मौसममनोरंजनचुनावटेक्नोलॉजीखेलक्राइमजॉबसोशललाइफस्टाइलदेश-विदेशव्यापारमोटिवेशनलमूवीधार्मिकत्योहारInspirationalगजब-दूनिया

विभागीय परीक्षा का आयुक्त और DM ने किया निरीक्षण शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न हुई परीक्षा

810c92dedce0cbe5e9d700a4ea327a2e
On: June 2, 2026 9:35 PM
Follow Us:
Untitled Design 21
---Advertisement---

यहां आपका विज्ञापन लग सकता है!

अपने ब्रांड या सर्विस को हजारों विज़िटर्स तक पहुंचाने का बेहतरीन मौका। टार्गेटेड ऑडियंस और बेहतर विज़िबिलिटी के साथ, इस जगह पर लगाएं अपना ऐड!

Book Now

या कॉल करें: +91-7004699926

B 1

चाईबासा: DM पश्चिमी सिंहभूम जिले में राजपत्रित पदाधिकारियों एवं अराजपत्रित कर्मियों के लिए आयोजित विभागीय परीक्षा मंगलवार को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न हुई। परीक्षा के सफल संचालन को सुनिश्चित करने के लिए सिंहभूम प्रमंडलीय आयुक्त रवि रंजन कुमार विक्रम तथा जिला उपायुक्त मनीष कुमार ने परीक्षा केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

A 2

चाईबासा स्थित +2 मांगीलाल रूंगटा उच्च विद्यालय में आयोजित इस विभागीय परीक्षा में विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। मंगलवार को जनजातीय भाषा विषय की परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में परीक्षार्थी शामिल हुए। जिला प्रशासन द्वारा परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए व्यापक तैयारियां की गई थीं।

परीक्षा केंद्र पहुंचकर अधिकारियों ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा

परीक्षा के दौरान सिंहभूम प्रमंडलीय आयुक्त रवि रंजन कुमार विक्रम और उपायुक्त मनीष कुमार स्वयं परीक्षा केंद्र पहुंचे और वहां की व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परीक्षा कक्षों का भ्रमण किया तथा परीक्षा संचालन में प्रतिनियुक्त अधिकारियों और कर्मियों से जानकारी प्राप्त की।

अधिकारियों ने परीक्षा केंद्र में सुरक्षा व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था, प्रश्न पत्र वितरण प्रक्रिया, परीक्षार्थियों की उपस्थिति तथा परीक्षा संचालन से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि परीक्षा पूरी तरह निर्धारित नियमों और मानकों के अनुरूप संचालित हो रही है।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परीक्षा संचालन में लगे कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए ताकि परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता हर स्तर पर बनी रहे।

THE NEWS FRAME

जनजातीय भाषा विषय की परीक्षा में शामिल हुए विभिन्न विभागों के कर्मचारी

मंगलवार को आयोजित विभागीय परीक्षा में जनजातीय भाषा विषय का प्रश्नपत्र शामिल था। यह परीक्षा राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में कार्यरत राजपत्रित और अराजपत्रित कर्मियों के लिए आयोजित की गई थी।

झारखंड की सांस्कृतिक और भाषाई विविधता को ध्यान में रखते हुए जनजातीय भाषाओं के ज्ञान को प्रशासनिक कार्यों में भी महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी उद्देश्य से विभागीय परीक्षा में जनजातीय भाषा विषय को शामिल किया गया है, ताकि अधिकारियों और कर्मचारियों को स्थानीय भाषाओं और संस्कृति की बेहतर समझ विकसित हो सके।

परीक्षार्थियों ने निर्धारित समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचकर परीक्षा में भाग लिया। प्रशासन द्वारा सभी परीक्षार्थियों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं।

कदाचारमुक्त परीक्षा संचालन पर विशेष जोर

निरीक्षण के दौरान आयुक्त और उपायुक्त ने विशेष रूप से कदाचारमुक्त परीक्षा संचालन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विभागीय परीक्षाएं कर्मचारियों के ज्ञान, दक्षता और प्रशासनिक क्षमता का आकलन करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इसलिए परीक्षा की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।

अधिकारियों ने परीक्षा केंद्र पर तैनात कर्मियों को निर्देश दिया कि किसी भी प्रकार की अनियमितता या कदाचार की संभावना पर तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि सभी परीक्षार्थियों को समान अवसर और निष्पक्ष वातावरण उपलब्ध हो।

जिला प्रशासन की ओर से परीक्षा केंद्र पर निगरानी की समुचित व्यवस्था की गई थी, जिससे परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।

THE NEWS FRAME

परीक्षार्थियों के लिए उपलब्ध कराया गया अनुकूल वातावरण

परीक्षा केंद्र पर पहुंचे अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा देने के लिए शांत, सुरक्षित और अनुकूल वातावरण प्राप्त हो। उन्होंने केंद्र की आधारभूत सुविधाओं का निरीक्षण करते हुए यह देखा कि कहीं किसी प्रकार की असुविधा तो नहीं है।

परीक्षार्थियों को समय पर प्रवेश, बैठने की उचित व्यवस्था, पेयजल सुविधा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई थीं। प्रशासन का प्रयास था कि परीक्षा प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो और परीक्षार्थी पूरी एकाग्रता के साथ परीक्षा दे सकें।

कई परीक्षार्थियों ने भी परीक्षा केंद्र की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि उन्हें परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

पारदर्शी परीक्षा प्रणाली पर प्रशासन का फोकस

जिला प्रशासन लगातार इस बात पर जोर दे रहा है कि सभी प्रतियोगी और विभागीय परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित की जाएं। इसी क्रम में इस विभागीय परीक्षा के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए थे।

अधिकारियों ने परीक्षा केंद्र पर मौजूद कर्मियों को निर्देश दिया कि परीक्षा संचालन से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों के अनुरूप पूरी की जाएं। प्रश्नपत्र वितरण, उत्तरपुस्तिका संग्रहण तथा परीक्षार्थियों की उपस्थिति से संबंधित सभी प्रक्रियाओं की निगरानी की गई।

प्रशासन का मानना है कि पारदर्शी परीक्षा प्रणाली न केवल परीक्षार्थियों का विश्वास बढ़ाती है बल्कि संस्थागत व्यवस्था को भी मजबूत बनाती है।

प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने में विभागीय परीक्षाओं की महत्वपूर्ण भूमिका

विशेषज्ञों के अनुसार विभागीय परीक्षाएं सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यकुशलता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इन परीक्षाओं के माध्यम से कर्मचारियों के ज्ञान, विषयगत समझ और प्रशासनिक क्षमता का मूल्यांकन किया जाता है।

जनजातीय भाषा जैसे विषयों का समावेश झारखंड जैसे राज्य में और भी महत्वपूर्ण हो जाता है, जहां विभिन्न जनजातीय समुदायों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत मौजूद है। स्थानीय भाषाओं की समझ प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी और जनोन्मुखी बनाने में सहायक होती है।

इसी कारण विभागीय परीक्षाओं को प्रशासनिक व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

जिला प्रशासन ने की व्यापक तैयारी

विभागीय परीक्षा के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन द्वारा पहले से ही व्यापक तैयारी की गई थी। परीक्षा केंद्र पर पर्याप्त संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी। सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत बनाया गया था ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।

इसके अलावा परीक्षा केंद्र पर सभी आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई थी। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही थी, जिससे परीक्षा प्रक्रिया सुचारू रूप से चलती रही।

परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या तकनीकी समस्या की सूचना नहीं मिली, जो प्रशासनिक तैयारियों की सफलता को दर्शाता है।

निष्पक्षता और अनुशासन का दिखा बेहतर उदाहरण

मंगलवार को आयोजित विभागीय परीक्षा में अनुशासन और निष्पक्षता का बेहतर उदाहरण देखने को मिला। सभी परीक्षार्थियों ने निर्धारित नियमों का पालन करते हुए परीक्षा में भाग लिया। परीक्षा केंद्र पर शांति और व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मियों की भूमिका सराहनीय रही।

निरीक्षण के दौरान आयुक्त और उपायुक्त ने भी परीक्षा संचालन में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की तथा भविष्य में भी इसी प्रकार पारदर्शी और व्यवस्थित परीक्षा आयोजन सुनिश्चित करने का निर्देश

पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा स्थित +2 मांगीलाल रूंगटा उच्च विद्यालय में आयोजित विभागीय परीक्षा प्रशासनिक व्यवस्था, पारदर्शिता और अनुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आई। सिंहभूम प्रमंडलीय आयुक्त रवि रंजन कुमार विक्रम और DM मनीष कुमार द्वारा किए गए निरीक्षण से परीक्षा की विश्वसनीयता और अधिक मजबूत हुई। शांतिपूर्ण, कदाचारमुक्त और व्यवस्थित वातावरण में संपन्न हुई यह परीक्षा प्रशासन की सफल तैयारी और निष्पक्ष परीक्षा संचालन के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

WhatsApp Image 2026 05 11 At 11.09.39 AM

Leave a Comment

Link copied