
जमशेदपुर खेल: Tata स्टील एडवेंचर फाउंडेशन (टीएसएएफ) रोइंग अकादमी ने कटक में चल रही नेशनल इंडोर रोइंग चैम्पियनशिप 2026 में एक और इतिहास रच दिया। डिमना के सुखलाल टुडू और सुलेखा मुर्मू ने कांस्य पदक जीतकर अकादमी का पहला राष्ट्रीय पदक जीतने का सिलसिला जारी रखा। गरीबी और सीमित संसाधनों के बावजूद ये बच्चे राष्ट्रीय स्तर पर चमक रहे हैं – यह खेल प्रतिभाओं के विकास की सच्ची मिसाल है। आइए, जानते हैं टीएसएएफ रोइंग अकादमी की इस शानदार उपलब्धि की पूरी कहानी।

Tata टीएसएएफ रोइंग अकादमी ग्रामीण खेलों की नर्सरी
Tata स्टील एडवेंचर फाउंडेशन (टीएसएएफ) Tata स्टील का एक CSR उपक्रम है जो एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देता है। जमशेदपुर में स्थित रोइंग अकादमी ने रोइंग को ग्रामीण युवाओं तक पहुंचाया। डिमना झील पर बनी यह अकादमी गरीब और आदिवासी बच्चों को मुफ्त ट्रेनिंग देती है। स्थापना के एक साल में ही राष्ट्रीय पदक जीतना कोई छोटी बात नहीं।
अकादमी का विजन साफ है – ग्रामीण प्रतिभाओं को विश्वस्तरीय बनाना। कोचिंग, उपकरण और प्रतियोगिता के खर्चे सब मुफ्त। सुखलाल टुडू और सुलेखा मुर्मू जैसे बच्चे डिमना के साधारण परिवारों से हैं। उनके लिए रोइंग नया खेल था, लेकिन मेहनत ने रंग दिखाया। Tata टीएसएएफ ने साबित कर दिया कि कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी से खेल क्रांति आ सकती है।

नेशनल इंडोर रोइंग चैम्पियनशिप 2026 कटक में धमाल
ओडिशा के कटक में चल रही नेशनल इंडोर रोइंग चैम्पियनशिप 2026 देश का सबसे बड़ा इंडोर रोइंग इवेंट है। यहां मशीन पर रोइंग सिमुलेटर से दूरी और समय मापा जाता है। Tata टीएसएएफ ने पहले ही दिन श्रेया के कांस्य पदक से इतिहास रचा। अगले दिन सुखलाल टुडू ने U-23 लाइटवेट पुरुष एकल में ब्रॉन्ज और सुलेखा मुर्मू ने लाइटवेट महिला एकल में ब्रॉन्ज जीता।
ये लगातार पदक अकादमी की ताकत दिखाते हैं। ग्रामीण बच्चे बड़े राज्यों के शहरों के दिग्गजों से मुकाबला कर रहे हैं। यह उपलब्धि 10 अप्रैल 2026 को हासिल हुई, जो अकादमी के पहले राष्ट्रीय पदक के ठीक एक दिन बाद थी। कटक का जलवा जमशेदपुर लौटेगा तो स्वागत होगा।
पदक विजेताओं का परिचय
- सुखलाल टुडू: डिमना का 22 वर्षीय युवक। U-23 लाइटवेट पुरुष एकल में तीसरा। खेतीबाड़ी करने वाले परिवार से।
- सुलेखा मुर्मू: डिमना की 19 साल की लड़की। लाइटवेट महिला एकल में ब्रॉन्ज। आदिवासी समुदाय से, पहली बार राष्ट्रीय मैडल।
दोनों की कहानी प्रेरणा है नाव चलाना सीखा, जीवन बदल गया।

Tata ग्रामीण प्रतिभा विकास टीएसएएफ का मॉडल
Tata टीएसएएफ रोइंग अकादमी ग्रामीण खेल विकास का बेस्ट मॉडल है। डिमना जैसे इलाकों में जहां क्रिकेट ही खेल है, वहां रोइंग सिखाना क्रांति है। अकादमी में 50 से ज्यादा बच्चे ट्रेनिंग ले रहे हैं। सुबह-शाम प्रैक्टिस, न्यूट्रिशन और मेंटरिंग सब फ्री।
पहले राष्ट्रीय पदक श्रेया ने जीता, अब सुखलाल-सुलेखा। यह सिलसिला जारी रहेगा। अकादमी का लक्ष्य ओलंपिक लेवल के खिलाड़ी तैयार करना। झारखंड में रोइंग को नया मुकाम मिल रहा है। Tata का सपोर्ट बिना जिन्दगी न बदलती।
अकादमी की खासियतें
- मुफ्त ट्रेनिंग: कोई फीस नहीं।
- आधुनिक उपकरण: इंडोर रोअर और बोट।
- ग्रामीण फोकस: आदिवासी बच्चे प्राथमिकता।
- कोचिंग: नेशनल कोच ट्रेनिंग।
- प्रतियोगिता: राज्य से राष्ट्रीय स्तर।

रोइंग खेल भारत में उभरता सितारा
रोइंग ओलंपिक खेल है, लेकिन भारत में नया। डेमो, गंगा, चेनाब पर प्रतियोगिताएं होती हैं। इंडोर रोइंग जिम में मशीन पर होता है – मौसम की परवाह नहीं। वर्ग लाइटवेट, हैवीवेट, एकल-द्वैत। Tata टीएसएएफ ने इसे पॉपुलर बनाया।
झारखंड के डिमना झील पर आउटडोर रोइंग भी शुरू। भविष्य में नेशनल चैंपियनशिप होस्ट करने का प्लान। भारत को रोइंग में ओलंपिक मैडल चाहिए तो ऐसे अकादमी जरूरी।
रोइंग के फायदे
- फिटनेस: पूरे शरीर की एक्सरसाइज।
- टीमवर्क: अनुशासन सिखाता।
- मानसिक ताकत: दर्द सहना।
- करियर: कोच, जज, स्पोर्ट्स quota।
- ग्रामीण प्रभाव: नई पीढ़ी प्रेरित।
समाज पर प्रभाव खेलों में नई क्रांति
टीएसएएफ की सफलता ग्रामीण झारखंड को चमकाएगी। डिमना के बच्चे हीरो बनेंगे तो पूरा गांव बदलेगा। लड़कियां जैसे सुलेखा खेलों में आएंगी। Tata मॉडल दूसरे कॉर्पोरेट फॉलो करें। खेल मंत्रालय को सपोर्ट बढ़ाना चाहिए। यह पदक झारखंड का गौरव हैं।

सुविधाओं की कमी, कोचिंग महंगी। लेकिन टीएसएएफ जैसे प्रयास समाधान। अगला लक्ष्य एशियन चैंपियनशिप। ओलंपिक कोटा का सपना। सरकार CSR को स्पोर्ट्स में लगाए।
Tata स्टील एडवेंचर फाउंडेशन रोइंग अकादमी ने नेशनल इंडोर रोइंग चैम्पियनशिप में जो कमाल किया, वह गर्व का विषय है। सुखलाल टुडू और सुलेखा मुर्मू को बधाई! ग्रामीण प्रतिभाओं को ऐसे मौके मिलते रहें।















