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आईटीआई रायकेरा में गूंजा नशामुक्ति का संदेश, प्रशिक्षुओं ने तंबाकू से दूर रहने की ली शपथ

On: June 9, 2026 11:02 PM
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मनोहरपुर:युवाओं को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) रायकेरा, मनोहरपुर में मंगलवार को एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। “तंबाकू : समाज के लिए एक बड़ी चुनौती” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में प्रशिक्षुओं को नशामुक्त जीवन के महत्व से अवगत कराया गया।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित सामाजिक कार्यकर्ता Anup Bage ने कहा कि युवाओं को अपने स्वास्थ्य और भविष्य को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि तंबाकू जैसे नशीले पदार्थ न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि परिवार और समाज के विकास में भी बाधा बनते हैं। एक स्वस्थ और जागरूक युवा शक्ति ही देश को विकास के नए आयाम तक पहुंचा सकती है।

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उन्होंने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि तंबाकू की लत से बचना और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करना आज की सबसे बड़ी सामाजिक जिम्मेदारी है। युवाओं को अपने जीवन में सकारात्मक सोच और स्वस्थ आदतों को अपनाना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान कोटपा अधिनियम, 2003 तथा कोटपा (झारखंड संशोधन) अधिनियम, 2021 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षुओं को बताया गया कि कानून के प्रभावी पालन से तंबाकू उत्पादों के उपयोग और बिक्री पर नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है। साथ ही संशोधित कानून के तहत जुर्माने और दंड संबंधी प्रावधानों से भी अवगत कराया गया।

वक्ताओं ने तंबाकू सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारी और कई अन्य गैर-संचारी रोगों का प्रमुख कारण है। उन्होंने कहा कि तंबाकू हर वर्ष लाखों लोगों की जान लेता है और इसे सामान्य जीवनशैली का हिस्सा मानने की सोच को बदलने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम में सदर अस्पताल में संचालित तंबाकू निवारण केंद्र (टीसीसी) की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि तंबाकू की लत छोड़ने के इच्छुक लोग केंद्र में निशुल्क परामर्श और उपचार की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही राष्ट्रीय तंबाकू निषेध टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-11-2356 की जानकारी भी साझा की गई।

कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रशिक्षुओं और प्रतिभागियों ने तंबाकू का सेवन नहीं करने तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की शपथ ली। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में नशामुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।

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