
बोकारो/गोमिया: झारखंड पुलिस और कोबरा-209 बटालियन को नक्सल विरोधी अभियान में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। बुधवार सुबह गोमिया थाना क्षेत्र के बिरहोरडेरा के जंगलों में हुए मुठभेड़ में ₹5 लाख के इनामी माओवादी कुंवर मांझी उर्फ सहदेव मांझी को मार गिराया गया। उसके पास से AK-47 राइफल, मैगजीन और अन्य सामग्री बरामद की गई है।

यह कार्रवाई झारखंड पुलिस महानिदेशक और पुलिस महानिरीक्षक के निर्देश पर की जा रही राज्यव्यापी नक्सल सफाई अभियान के तहत हुई।
बोकारो के जंगल में मुठभेड़ कैसे हुई?
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि भाकपा (माओवादी) संगठन के शीर्ष नेता सहदेव सोरेन और बिरसेन हेम्ब्रम अपने हथियारबंद दस्ते के साथ किसी बड़ी नक्सली वारदात की तैयारी में हैं।
कोबरा 209 और बोकारो पुलिस की संयुक्त टीम ने जंगल में विशेष सर्च ऑपरेशन शुरू किया। सुबह लगभग 6:00 से 6:30 बजे के बीच, माओवादियों ने पुलिस टीम पर अचानक भारी फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए मोर्चा संभाला।

जंगल में मारे गए माओवादी की पहचान:
फायरिंग थमने के बाद तलाशी अभियान में दो शव मिले।
- पहला शव वर्दीधारी माओवादी कुंवर मांझी का था, जिसकी पहचान उसके दस्तावेज़ों और स्थानीय सूचना से की गई। वह भाकपा (माओवादी) का SZCM सदस्य था और 5 लाख का इनामी था।
- दूसरा शव सामान्य कपड़ों में था, जिसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।
पिछले मुठभेड़ से कनेक्शन:
सूत्रों के मुताबिक कुंवर मांझी 21 अप्रैल 2025 को भी कोबरा 209 बटालियन के जवान प्रानेश्वर कोच की शहादत वाली मुठभेड़ में शामिल था।
बरामद सामग्री में शामिल:
- 1 AK-47 राइफल
- 1 AK-47 मैगजीन (गोलियों सहित)
- अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री
सर्च ऑपरेशन अभी जारी
पुलिस के अनुसार मुठभेड़ स्थल के आसपास अभी भी तलाशी अभियान जारी है। बाकी माओवादी दस्ते के भागे हुए सदस्यों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने कहा कि अभियान खत्म होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
पुलिस का बयान:
“कुंवर मांझी जैसे खूंखार नक्सली के मारे जाने से संगठन को बड़ा झटका लगा है। यह कार्रवाई हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है कि झारखंड को नक्सलमुक्त बनाना ही लक्ष्य है।”
कुंवर मांझी के खिलाफ दर्ज मामले:
| जिला | मामलों की संख्या |
|---|---|
| बोकारो | 21 केस |
| हजारीबाग | 7 केस |












































