
जमशेदपुर | आनंद सिंह : टाटानगर से गुजरने वाली यात्री ट्रेनों की लगातार बढ़ती लेटलतीफी के खिलाफ चलाए गए आंदोलन को बड़ी सफलता मिली है। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक Saryu Roy और रेल यात्री संघर्ष समिति के दबाव के बाद दक्षिण पूर्व रेलवे ने यात्री ट्रेनों को प्राथमिकता देने और उनकी समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

50 दिनों तक चला आंदोलन
रेल यात्रियों की समस्याओं को लेकर 7 अप्रैल से शुरू हुए अभियान ने धीरे-धीरे व्यापक जनआंदोलन का रूप ले लिया। आंदोलन के दौरान यात्रियों ने लगातार यह शिकायत उठाई कि मालगाड़ियों को प्राथमिकता दिए जाने के कारण यात्री ट्रेनों को घंटों विभिन्न स्टेशनों पर रोका जा रहा है, जिससे आम यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इस मुद्दे को लेकर विधायक सरयू राय के नेतृत्व में रेल यात्री संघर्ष समिति ने धरना, हस्ताक्षर अभियान और जनसंपर्क कार्यक्रम चलाए। आंदोलन की गूंज जमशेदपुर से निकलकर घाटशिला तक पहुंची, जहां बड़ी संख्या में यात्रियों ने समर्थन जताया।
रेलवे महाप्रबंधक से हुई निर्णायक बैठक
27 मई को दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक Anil Kumar Jain के साथ हुई बैठक में सरयू राय ने ट्रेनों की लेटलतीफी का मुद्दा मजबूती से उठाया। बैठक में यह निर्देश दिया गया कि यात्री ट्रेनों को प्राथमिकता दी जाए और मालगाड़ियों का परिचालन उनके बाद किया जाए।
इसके साथ ही रेलवे ने एक ऐसे अधिकारी की नियुक्ति का निर्णय लिया जो ट्रेनों की समयबद्धता की निगरानी करेगा तथा यात्रियों और मीडिया को नियमित जानकारी उपलब्ध कराएगा।
48 घंटे के भीतर हुई अधिकारी की नियुक्ति
रेलवे प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल के कमर्शियल इंस्पेक्टर अबीर मिश्रा को टाटानगर में यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी पर निगरानी रखने के लिए पूर्णकालिक पब्लिक रिलेशन इंस्पेक्टर (PRI) के रूप में नियुक्त किया है। आंदोलन से जुड़े लोगों ने इसे रेलवे पर बने जनदबाव और आंदोलन की बड़ी उपलब्धि बताया है।
आंदोलन अभी समाप्त नहीं
रेल यात्री संघर्ष समिति का कहना है कि रेलवे द्वारा की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन पर नजर रखी जाएगी। समिति के अनुसार आगामी दिनों में ट्रेनों की समयबद्धता और रेलवे के रवैये का मूल्यांकन किया जाएगा। यदि स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है।
जनता के बीच बढ़ा समर्थन
आंदोलन के दौरान विभिन्न सभाओं और कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में यात्रियों ने हिस्सा लिया। यात्रियों का कहना है कि लंबे समय से चली आ रही समस्या को प्रभावी ढंग से उठाए जाने के कारण उन्हें राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
प्रमुख बिंदु
🔹 ट्रेनों की लेटलतीफी के खिलाफ 50 दिनों तक चला आंदोलन
🔹 रेलवे महाप्रबंधक के साथ बैठक के बाद यात्री ट्रेनों को प्राथमिकता देने का निर्देश
🔹 टाटानगर में विशेष अधिकारी की नियुक्ति
🔹 रेल यात्री संघर्ष समिति रखेगी निगरानी
🔹 यात्रियों को समयबद्ध रेल सेवा मिलने की बढ़ी उम्मीद
रेल यात्रियों की वर्षों पुरानी शिकायतों को लेकर शुरू हुआ यह अभियान अब परिणाम देने लगा है। आने वाले दिनों में रेलवे के निर्णयों का जमीन पर कितना असर दिखाई देता है, इस पर यात्रियों और संघर्ष समिति दोनों की नजर बनी रहेगी।








































