
मेरठ: उत्तर प्रदेश के Meerut से एक बेहद गंभीर और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 16 वर्षीय किशोरी के साथ लंबे समय तक दुष्कर्म किए जाने का खुलासा हुआ है। मामला तब सामने आया जब किशोरी के पेट में तेज दर्द होने पर परिजन उसे डॉक्टर के पास लेकर गए और जांच में पता चला कि वह लगभग आठ माह की गर्भवती है। यह जानकारी मिलते ही परिवार सदमे में आ गया।

यह घटना Kankerkhera थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। परिजनों के अनुसार, किशोरी घर पर ही रहती थी और उन्हें इस पूरे घटनाक्रम की कोई जानकारी नहीं थी। डॉक्टर द्वारा गर्भावस्था की पुष्टि के बाद जब परिवार ने किशोरी से पूछताछ की, तो उसने रोते हुए जो सच बताया, वह बेहद चौंकाने वाला था।
किशोरी ने आरोप लगाया कि मोहल्ले में रहने वाला एक युवक, जो फेरी लगाने का काम करता है, पिछले लगभग डेढ़ साल से उसे बहला-फुसलाकर उसके साथ जबरन संबंध बना रहा था। विरोध करने पर आरोपी उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी देता था। किशोरी के अनुसार, आरोपी उसे एक मंडप में ले जाकर कई बार दुष्कर्म करता रहा।
इस मामले में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। आरोप है कि एक मंडप संचालक ने भी इस कृत्य में आरोपी की मदद की। बताया जा रहा है कि आरोपी युवक और मंडप संचालक के बीच जान-पहचान थी और उसी के माध्यम से यह घटनाएं अंजाम दी जाती थीं। यह जानकारी सामने आने के बाद परिजन और स्थानीय लोग स्तब्ध रह गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई। परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया और त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों के अनुसार, दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। साथ ही, किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
इस घटना ने समाज में सुरक्षा और जागरूकता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर जहां नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर कई कानून और व्यवस्थाएं मौजूद हैं, वहीं दूसरी ओर इस तरह की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि जमीनी स्तर पर अभी भी काफी सुधार की आवश्यकता है।
इसी बीच, Meerut के ही पल्लवपुरम क्षेत्र से छेड़छाड़ का एक और मामला सामने आया है। यहां एक युवती ने एक युवक पर लगातार पीछा करने, छेड़छाड़ करने और धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता के अनुसार, आरोपी अक्सर उसके घर के आसपास घूमता रहता है और विरोध करने पर अभद्रता करता है। पुलिस ने इस मामले में भी शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मेरठ में सामने आए ये दोनों मामले न केवल कानून-व्यवस्था, बल्कि सामाजिक जागरूकता और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करते हैं। खासकर नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर समाज और प्रशासन दोनों को मिलकर ठोस कदम उठाने की जरूरत है। अब देखना होगा कि पुलिस की कार्रवाई कितनी प्रभावी होती है और पीड़ितों को न्याय कब तक मिल पाता है।














