मौसममनोरंजनचुनावटेक्नोलॉजीखेलक्राइमजॉबसोशललाइफस्टाइलदेश-विदेशव्यापारमोटिवेशनलमूवीधार्मिकत्योहारInspirationalगजब-दूनिया

माननीय न्यायमूर्ति डॉ. बिद्युत रंजन षरंगी, मुख्य न्यायाधीश, झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा ग्राम न्यायालय, बहरागोड़ा का किया गया उदघाटन।

E62719ee456ca2c9a75d424d0979588d
On: July 14, 2024 11:00 PM
Follow Us:
न्यायालय,
---Advertisement---

यहां आपका विज्ञापन लग सकता है!

अपने ब्रांड या सर्विस को हजारों विज़िटर्स तक पहुंचाने का बेहतरीन मौका। टार्गेटेड ऑडियंस और बेहतर विज़िबिलिटी के साथ, इस जगह पर लगाएं अपना ऐड!

Book Now

या कॉल करें: +91-7004699926

B 1

माननीय न्यायमूर्ति श्री सुजीत कुमार प्रसाद, न्यायाधीश झारखण्ड उच्च न्यायालय व अन्य न्यायमूर्तिगण, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अनिल कुमार मिश्रा, जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यक्रम में हुए शामिल।

जमशेदपुर : प्रखंड मुख्यालय बहरागोड़ा में स्थित ग्राम न्यायालय, बहरागोड़ा का उद्घाटन झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति डॉ. बिद्युत रंजन षरंगी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में गरिमामयी उपस्थिति न्यायाधीश, झारखण्ड उच्च न्यायालय माननीय न्यायमूर्ति श्री सुजीत कुमार प्रसाद, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अनिल कुमार मिश्रा तथा अन्य न्यायमूर्तिगण की रही। इस अवसर पर जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त श्री अनन्य मित्तल, वरीय पुलिस अधीक्षक श्री किशोर कौशल, बार काउंसिंल के पदाधिकारी तथा सदस्यगण व न्यायपालिका के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे । अतिथियों का स्वागत केजीबीवी बहरागोड़ा की छात्राओं द्वारा स्वागत गान के साथ किया गया । कार्यक्रम का शुभांरभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

A 2

यह भी पढ़े :इनर व्हील ऑफ जमशेदपुर ने 40वीं डिस्ट्रिक्ट असेंबली ‘मेराकी’ का आयोजन किया।

माननीय न्यायमूर्ति डॉ. बिद्युत रंजन षरंगी ने कहा कि ग्राम न्यायालय का उद्घाटन आम जनता को त्वरित न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में एक कदम है । उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को लागू करने का मुख्य उद्देश्य यहां के ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे नागरिकों को स्थानीय स्तर पर संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से न्याय उपलब्ध कराना है। वैसे व्यक्ति जो घाटशिला या जमशेदपुर जाने में सक्षम नहीं है वे ग्राम न्यायालय से न्याय पा सकते हैं। दीवानी तथा फौजदारी में दो वर्ष तक की सजा वाले मुकदमों की सुनवाई ग्राम न्यायालय में ही होगी। इसके लिए अब लोगों को अनुमंडल या जिला न्यायालय का चक्कर नहीं लगाना होगा । यह न्यायालय 15 जुलाई से ही काम शुरू कर देगी ।

न्यायालय,

माननीय न्यायमूर्ति श्री सुजीत कुमार प्रसाद ने कहा कि माननीय मुख्य न्यायाधीश द्वारा यह कदम उठाया गया जिससे कि आपके घर में न्यायिक प्रक्रिया सुलभ कराया जाए । 2008 में एक्ट पारित हुआ तथा 2009 के अक्टूबर में लागू हुआ जिसके पीछे उद्देश्य था कि स्थानीय स्तर के मुकदमों को कैसे स्थानीय स्तर पर ही निष्पादन किया जाए जिससे लोगों का ज्यादा समय कोर्ट कटहरी के चक्कर में व्यर्थ नहीं करना पड़े और परिवार, समाज के उत्थान में वे अपना समय दें। दो साल से कम की सजा वाले मुकदमों की सुनवाई होगी । उम्मीद है कि यहां के 26 पंचायत के लोग इस ग्राम न्यायालय से पूरी तरह लाभान्वित होंगे ।

यह भी पढ़े :दशकों बाद चक्रधरपुर वासियों को मिलेगा अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय का सौगात।

इस मौके पर माननीय न्यायमूर्तिगण द्वारा सरकार के विभिन्न लोक कल्यणकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन लाभुक तथा मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना, वन पट्टा, केसीसी, एसएचजी क्रेडिट लिंकेज आदि के लाभुकों को स्वीकृति पत्र तथा परिसंपत्ति का वितरण किया गया । साथ ही नशापान मुक्ति को लेकर ग्रामीणों में जनजागरूकता लाने के उद्देश्य से जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाई गई। उन्होने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया।

कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त श्री मनीष कुमार, सिटी सह ग्रामीण एसपी श्री ऋषभ गर्ग समेत जिला स्तरीय प्रशासनिक व पुलिस पदाधिकारी, प्रखंड प्रशासन, स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।

WhatsApp Image 2026 05 11 At 11.09.39 AM

Leave a Comment

धार्मिक

See All

लाइफस्टाइल

See All

मौसम

See All

खेल

See All

क्राइम

See All

Entertainment

See All

ज्योतिष

See All
Link copied