
साकची: Sakchi थाना काण्ड सं0-62/18, दिनांक 27.03.2018 से जुड़ा यह मामला मृतक कुन्दन ठाकुर की हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोपों से संबंधित है। उपलब्ध विवरण के अनुसार इस प्रकरण में पुलिस अनुसंधान के बाद विशाल पाल और रॉकी सिंह की संलिप्तता पाई गई थी, जिसके बाद आरोप पत्र समर्पित किया गया।

मामले की पृष्ठभूमि
वादी योगेश्वर ठाकुर के लिखित आवेदन पर Sakchi थाना में अज्ञात के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 201, 377, 511 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान अनुसंधानकर्ता ने वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए और दोनों अभियुक्तों की भूमिका सामने आई।
न्यायालय की कार्रवाई
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, माननीय अपर एवं सत्र न्यायाधीश-02 के न्यायालय ने अप्राथमिकी अभियुक्त विशाल पाल को आजीवन कारावास और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं रॉकी सिंह के विरुद्ध न्यायालय में कार्यवाही अभी जारी है।
मामला क्यों महत्वपूर्ण है
यह प्रकरण इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें हत्या के साथ-साथ साक्ष्य मिटाने और अन्य गंभीर धाराओं का आरोप शामिल था। ऐसे मामलों में वैज्ञानिक अनुसंधान, गवाहों के बयान और फॉरेंसिक साक्ष्य न्यायिक प्रक्रिया में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
वर्तमान स्थिति
मौजूदा विवरण के अनुसार एक अभियुक्त को सजा हो चुकी है और दूसरे के विरुद्ध सुनवाई चल रही है। यदि आप चाहें, तो मैं इसे शुद्ध हिंदी समाचार शैली में, शीर्षक, उपशीर्षक और निष्कर्ष के साथ तैयार कर सकता हूँ।
Sakchi उपर्युक्त दोनो अभियुक्तो के विरूद्ध आरोप पत्र समर्पित किया गया। तत्पश्चात माननीय न्यायालय में विचारण के कम में अपर लोक अभियोजक श्री कमल सुरेन्द्र एक्का के द्वारा दलील पेश की गयी तत्पश्चात माननीय न्यायालय अपर एवं सत्रन्यायधीश-02 के न्यायालय से काण्ड के अप्राथमिकी अभियुक्त विशाल पाल, पे०-चेतन पाल, सा०-बाबूडीह, थाना-सिदगोड़ा को आजीवन कारवास एवं दस हजार रूपये जुर्माना की सजा सुनाई गयी
रॉकी सिंह, पे०-नाजीर मसीह, सा०-कृष्णा रोड, 10 नं0 बस्ती, थाना-सिदगोड़ा, जिला-पूर्वी सिंहभूम, जमशेदपुर के विरूद्ध माननीय न्यायालय में कार्यवाई चल रही है।














