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भटके हुए तीन बच्चा को त्रिशानु राय के प्रयास से परिजनों को सुरक्षित सकुशल सुपुर्द

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On: April 23, 2026 12:20 AM
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जमशेदपुर: चाईबासा में एक दिल छू लेने वाली घटना घटी। रास्ता भटके हुए रोते तीन मासूम बच्चों को कांग्रेस नेता त्रिशानु राय ने न सिर्फ बचाया, बल्कि दो दिनों के प्रयास से उनके परिजनों तक सकुशल पहुंचाया। यह मानवता का जीता जागता उदाहरण है।

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भटके हुए बच्चों के की घटना

रविवार देर रात ग्रामीण इलाके से तीन बच्चे रास्ता भटके हुए चाईबासा पहुंच गए। डरे-सहमे सड़क किनारे बीएसएनएल ऑफिस के पास रो रहे थे। कांग्रेस के जिला प्रवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता त्रिशानु राय उधर से गुजर रहे थे। बच्चों की हालत देखी तो तुरंत मानवीय कर्तव्य निभाया।

उन्होंने सुरक्षा के लिहाज से चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचना दी। फिर तीनों बच्चों को रेस्क्यू कर बालकुंज, चाईबासा ले गए। वहां उनकी देखभाल हुई और परिजनों का पता लगाने का प्रयास शुरू हुआ।

दो दिनों का प्रयास और परिजनों से मिलन

दो दिनों की मशक्कत के बाद पता चला कि बच्चे मझगांव विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सरकांड के निवासी हैं। बुधवार को परिजन और स्थानीय लोग चाईबासा पहुंचे। समाहरणालय स्थित बाल कल्याण समिति के कार्यालय में सत्यापन और कागजी प्रक्रिया पूरी हुई।

त्रिशानु राय की मौजूदगी में बच्चों को बालकुंज से परिजनों को सौंप दिया गया। माता-पिता अपने लाड़लों को सकुशल पाकर भावुक हो गए। उन्होंने त्रिशानु राय का धन्यवाद दिया।

त्रिशानु राय का सराहनीय योगदान

कांग्रेस नेता त्रिशानु राय ने राजनीति से ऊपर उठकर मानवता दिखाई। रात में बच्चों को देखा, हेल्पलाइन को सूचना दी, बालकुंज तक ले गए और परिजनों से जोड़ा। यह सामाजिक जिम्मेदारी का बेहतरीन उदाहरण है। ऐसे कार्यकर्ताओं से समाज मजबूत होता है।

बालकुंज और स्थानीय सहयोग

बालकुंज प्रभारी मुकेश बारीक, कर्मी प्रमोद मिश्रा, सुजीत कुमार ने बच्चों की देखभाल की। स्थानीय मानकी हेम्ब्रम, हरीश तांती ने भी सहयोग किया। बाल कल्याण समिति ने त्वरित कार्रवाई की। यह टीमवर्क की मिसाल है।

ग्रामीण इलाकों में बच्चों की सुरक्षा

झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चे अक्सर रास्ता भटके जाते हैं। जागरूकता की कमी और दूरस्थ गांवों के कारण खतरा बढ़ता है। अभिभावकों को बच्चों पर नजर रखनी चाहिए। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 का उपयोग करें।

सुरक्षा के उपाय

  • बच्चों को मोबाइल नंबर दें।
  • रास्ते सिखाएं।
  • हेल्पलाइन नंबर याद कराएं।
  • रात में घर से बाहर न जाने दें।

सामाजिक कार्यकर्ताओं की भूमिका

राजनीतिक नेता अगर सामाजिक कार्य करें तो समाज का भला होता है। त्रिशानु राय जैसे लोग प्रेरणा हैं। सभी को छोटे-छोटे प्रयास करने चाहिए। एक मदद लाखों को प्रेरित करती है।

चाईबासा प्रशासन की तारीफ

चाईबासा प्रशासन ने तेजी से काम किया। बालकुंज ने देखभाल की। समिति ने सत्यापन पूरा किया। ऐसी तंत्र व्यवस्था से विश्वास बढ़ता है।

भविष्य के लिए संकल्प

ऐसी घटनाओं से सीख लें। गांवों में जागरूकता शिविर चलें। बच्चे सुरक्षित रहें। त्रिशानु राय को बधाई। भटके हुए तीन बच्चा को त्रिशानु राय के प्रयास से परिजनों को सुपुर्द होना मानवता की जीत है। ऐसे कार्यों से समाज मजबूत बनेगा। आप भी जरूरतमंद की मदद करें, दो दिनों के बाद बच्चों के घर तथा परिजनों की जानकारी मिली जोकि मझगांव विधान सभा क्षेत्र के ग्राम सरकांड का स्थानीय निवासी है।

बुधवार को परिजन तथा स्थानीय लोग चाईबासा पहुँचे समाहरणालय स्थित बाल कल्याण समिति के कार्यालय में भौतिक सत्यापन तथा सभी आवश्यक कागजी प्रक्रियाओं को पूर्ण कराकर सुरक्षित सकुशल बच्चों को त्रिशानु राय की मौजूदगी में बालकुंज से उनके परिजनों के हाथों सुपुर्द कर दिया गया।

अपने बच्चों को सुरक्षित सकुशल पुनः वापस पाकर परिजनों तथा स्थानीय लोगों ने त्रिशानु राय को धन्यवाद देते हुए आभार व्यक्त किया है। मौके पर बालकुंज प्रभारी मुकेश बारीक, कर्मी प्रमोद मिश्रा, सुजीत कुमार, स्थानीय मानकी हेम्ब्रम, हरीश तांती आदि मौजूद थे।

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