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मानसिक स्वास्थ्य और तकनीक के संगम पर मंथन, नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय में आयोजित हुई राष्ट्रीय कार्यशाला “MindTech”

On: May 30, 2026 9:45 AM
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जमशेदपुर: मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में शोध, नवाचार और आधुनिक तकनीक की बढ़ती भूमिका को लेकर नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय में दो दिवसीय ऑनलाइन राष्ट्रीय कार्यशाला “MindTech: रीइमेजिनिंग मेंटल हेल्थ थ्रू रिसर्च, इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी” का सफल आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल ने इस कार्यशाला का आयोजन नेशनल एसोसिएशन ऑफ मेंटल हेल्थ एंड अलाइड हेल्थ फाउंडेशन के सहयोग से किया।

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कार्यशाला में देशभर से शोधार्थियों, शिक्षकों, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों और अकादमिक क्षेत्र से जुड़े प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, सुलभ और आधुनिक बनाने में तकनीक, अनुसंधान और नवाचार की भूमिका पर विचार-विमर्श करना था।

विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव और शोध आधारित दृष्टिकोण

कार्यशाला में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े समकालीन विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने डिजिटल मेंटल हेल्थ इंटरवेंशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा आधारित शोध, क्लिनिकल प्रैक्टिस में नवाचार, मानसिक स्वास्थ्य के नैतिक पहलुओं और भविष्य की चुनौतियों पर अपने विचार रखे।

मुख्य वक्ता के रूप में आर्म्ड फोर्स मेडिकल कॉलेज, पुणे की असिस्टेंट प्रोफेसर लेफ्टिनेंट कर्नल प्रेरणा दीक्षित तथा आईआईआईटी रांची के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. जयदीप पति ने प्रतिभागियों को संबोधित किया। दोनों विशेषज्ञों ने बताया कि आधुनिक तकनीक और शोध मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

कुलाधिपति ने युवाओं में जागरूकता बढ़ाने पर दिया जोर

कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मदन मोहन सिंह ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मानसिक स्वास्थ्य एक गंभीर वैश्विक विषय बन चुका है और युवाओं के बीच इसके प्रति जागरूकता बढ़ाना बेहद आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा प्रदान करने का केंद्र नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों और शोधार्थियों के समग्र विकास के लिए भी प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार “माइंडटेक” जैसी कार्यशालाएं नई सोच, अनुसंधान और सामाजिक संवेदनशीलता को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही हैं।

डिजिटल युग में AI की भूमिका बढ़ रही : कुलपति

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. प्रभात कुमार पाणि ने कहा कि तकनीक और शोध के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और आम लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि डिजिटल युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा आधारित रिसर्च मानसिक स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से अपनी उपयोगिता साबित कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों और शोधार्थियों को समसामयिक विषयों पर गंभीर शोध करने और नए समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित करते हैं।

दूरदराज क्षेत्रों तक मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर जोर

लेफ्टिनेंट कर्नल प्रेरणा दीक्षित ने अपने व्याख्यान में कहा कि मानसिक स्वास्थ्य केवल चिकित्सा का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक और मानवीय संवेदनाओं से भी गहराई से जुड़ा हुआ मुद्दा है। उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों तक मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।

वहीं डॉ. जयदीप पति ने कहा कि डेटा आधारित शोध और AI तकनीक मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान, विश्लेषण और समाधान में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। उन्होंने शोधार्थियों को अंतर्विषयक (Interdisciplinary) शोध को बढ़ावा देने की सलाह भी दी।

100 से अधिक प्रतिभागियों ने की सहभागिता

दो दिवसीय इस राष्ट्रीय कार्यशाला में देश के विभिन्न राज्यों से आए 100 से अधिक शोधार्थियों, शिक्षाविदों और मानसिक स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने सहभागिता की। प्रतिभागियों ने कार्यशाला को ज्ञानवर्धक, उपयोगी और प्रेरणादायक बताया।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलसचिव नागेंद्र सिंह, परीक्षा नियंत्रक प्रो. मोईज़ अशरफ, आईक्यूएसी निदेशक डॉ. श्रद्धा वर्मा, डीन रिसर्च एंड इनोवेशन डॉ. ईशिता घोष, डीन एकेडमिक अभिनव कुमार, डीन एडमिनिस्ट्रेशन डॉ. राकेश कुमार सहित कई संकाय सदस्य एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

विशेष बात

मानसिक स्वास्थ्य, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और शोध को एक मंच पर लाकर आयोजित की गई यह कार्यशाला इस बात का संकेत है कि भविष्य में तकनीक आधारित मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं समाज के अधिक व्यापक वर्ग तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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