
जमशेदपुर : Geo Fencing -चुनाव को ज्यादा पारदर्शी और सही बनाने के लिए जमशेदपुर में एक खास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण मतदान केंद्रों की जियो फेंसिंग यानी उनके सटीक स्थान को डिजिटल नक्शे में दर्ज करने के लिए था।

यह प्रशिक्षण रवीन्द्र भवन सभागार, साकची में हुआ, जिसकी देखरेख जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री कर्ण सत्यार्थी के निर्देश में की गई। कार्यक्रम में जिले की सभी 6 विधानसभा क्षेत्रों के बीएलओ सुपरवाइजर, अमीन, आवास समन्वयक और कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल हुए।
क्या सिखाया गया?
प्रशिक्षण में बताया गया कि कैसे नजरी नक्शा, गूगल मैप, CAD व्यू और Key Map की मदद से हर मतदान केंद्र की सीमाएं तय की जाएं। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी मतदान केंद्र गलत लोकेशन पर न हो। सभी प्रतिभागियों को यह जानकारी पीपीटी और फील्ड अभ्यास के ज़रिए दी गई।
प्रैक्टिकल अभ्यास भी हुआ
प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागियों को 12 टीमों में बांटकर 4 असली मतदान केंद्रों पर ले जाया गया— टैगोर एकेडमी और विवेकानंद उच्च विद्यालय, चेनाब रोड। वहाँ उन्हें जमीन पर नक्शे के अनुसार लोकेशन चिह्नित करना सिखाया गया।
क्या है अगला कदम?
प्रशिक्षण के बाद काम की पूरी योजना भी दी गई, जिसमें ये मुख्य तिथियाँ शामिल हैं:
- 16-21 जून: बीएलओ और सुपरवाइजरों का विस्तृत प्रशिक्षण
- 23-28 जून: नक्शा तैयार करना और टर्निंग पॉइंट्स दर्ज करना
- 1-5 जुलाई: अधिकारी जांच करेंगे
- 7 जुलाई: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को डेटा भेजा जाएगा
- 14-19 जुलाई: ERO-Net पर जानकारी अपडेट की जाएगी
क्यों ज़रूरी है ये जियो फेंसिंग?
इस प्रक्रिया से मतदान केंद्रों की सटीक जानकारी डिजिटल रूप में दर्ज हो सकेगी। इससे मतदाता गड़बड़ी से बचेंगे और चुनाव प्रक्रिया और भी पारदर्शी और भरोसेमंद बन सकेगी।
यह पहल चुनाव को निष्पक्ष, व्यवस्थित और डिजिटल रूप से मज़बूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।
✍️ The News Frame | जमशेदपुर












































