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CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में पांच कमरों के निर्माण कार्य का सरयू राय ने किया शिलान्यास

On: April 1, 2026 8:13 PM
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जमशेदपुर: जैसे हर शहर में शिक्षा का एक चमकता सितारा है CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (गर्ल्स), गरमनाला, साकची। आज हम बात करने जा रहे हैं एक ऐसे समाचार की जो न सिर्फ निर्माण कार्य का शिलान्यास है, बल्कि एक स्कूल की सफलता की कहानी भी है। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने हाल ही में इसी स्कूल में पांच कमरों के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। यह कार्य झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद, रांची के सहयोग से 86 लाख 97 हजार रुपये की लागत से शुरू हो रहा है। यह घटना सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में एक नई उम्मीद जगाती है। आइए, इसकी पूरी कहानी को विस्तार से समझते हैं।

CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की प्रेरणादायक यात्रा

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यह स्कूल आज जो ऊंचाइयों पर है, वह रातोंरात नहीं हुआ। 2014 में जब इस स्कूल में महज 50 छात्राएं थीं, तब शिक्षा विभाग इसे बंद करने की कगार पर था। उस मुश्किल वक्त में प्रधानाध्यापिका ने सरयू राय से मदद मांगी। सरयू राय ने न सिर्फ सहयोग किया, बल्कि स्कूल में कई निर्माण कार्य भी कराए। उन्होंने छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए एक अनोखा ऐलान किया – जो 80 प्रतिशत से ज्यादा अंक लाएगी, उसे साइकिल मिलेगी। नतीजा? 35 छात्राओं को साइकिलें मिलीं और स्कूल में छात्राओं की संख्या बढ़ने लगी।

आज यह स्कूल देशभर में अपनी पहचान बना चुका है। हाल ही में कर्नाटक में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में यह स्कूल प्रथम स्थान पर रहा। पढ़ाई के साथ-साथ स्वच्छता में भी यह नंबर वन है। वर्तमान में यहां करीब 900 छात्राएं पढ़ रही हैं। CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में पांच कमरों के निर्माण कार्य का शिलान्यास इसी सफलता को और मजबूत करने का कदम है। सरयू राय का यह योगदान दिखाता है कि एक नेता का व्यक्तिगत प्रयास कितना बड़ा बदलाव ला सकता है।

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सरयू राय का योगदान एक नेता का समर्पण

सरयू राय जमशेदपुर पश्चिम के विधायक हैं और शिक्षा के प्रति उनका लगाव जगजाहिर है। 2014 से लेकर आज तक उन्होंने इस CM स्कूल को संवारने में कोई कसर नहीं छोड़ी। साइकिल वितरण जैसी छोटी-छोटी पहल ने छात्राओं में पढ़ाई के प्रति उत्साह जगाया। आज जब स्कूल में 900 छात्राएं हैं, तो यह उनके प्रयासों का फल है। CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में पांच कमरों के निर्माण कार्य का शिलान्यास उनके द्वारा किया गया, जो स्कूल की बढ़ती जरूरतों को पूरा करेगा। ये कमरे नई कक्षाओं, लाइब्रेरी या लैब के रूप में काम आएंगे, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और ऊंची होगी।

सरयू राय ने शिलान्यास के दौरान कहा कि यह स्कूल अब देश की शान है। स्वच्छता और पढ़ाई में नंबर वन होने का श्रेय शिक्षकों, छात्राओं और समुदाय को जाता है। उनका यह बयान हमें याद दिलाता है कि शिक्षा में निवेश ही देश का भविष्य बनाता है। झारखंड जैसे राज्य में ऐसे मॉडल स्कूल अन्य जगहों के लिए प्रेरणा हैं।

निर्माण कार्य की विस्तृत जानकारी

CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में पांच कमरों के निर्माण कार्य का शिलान्यास एक महत्वपूर्ण कदम है। यह परियोजना झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद, रांची द्वारा वित्त पोषित है। कुल लागत 86 लाख 97 हजार रुपये है। ये पांच कमरे स्कूल की मौजूदा क्षमता को बढ़ाएंगे, खासकर जब 900 छात्राओं के लिए जगह की कमी हो रही है।

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निर्माण की तकनीकी विशेषताएं

निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता वाले सामग्री से होगा। इसमें मजबूत नींव, आधुनिक वेंटिलेशन और सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। स्कूल की स्वच्छता की परंपरा को बनाए रखने के लिए कमरों में पर्यावरण-अनुकूल डिजाइन होगा। अनुमानित समय में यह कार्य पूरा हो जाएगा, ताकि नई शैक्षणिक सत्र से छात्राएं इसका लाभ उठा सकें। यह परियोजना न सिर्फ भौतिक विकास है, बल्कि शिक्षा के विस्तार का प्रतीक भी।

लाभ छात्राओं के भविष्य को मजबूत बनाना

इन नए कमरों से क्या फायदा होगा? सबसे पहले, कक्षाओं की संख्या बढ़ेगी, जिससे छोटे-छोटे बैच में पढ़ाई संभव होगी। दूसरा, विशेष लैब या लाइब्रेरी बन सकती है, जो विज्ञान और कला दोनों में मदद करेगी। तीसरा, स्वच्छता और सुविधाओं में वृद्धि से स्कूल की रैंकिंग और मजबूत होगी। कुल मिलाकर, यह छात्राओं को बेहतर वातावरण देगा, जहां वे देश-दुनिया में नाम रोशन कर सकें।

झारखंड में शिक्षा का नया अध्याय

झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद का यह योगदान सराहनीय है। राज्य सरकार की योजनाओं के तहत ऐसे स्कूलों को मजबूत किया जा रहा है। CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में पांच कमरों के निर्माण कार्य का शिलान्यास इसी दिशा में एक कदम है। जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहर में बालिकाओं की शिक्षा पर फोकस जरूरी है, क्योंकि शिक्षित लड़कियां समाज को आगे ले जाती हैं।

अन्य स्कूलों के लिए प्रेरणा

यह स्कूल अन्य सरकारी स्कूलों के लिए मिसाल है। अगर हर नेता सरयू राय की तरह सक्रिय हो, तो शिक्षा का स्तर बदल जाएगा। स्वच्छता अभियान, प्रोत्साहन योजनाएं और निर्माण कार्य – ये सब मिलकर चमत्कार करते हैं। कर्नाटक में प्रथम स्थान जैसी उपलब्धियां साबित करती हैं कि ग्रामीण या छोटे स्कूल भी राष्ट्रीय स्तर पर चमक सकते हैं।

CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस उपलब्धियां और भविष्य

प्रमुख उपलब्धियां

  1. पढ़ाई में उत्कृष्टता: देशभर में टॉप रैंक।
  2. स्वच्छता में नंबर वन: कर्नाटक कार्यक्रम में प्रथम।
  3. छात्र संख्या: 50 से 900 तक का सफर।
  4. सरयू राय का योगदान: साइकिल वितरण और निर्माण।

भविष्य की योजनाएं

नए कमरों के बाद स्कूल डिजिटल क्लासरूम की ओर बढ़ेगा। खेलकूद और कला गतिविधियों पर जोर बढ़ेगा। सरयू राय जैसे नेताओं के सहयोग से यह स्कूल झारखंड का गौरव बनेगा।

CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में पांच कमरों के निर्माण कार्य का शिलान्यास सिर्फ एक समारोह नहीं, बल्कि भविष्य की नींव है। सरयू राय के नेतृत्व और सरकार के सहयोग से यह स्कूल बालिकाओं के सपनों को पंख दे रहा है। 50 से 900 छात्राओं का सफर बताता है कि मेहनत और समर्पण से कुछ भी संभव है। आइए, हम सब मिलकर ऐसे प्रयासों का समर्थन करें। शिक्षा ही देश का असली धन है। अगर आप जमशेदपुर या झारखंड के हैं, तो इस CM स्कूल का दौरा जरूर करें और प्रेरणा लें।

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