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“वर्दी उतर सकती है… लेकिन फौजी कभी सेवानिवृत्त नहीं होता” — सुशील कुमार सिंह

On: December 3, 2025 9:34 PM
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जमशेदपुर। “सैनिक कभी रिटायर नहीं होते, मरते दम तक सैनिक ही रहते हैं।” — यह प्रेरणादायक बातें पूर्व भारतीय नौसेना कर्मी सुशील कुमार सिंह ने कहीं, जो 19 जनवरी 1993 से 31 जनवरी 2008 तक राष्ट्र सेवा में कार्यरत रहे। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद केवल वर्दी उतरती है, लेकिन इंसान के भीतर का फौजी हमेशा जिंदा रहता है।

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सुशील कुमार सिंह ने याद करते हुए बताया कि सेवा काल के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल रामचंद्र तिवारी (जीओसी-इन-चीफ, पूर्वी कमान) द्वारा प्रशस्ति पदक प्रदान करते समय उनसे कहा गया था —
“फौजी कभी रिटायर नहीं होता, बस उसकी ड्यूटी की जगह बदलती है।”

बरसाती तूफ़ान में 14 घंटे का ऑपरेशन — अब भी रोंगटे खड़े कर देता है

सेवा काल की एक रोमांचक और चुनौतीपूर्ण घटना का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भीषण बारिश और प्रतिकूल परिस्थितियों में टाटा स्टील के ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट को चांडिल डैम के पानी में ढूंढ़ निकालने का ऑपरेशन जीवन का सबसे कठिन मिशन था।

🔻 मुख्य बिंदु:

  • गोताखोरों और सर्वे टीम ने मिलकर 7 किलोमीटर अंदर तक पानी के भीतर तलाश अभियान चलाया
  • लगातार बारिश और तेज़ धाराओं के बीच 4 दिनों तक ऑपरेशन जारी रहा
  • विमान को निकालने में अकेले 14 घंटे का समय लगा
  • शारीरिक थकान के बावजूद मानसिक अनुशासन और प्रशिक्षण ने सफलता दिलाई

उन्होंने कहा कि आज भी उस मिशन को याद करने पर रोंगटे खड़े हो जाते हैं।

सेवानिवृत्ति के बाद भी समाज सेवा जारी

सुशील कुमार सिंह ने बताया कि जमशेदपुर में रह रहे तीनों सेना से सेवानिवृत्त सैनिक एक टीम बनाकर समाज, प्रशासन और प्राकृतिक आपदाओं के समय बिना किसी स्वार्थ के सेवा देते हैं।

उद्देश्य:

  • प्राकृतिक आपदा में राहत और बचाव
  • प्रशासनिक जरूरतों में सहयोग
  • युवाओं में राष्ट्रभक्ति और अनुशासन की प्रेरणा

थ्री डाइमेंशन नेवी — हर दिशा से वार की क्षमता

भारतीय नौसेना की सामरिक शक्ति पर बात करते हुए सुशील कुमार सिंह ने कहा —
🔹 भारतीय नौसेना पानी के ऊपर, पानी के नीचे और हवा में मार करने में सक्षम है।
इसी कारण दुनिया भर में इसे “थ्री डाइमेंशन नेवी” के नाम से जाना जाता है।

एक सैनिक की पहचान रिटायरमेंट लेटर से नहीं, बल्कि उसके कर्तव्य, साहस और राष्ट्रभक्ति से होती है।
“हम भले समाज में लौट आए हों, लेकिन देश सेवा का जज़्बा आज भी वर्दी जैसा ही चमकदार है”— सुशील कुमार सिंह

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है। अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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