
जमशेदपुर, 2 जुलाई । DD बार हत्याकांड के विरोध में गुरुवार शाम जमशेदपुर के बिष्टुपुर में विधायक सरयू राय के नेतृत्व में विशाल मशाल जुलूस निकाला गया। जुलूस में विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और शहर के विभिन्न वर्गों के सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने करनी सेना के अध्यक्ष हिमांशु सिंह को न्याय दिलाने की मांग करते हुए शहर की बिगड़ती कानून-व्यवस्था के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

मशाल जुलूस की शुरुआत माइकल जॉन ऑडिटोरियम से हुई। इसके बाद यह बिष्टुपुर मेन रोड से होकर पुनः माइकल जॉन ऑडिटोरियम के समीप समाप्त हुआ। पूरे मार्ग में प्रदर्शनकारी हाथों में मशाल और तख्तियां लिए हुए थे, जिन पर हिमांशु सिंह को न्याय दिलाने तथा अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग लिखी हुई थी।
जुलूस के दौरान प्रदर्शनकारियों ने “जमशेदपुर प्रशासन होश में आओ”, “वीर सरयू जिंदाबाद”, “कल जमशेदपुर बंद रहेगा” और “हर जोर-जुल्म के टक्कर में संघर्ष हमारा नारा है” जैसे नारे लगाए। बड़ी संख्या में महिलाओं की भी इस विरोध मार्च में भागीदारी रही।
3 जुलाई के जमशेदपुर बंद का दोहराया आह्वान
मीडिया से बातचीत में विधायक सरयू राय ने कहा कि शहर में लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं और डीडी बार हत्याकांड के विरोध में 3 जुलाई को जमशेदपुर बंद का आह्वान किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बंद से अस्पताल, एम्बुलेंस, दवा दुकान, अग्निशमन सेवा और अन्य आवश्यक सेवाओं को मुक्त रखा गया है।

“कोल्हान विश्वविद्यालय ने परीक्षाएं स्थगित की”
सरयू राय ने बताया कि उनकी अपील पर कोल्हान विश्वविद्यालय ने 3 जुलाई को आयोजित होने वाली सभी परीक्षाओं को स्थगित करने का निर्णय लिया है, ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
“पुलिस सक्रिय होती तो हिमांशु सिंह बच सकते थे”
हिमांशु सिंह हत्याकांड पर प्रतिक्रिया देते हुए सरयू राय ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस ने समय रहते तत्परता दिखाई होती, तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती और हिमांशु सिंह की जान बचाई जा सकती थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन की शिथिलता और लापरवाही के कारण शहर में अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद हो रहे हैं।
“जमशेदपुर में अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं”
सरयू राय ने कहा कि शहर में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चाकूबाजी, चापड़बाजी, मारपीट और अन्य आपराधिक घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि शहर में अवैध अड्डेबाजी और अवैध शराब का कारोबार खुलेआम संचालित हो रहा है तथा इन गतिविधियों को पुलिस का संरक्षण प्राप्त है। उनके अनुसार, जब तक ऐसे अवैध कारोबार पर कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक अपराध पर नियंत्रण संभव नहीं है।

“बंदी सरकार के लिए चेतावनी”
सरयू राय ने कहा कि 3 जुलाई का जमशेदपुर बंद केवल विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि राज्य सरकार के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति और बिगड़ती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
विभिन्न संगठनों के लोग रहे शामिल
मशाल जुलूस में विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों के अलावा बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल हुए। प्रमुख रूप से सुबोध श्रीवास्तव, शंभू सिंह, शिवशंकर सिंह, कन्हैया सिंह, आशुतोष राय, कुलविंदर सिंह पन्नू, मुकुल मिश्रा, नीरज सिंह, धर्मेंद्र प्रसाद, पुतुल सिंह, अमित शर्मा, अजय कुमार, संजय तिवारी, ललन द्विवेदी, सुरंजन राय, कमलेश मुखी, अमृता मिश्रा, ऊषा यादव, रीना डे, भास्कर मुखी, दुर्गा राव, प्रकाश कोया, सतीश सिंह, राजेश प्रसाद, अर्जुन यादव, आकाश शाह, तारक मुखर्जी, दिनेश सिंह, बबलू कुमार, प्रवीण सिंह, चुन्नू भूमिज, लालू गौड़, दीपक गौड़, संजीव सिंह, अशोक सिंह, विनोद सिंह, मनोज सिंह, शंकर कर्मकार, विजय राव, एम. चंद्रशेखर राव, सन्नी सिंह, विकास साहनी, गणेश चंद्रा और विकास रजक सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
पुलिस-प्रशासन की नजर
डीडी बार हत्याकांड के बाद शहर में सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक सतर्क रखी गई है। 3 जुलाई को प्रस्तावित बंद को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी की तैयारी में जुटा हुआ है, ताकि शहर में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनी रहे।













