गिरिडीह: जिले के Sariya अनुमंडल को जिला बनाने की मांग को लेकर चल रहा 48 घंटे का आमरण अनशन शुक्रवार को समाप्त हो गया। प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) ललित नारायण तिवारी ने अनशनकारियों को जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। हालांकि संघर्ष समिति ने स्पष्ट कर दिया है कि यह केवल आंदोलन का एक चरण समाप्त हुआ है, जबकि सरिया को जिला बनाने की मांग पूरी होने तक संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
संघर्ष समिति का कहना है कि वर्ष 2014 से लगातार लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से यह मांग उठाई जा रही है, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। समिति का मानना है कि सरिया जिला बनने के सभी प्रशासनिक मानकों को पूरा करता है, इसलिए सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए।
दो दिनों तक चला शांतिपूर्ण आमरण अनशन
अनुमंडल कार्यालय परिसर के सामने आयोजित यह आमरण अनशन लगातार 48 घंटे तक चला। इस दौरान बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि तथा स्थानीय नागरिक आंदोलन के समर्थन में पहुंचे।
अनशन पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में आयोजित किया गया, जहां लोगों ने सरिया को जिला बनाने की मांग के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की। आंदोलनकारियों ने सरकार से मांग की कि वर्षों से लंबित इस मुद्दे पर अब सकारात्मक निर्णय लिया जाए।
बीडीओ ललित नारायण तिवारी ने जूस पिलाकर समाप्त कराया अनशन
अनशन समाप्त होने से पहले प्रखंड विकास पदाधिकारी ललित नारायण तिवारी धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों से बातचीत की और उनकी मांगों से संबंधित ज्ञापन सरकार तक पहुंचाने का भरोसा दिया।
बीडीओ ने आश्वासन दिया कि आंदोलनकारियों की मांग को नियमानुसार संबंधित विभागों तक भेजा जाएगा तथा आवश्यक कार्रवाई के लिए सरकार को अवगत कराया जाएगा।
इसके बाद उन्होंने सभी अनशनकारियों को जूस पिलाकर 48 घंटे से जारी आमरण अनशन समाप्त कराया।
2014 से लगातार उठ रही है सरिया को जिला बनाने की मांग
संघर्ष समिति ने बताया कि सरिया को जिला बनाने की मांग कोई नई नहीं है। वर्ष 2014 से लगातार इस विषय पर आंदोलन, ज्ञापन, धरना और विभिन्न लोकतांत्रिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं।
समिति का कहना है कि सरिया भौगोलिक, प्रशासनिक और जनसंख्या के सभी आवश्यक मानकों को पूरा करता है। इसके बावजूद सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि लंबे समय से जनता केवल आश्वासन सुन रही है, लेकिन निर्णय नहीं हो रहा है।
डुमरी विधायक जयराम महतो ने दिया समर्थन
आंदोलन के दौरान डुमरी विधायक जयराम महतो भी धरना स्थल पहुंचे और संघर्ष समिति के आंदोलन को समर्थन दिया।
उन्होंने कहा कि सरिया को जिला बनाने की मांग पूरी तरह जायज है और यह क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक है।
विधायक ने आश्वासन दिया कि आगामी विधानसभा सत्र में वह इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे और सरकार से इस दिशा में सकारात्मक निर्णय लेने की मांग करेंगे।
सरिया जिला बनने से लोगों को मिलेंगी कई सुविधाएं
विधायक जयराम महतो ने कहा कि यदि सरिया को जिला बनाया जाता है तो इसका सीधा लाभ लाखों लोगों को मिलेगा।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में लोगों को कई प्रशासनिक कार्यों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। जिला बनने के बाद सरकारी सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी, जिससे आम नागरिकों का समय और धन दोनों की बचत होगी।
इसके साथ ही गिरिडीह जिले पर बढ़ता प्रशासनिक दबाव भी कम होगा और विकास योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन संभव हो सकेगा।
संघर्ष समिति ने कहा आंदोलन किसी व्यक्ति का नहीं पूरे क्षेत्र का है
संघर्ष समिति के प्रतिनिधि त्रिभुवन मंडल ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल या किसी एक व्यक्ति का नहीं है, बल्कि पूरे सरिया क्षेत्र की जनता की भावना से जुड़ा आंदोलन है।
उन्होंने कहा कि वर्षों से क्षेत्र के लोग जिला बनाए जाने की मांग कर रहे हैं क्योंकि इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन और विकास के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आएगा।
उन्होंने लोगों से आंदोलन में लगातार सहयोग देने की अपील भी की।
सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो होगा बड़ा जनआंदोलन
संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि फिलहाल अनशन समाप्त किया गया है, लेकिन आंदोलन खत्म नहीं हुआ है।
यदि सरकार जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो भविष्य में और व्यापक स्तर पर जनआंदोलन किया जाएगा।
समिति का कहना है कि आने वाले दिनों में चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी, जिसमें पूरे क्षेत्र के लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
जनसमर्थन ने आंदोलन को बनाया मजबूत
दो दिनों तक चले इस आमरण अनशन में क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक संगठनों, युवाओं, महिलाओं और बुद्धिजीवियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
स्थानीय लोगों ने भी बड़ी संख्या में धरना स्थल पहुंचकर संघर्ष समिति का समर्थन किया। आंदोलनकारियों ने इसे जनता की एकजुटता का परिणाम बताया और कहा कि यही जनसमर्थन आगे भी उनकी सबसे बड़ी ताकत रहेगा।
ये लोग रहे आंदोलन में शामिल
अनशन कार्यक्रम में संघर्ष समिति के प्रतिनिधि त्रिभुवन मंडल, राजू मंडल, अशोक मंडल, काजिम अंसारी, कृष्ण मुरारी पांडेय, जगदीश टुडू, राजेश मंडल सहित समिति के अनेक सदस्य मौजूद रहे।
इसके अलावा सैकड़ों स्थानीय नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
Sariya को जिला बनाने की मांग क्यों महत्वपूर्ण है?
Sariya क्षेत्र लंबे समय से प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि जिला बनने से सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी से मिलेगा, प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे तथा विकास कार्यों में गति आएगी।

इसके साथ ही लोगों को प्रमाण पत्र, राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सरकारी सेवाओं के लिए दूर-दराज के जिला मुख्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
Sariya को जिला बनाने की मांग को लेकर चला 48 घंटे का आमरण अनशन फिलहाल समाप्त हो गया है, लेकिन संघर्ष समिति ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका आंदोलन जारी रहेगा। बीडीओ ललित नारायण तिवारी द्वारा जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया गया और सरकार तक मांग पहुंचाने का आश्वासन दिया गया। वहीं डुमरी विधायक जयराम महतो ने भी विधानसभा में यह मुद्दा उठाने का भरोसा दिलाया। अब क्षेत्र की जनता की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो संघर्ष समिति ने बड़े जनआंदोलन की चेतावनी दी है।




















