
झारखंड: सरायकेला-खरसावां जिले से एक बड़ी खबर आ रही है, जहां चर्चित Vijay तिर्की हत्याकांड में लंबे समय से फरार आरोपी शाहनवाज खान उर्फ डाबर को जमशेदपुर के मानगो से गिरफ्तार कर लिया गया। यह पुलिस की तकनीकी निगरानी की सफलता का उदाहरण है, जो अपराधियों के हौसले को तोड़ रही है।

24 दिसंबर 2025 को हुई इस हत्या ने इलाके में सनसनी फैला दी थी। अब छठा आरोपी पकड़ा गया है, लेकिन बाकी फरारों की तलाश जारी है। आइए इस पूरे मामले को गहराई से समझें।
Vijay तिर्की हत्याकांड का पूरा बैकग्राउंड
यह घटना सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र के हारुडीह (या चीलगु) गांव में हुई। 24 दिसंबर 2025 की शाम करीब 5 बजे नदी किनारे मुर्गा पाड़ा (मुर्गा लड़ाई) के दौरान तामोलिया निवासी विजय तिर्की की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
Vijay तिर्की खुद कुख्यात अपराधी था। उसके खिलाफ जमीन विवाद, हत्या, रंगदारी जैसे कई केस दर्ज थे। 2023 में भी उसे हथियार के साथ पकड़ा गया था। मृतक की पत्नी शिवानी तिर्की ने चांडिल थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।
पूछताछ से पता चला कि हत्या पुरानी रंजिश और गैंग वर्चस्व के कारण हुई। जमीन कारोबार से जुड़े Vijay और आरोपियों के बीच विवाद लंबे समय से चल रहा था।
शाहनवाज खान उर्फ डाबर की गिरफ्तारी कैसे हुई?
शाहनवाज खान उर्फ डाबर, मानगो का रहने वाला, मुख्य साजिशकर्ता था। वह कई महीनों से फरार था। चांडिल थाना प्रभारी डिलशन बिरुवा की अगुवाई में विशेष टीम ने गुप्त सूचना पर कार्रवाई की।
तकनीकी निगरानी (लोकेशन ट्रैकिंग) से पता चला कि वह मानगो के वारी कॉलोनी के एक फ्लैट में छिपा है। 27 अप्रैल 2026 के आसपास छापेमारी में उसे धर दबोचा गया। कुछ रिपोर्ट्स में रांची से गिरफ्तारी का जिक्र है, लेकिन मुख्य स्थान मानगो ही रहा।
डाबर पर पहले से 7 गंभीर मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, रंगदारी और आर्म्स एक्ट शामिल। वह लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहा था।
पहले गिरफ्तार आरोपियों का खुलासा
इससे पहले 5 आरोपी पकड़े जा चुके हैं:
- शाहिद खान उर्फ शहजादा (मुंबई से)
- विवेक कुमार मन्ना उर्फ विक्की
- राहुल राव
- मनीष कुमार ठाकुर उर्फ लिगर
- बंटी सरदार
पूछताछ में उन्होंने बताया कि डाबर और रिजवान ने सुपारी दी थी। डाबर ने प्रत्येक को 20-20 हजार रुपये दिए। बंटी और शहजादा ने ही गोली मारी। रिजवान और अन्य फरार हैं।
एसपी निधि द्विवेदी ने कहा कि जांच जारी है, नेटवर्क खंगाला जा रहा।
अपराधी बैकग्राउंड और इलाके की स्थिति
झारखंड के इस इलाके में जमीन विवाद और गैंग वॉर आम हैं। Vijay तिर्की जैसे अपराधी मुर्गा पाड़ा जैसे आयोजनों में सक्रिय रहते। हत्या के पीछे दबदबा कायम रखना मुख्य मकसद था।
शाहनवाज जैसे आरोपी शहरों में छिप जाते हैं। लेकिन आधुनिक तकनीक से पुलिस उन्हें पकड़ रही। यह गिरफ्तारी सरायकेला पुलिस की क्षमता दिखाती है।
भविष्य में अपराध रोकने के उपाय
- तकनीकी निगरानी बढ़ाएं।
- मुखबिर नेटवर्क मजबूत करें।
- जमीन विवादों पर तत्काल कार्रवाई।
- ग्रामीण इलाकों में जागरूकता अभियान।
ये कदम ऐसे हत्याकांडों को रोकेगा।
Vijay तिर्की हत्याकांड में शाहनवाज खान की गिरफ्तारी अपराधियों को संदेश है कि फरार रहना मुश्किल है। पुलिस की सतर्कता से पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा। झारखंड जैसे राज्यों में कानून का राज मजबूत हो, यही उम्मीद है। सतर्क रहें, अपराध से दूर रहें।















