
- प्रशासनिक और पुलिस सेवाओं के नवनियुक्त अधिकारियों ने आज कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन से शिष्टाचार भेंट की।
📍 रांची | विशेष रिपोर्ट

झारखंड की प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था में नई ऊर्जा भरने की दिशा में आज बड़ा संदेश सामने आया, जब Hemant Soren से कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में नव पदस्थापित अधिकारियों ने शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं रही, बल्कि राज्य के भविष्य की प्रशासनिक दिशा तय करने वाली महत्वपूर्ण बैठक साबित हुई।
मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं देते हुए साफ शब्दों में कहा कि अब उनकी प्राथमिकता केवल और केवल जनहित, सुशासन और विकास होनी चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना ही प्रशासन की सबसे बड़ी परीक्षा है और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री से भेंट करने वालों में आईजी श्री शैलेन्द्र कुमार, आईजी श्री माइकल राज एस एवं आईजी श्री क्रांति कुमार गढ़देशी, उपायुक्त लोहरदगा श्री संदीप कुमार मीणा, उपायुक्त पलामू श्री दिलीप प्रताप सिंह शेखावत, उपायुक्त गुमला श्री दिलेश्वर महतो, उपायुक्त लातेहार श्री संदीप कुमार, उपायुक्त जामताड़ा श्री आलोक कुमार, उपायुक्त साहेबगंज श्री दीपक कुमार दुबे एवं उपायुक्त खूंटी श्री सौरभ कुमार शामिल थे। इसके अलावा पुलिस अधीक्षक बोकारो श्री नाथु सिंह मीणा, पुलिस अधीक्षक देवघर श्री प्रवीण पुष्कर, पुलिस अधीक्षक खूंटी श्री ऋषभ गर्ग, पुलिस अधीक्षक चतरा श्री अनिमेष नैथानी, पुलिस अधीक्षक एसीबी श्री अजय कुमार, पुलिस अधीक्षक जामताड़ा श्री शंभू कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक कोडरमा श्री कुमार शिवशीष तथा पुलिस अधीक्षक पलामू श्री कपिल चौधरी ने भी मुख्यमंत्री से भेंट की।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री का रुख स्पष्ट और सख्त नजर आया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने जिलों में जमीन पर उतरकर काम करें, योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और प्रशासन की कार्यशैली पारदर्शी व जवाबदेह हो। उन्होंने यह भी जोर दिया कि कानून-व्यवस्था को मजबूत रखना और विकास कार्यों को गति देना दोनों समान रूप से जरूरी हैं।
इस अहम मुलाकात में पुलिस और प्रशासनिक सेवा के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इनमें आईजी स्तर के अधिकारी, विभिन्न जिलों के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक शामिल रहे, जिन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी जिम्मेदारियों और भविष्य की कार्ययोजना को लेकर प्रतिबद्धता जताई।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में उनके कार्यों की नियमित समीक्षा की जाएगी और प्रदर्शन के आधार पर ही मूल्यांकन होगा। इससे साफ है कि सरकार अब परिणाम आधारित प्रशासन (Result-Oriented Governance) की ओर तेजी से बढ़ रही है।
यह बैठक इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि हाल के दिनों में झारखंड में प्रशासनिक फेरबदल के बाद यह पहला बड़ा सामूहिक संवाद था। ऐसे में मुख्यमंत्री का सीधा संदेश यह दर्शाता है कि सरकार अब विकास कार्यों में तेजी और प्रशासनिक कसावट दोनों पर एक साथ फोकस कर रही है।
कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास में हुई यह मुलाकात केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि झारखंड में प्रशासनिक सख्ती और विकास की नई शुरुआत का संकेत है। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने स्पष्ट कर दिया है कि अब सरकार की प्राथमिकता सिर्फ योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारकर जनता तक पहुंचाना है।















