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हिंदी पत्रिका दिवस पर एमएस आईटीआई में विशेष चर्चा: पत्रकारिता की भूमिका और जिम्मेदारी पर हुआ मंथन

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On: May 30, 2025 7:19 PM
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📍 जमशेदपुर, 30 मई : हिंदी पत्रिका दिवस के अवसर पर आज एम.एस. आई.टी.आई. में पत्रकारिता (जर्नलिज्म) की कक्षा के दौरान एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें हिंदी पत्रिका के ऐतिहासिक, सामाजिक और समकालीन महत्व पर गहन चर्चा की गई।

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कार्यक्रम की शुरुआत हिंदी पत्रिका के इतिहास और उसके महत्व को रेखांकित करते हुए हुई। वक्ताओं ने बताया कि हिंदी पत्रिकाओं ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान लोगों को जागरूक करने, विचारों को प्रसारित करने और देश की चेतना को जगाने में अहम भूमिका निभाई थी। आज भी, ये पत्रिकाएं हमारी छोटी-छोटी घटनाओं, जरूरतों और विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का माध्यम हैं।

📖 आम भाषा, आम जीवन से जुड़ाव

वक्ताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया कि हिंदी पत्रिकाएं आम बोलचाल की भाषा में लोगों से संवाद करती हैं। ये सिर्फ सूचना नहीं देतीं, बल्कि समाज के हर तबके को एक साथ जोड़ने का काम करती हैं। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी युवाओं तक, हर वर्ग के लिए पत्रिकाएं एक संवाद का पुल हैं।

THE NEWS FRAME

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🌍 वैश्विक मान्यता और पत्रकारों को सलाम

30 मई को पूरी दुनिया में हिंदी पत्रिका दिवस मनाया जाता है। यह दिन न केवल पत्रिका संपादकों, पत्रकारों और संवाददाताओं को समर्पित है, बल्कि उन पाठकों को भी सम्मान देता है जो पत्रिकाओं को पढ़कर समाज में जागरूकता फैलाते हैं।

कार्यक्रम में इस बात पर गर्व व्यक्त किया गया कि हमारे पत्रकार जान की बाज़ी लगाकर रिपोर्टिंग, फोटोग्राफी, एडिटोरियल और ऑन द स्पॉट कवरेज करते हैं। उनकी मेहनत, प्रतिबद्धता और निर्भीकता को सलाम करते हुए, उपस्थित सभी लोगों ने उन्हें सम्मानपूर्वक याद किया।

👥 आयोजन में सम्मिलित प्रमुख लोग

इस सफल आयोजन को यादगार बनाने में बेरोज के शकीरा, अजीम आबादी, खालिद इकबाल, इमरान, अनवर हुसैन, मेहरून्निसा रोनी, नूरजहां, अब्दुल रशीद, सीमा सभा, तबस्सुम सहित कई अन्य पत्रकार, विद्यार्थी और मीडिया बंधु शामिल रहे।

कार्यक्रम के दौरान पत्रिका की अहमियत, उसकी स्वतंत्रता और सामाजिक जिम्मेदारी पर विचार साझा किए गए। साथ ही यह भी कहा गया कि कुछ लोग यदि मीडिया का गलत इस्तेमाल करते हैं, तो पूरी पत्रकारिता को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। थोड़ी सी बुराई, सच्ची पत्रकारिता की चमक को कम नहीं कर सकती।

🙏 निष्कर्ष

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी उपस्थित जनों का धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि पत्रिका और पत्रकारिता के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी का भाव ही लोकतंत्र को मजबूत बनाता है।

“हिंदी पत्रिका हमारी आवाज़ है, हमारे समाज का आईना है और लोकतंत्र की नींव का एक अहम स्तंभ है।”

✍️ रिपोर्ट: खालिद इकबाल
📞 संपर्क: 9308652107

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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