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जादूगोड़ा की आस्था का केंद्र बना मां रंकिनी मंदिर: श्रद्धा, रहस्य और प्रकृति का अद्भुत संगम

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On: June 7, 2025 2:22 PM
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✍️ रिपोर्ट: सौरभ कुमार, जादूगोड़ा

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📍जादूगोड़ा, पूर्वी सिंहभूम – जादूगोड़ा-हाता मुख्य मार्ग से लगभग 3 किलोमीटर दूर कपरीघाट में स्थित मां जगत जननी रंकिनी का भव्य मंदिर ना सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह स्थान अपनी प्राकृतिक खूबसूरती, रहस्यमय कहानियों और भक्तों की अनगिनत आस्थाओं के लिए भी प्रसिद्ध है।

🌺 दृश्य मनमोहक, मूर्ति प्रभावशाली
मां रंकिनी की प्रतिमा चांदी की आंखों के साथ सजी हुई है, जो पहली ही नजर में भक्तों को सम्मोहित कर देती है। मंदिर के चारों ओर फैली हरियाली और पर्वतीय दृश्य इसे और अधिक रमणीय बना देते हैं। मंदिर के सामने पहाड़ी पर स्थापित बजरंगबली की प्रतिमा भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

🙏 श्रद्धालुओं की अपार भीड़
हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां माता के दर्शन और पूजन के लिए पहुंचते हैं, विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार को यहां विशेष पूजा-अर्चना होती है। भक्त लाल कपड़े में सुपाड़ी, नारियल और अक्षत बांधकर अपनी मन्नतें मांगते हैं। मान्यता है कि जब मन्नत पूरी होती है, तो बांधा गया कपड़ा अपने आप खुल जाता है।

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🪔 गर्भगृह और विशेष परंपरा
मंदिर के गर्भगृह में कोई मूर्ति नहीं है, बल्कि एक काले पत्थर को देवी दुर्गा के रूप में पूजा जाता है। परंपरागत रूप से सहाड़ा गांव के भूमिज जाति के पुजारी ही यहां पूजा करते हैं। वर्तमान में मुख्य पुजारी अनिल सिंह मंदिर की देखरेख करते हैं।

📜 इतिहास और रहस्य
मंदिर का इतिहास पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है, लेकिन कथाओं के अनुसार धालभूमगढ़ के राजा जगन्नाथ धाल द्वारा इसकी स्थापना की गई थी। वहीं, एक अन्य लोककथा के अनुसार एक आदिवासी व्यक्ति ने जंगल में आभूषणों से सजी एक रहस्यमयी बालिका को देख देवी के रूप में पहचाना और उनकी प्रेरणा से मंदिर की स्थापना की।

💀 नरबलि की कथाएं भी जुड़ीं
कुछ पुराने किस्सों में मां रंकिनी मंदिर से जुड़ी नरबलि की कथाएं भी सुनने को मिलती हैं, जो इस स्थल को रहस्यमयी बना देती हैं। वर्तमान मंदिर लगभग 73 वर्ष पुराना है और 1954 में ट्रस्ट के माध्यम से इसका प्रबंधन शुरू किया गया।

🌿 प्रकृति के सौंदर्य में डूबने का अवसर
यह मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि प्रकृति प्रेमियों के लिए भी स्वर्ग है। पहाड़ से नीचे देखने पर आसपास का दृश्य इतना सुंदर लगता है कि शब्द भी कम पड़ जाएं।

📣 तो फिर आप कब दर्शन करने आ रहे हैं मां रंकिनी के मंदिर?
यह स्थान न केवल आपकी आस्था को गहराई देगा, बल्कि आपको प्रकृति, संस्कृति और इतिहास की नई झलक भी दिखाएगा।

🔱 मां रंकिनी का आशीर्वाद आप सभी पर बना रहे!

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है। अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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