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13 वर्षीय यमुना के दिल में छेद, गरीबी में इलाज बना बड़ी चुनौती

On: December 16, 2025 8:12 PM
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दुर्भाग्य है… पिता–भाई नहीं, विधवा मां के सहारे तीन बहनें

पोटका (पूर्वी सिंहभूम)। यह कहानी सिर्फ एक बच्ची की बीमारी की नहीं, बल्कि गरीबी, असहायता और संघर्ष के बीच उम्मीद की एक किरण की है। पोटका प्रखंड अंतर्गत पोड़ा भूमरी गांव के न्यू टोला की रहने वाली 13 वर्षीय यमुना की जिंदगी अचानक उस समय बदल गई, जब खेलते-खेलते वह कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, पोटका में गिर पड़ी।

यमुना के परिवार की स्थिति बेहद दयनीय है। पिता नहीं हैं, भाई नहीं है, और विधवा मां सोमबारी के सहारे तीन बहनें जीवन संघर्ष कर रही हैं। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है, मझली बहन इंटर की पढ़ाई पूरी कर चुकी है, जबकि यमुना स्वयं कस्तूरबा विद्यालय में आठवीं कक्षा की छात्रा थी। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार की जिंदगी जैसे-तैसे चल ही रही थी कि अचानक यह अनहोनी हो गई।

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विद्यालय में गिरने के बाद वार्डेन द्वारा यमुना की मां सोमबारी को सूचना दी गई। बच्ची की तेज धड़कन, अचानक बेहोश होकर गिरना सामान्य नहीं लगा। जब चिकित्सकीय जांच कराई गई तो जो सच सामने आया, उसने मां के पैरों तले जमीन खिसका दी।
जांच में पता चला कि यमुना के दिल में छेद है

यह सुनते ही मां सोमबारी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। आंखों में सवाल ही सवाल—

  • गरीबी की इस हालत में इलाज कैसे होगा?
  • बच्ची की जिंदगी कैसे बचेगी?

मां की इस पीड़ा को देखकर गांव के ही दो सहृदय व्यक्तियों फूलचंद लोहार एवं कमल बागती ने आगे आकर मदद का हाथ बढ़ाया। दोनों ने यमुना की स्थिति को लेकर पोटका के पूर्व जिला पार्षद करुणा मय मंडल से मुलाकात कर परिवार की पूरी व्यथा सुनाई।

इस पर संवेदनशीलता दिखाते हुए पूर्व जिला पार्षद करुणा मय मंडल स्वयं पीड़िता के घर पहुंचे। उन्होंने पोड़ा भूमरी गांव के न्यू टोला में यमुना से मुलाकात की, उसकी मां और परिवार को ढांढस बंधाया तथा भरोसा दिलाया कि बच्ची को इलाज के लिए अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।

पूर्व जिला पार्षद श्री मंडल ने आश्वासन दिया कि बुधवार को यमुना को ब्रह्मानंद अस्पताल ले जाकर आयुष्मान भारत योजना के तहत समुचित चिकित्सा व्यवस्था करवाई जाएगी, ताकि आर्थिक अभाव बच्ची के इलाज में बाधा न बने।

इस अवसर पर कमल बागती, गोपीनाथ मुर्मू, फूलचंद लोहार एवं सत्यानंद मंडल भी उपस्थित रहे।

यह घटना न सिर्फ एक परिवार के दर्द को उजागर करती है, बल्कि यह भी बताती है कि समय पर सहयोग और मानवीय संवेदना किसी की जिंदगी बचाने की सबसे बड़ी ताकत बन सकती है।

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है। अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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