उपस्थित रहते हैं, कितने ठेकेदार कार्य कर रहे हैं और सफाई व्यवस्था की निगरानी किस प्रकार की जा रही है।
उनका कहना था कि बिना सही आंकड़ों के किसी भी समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है।
अब मानगो और कदमा का भी करेंगे निरीक्षण
सरयू राय ने कहा कि सोनारी के बाद वह जल्द ही मानगो और कदमा क्षेत्र का भी दौरा करेंगे।
उन्होंने बताया कि मानगो नगर निगम से सफाईकर्मियों की कुल संख्या, ठेकेदारों की संख्या, कार्य प्रणाली और सफाई व्यवस्था से जुड़ी अन्य जानकारियां मांगी जाएंगी।
इसके अलावा वह स्वयं मौके पर जाकर यह भी जांच करेंगे कि सफाईकर्मी समय पर ड्यूटी पर आते हैं या नहीं तथा क्षेत्र में नियमित सफाई हो रही है या नहीं।
सफाई व्यवस्था के लिए मजबूत सिस्टम बनाने की आवश्यकता
Saryu Roy ने कहा कि शहर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए एक मजबूत और पारदर्शी सिस्टम विकसित करना होगा।
उन्होंने कहा कि केवल कागजों पर कर्मचारियों की संख्या दिखाने से काम नहीं चलेगा। वास्तविक स्थिति की लगातार निगरानी होनी चाहिए और यदि कहीं कमी पाई जाती है तो तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि सफाईकर्मियों के हितों की रक्षा करना उतना ही आवश्यक है जितना शहर को स्वच्छ रखना। यदि कर्मचारियों को उचित वेतन, सामाजिक सुरक्षा और सम्मान मिलेगा, तभी वे बेहतर तरीके से अपना कार्य कर सकेंगे।
निरीक्षण के दौरान कई लोग रहे मौजूद
इस निरीक्षण के दौरान विधायक सरयू राय के साथ उनके प्रतिनिधि मुकुल मिश्रा, रवि ठाकुर, रणजीत प्रसाद सहित दर्जनों स्थानीय कार्यकर्ता और नागरिक मौजूद रहे।
सभी ने क्षेत्र की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा सफाईकर्मियों की समस्याओं के समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया।
सोनारी के कुंज नगर में निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों ने एक बार फिर नगर निकाय की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। निर्धारित संख्या से कम सफाईकर्मियों की उपस्थिति, मानक के अनुरूप वेतन नहीं मिलने की शिकायत, पीएफ और ईएसआई की जानकारी का अभाव तथा वर्षों से चली आ रही व्यवस्थागत कमियां यह संकेत देती हैं कि सफाई व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता है।
विधायक Saryu Roy ने स्पष्ट किया है कि सफाईकर्मियों को सरकार द्वारा निर्धारित मानक के अनुसार वेतन मिलना चाहिए, उनके अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए और नगर निकाय को जवाबदेह बनाकर पूरे शहर में एक प्रभावी एवं पारदर्शी सफाई व्यवस्था विकसित करनी होगी। साथ ही उन्होंने मानगो और कदमा में भी इसी प्रकार का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन करने की बात कही है।














