
जमशेदपुर: बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित DD बार में 27 जून की रात हुए चर्चित हमले और बाद में घायल युवक हिमांशु सिंह की मौत के मामले में झारखंड पुलिस ने जांच को तेज करते हुए अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि घटना में शामिल तीन विधि-विरुद्ध बालकों को भी निरुद्ध किया गया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त हथियार, रक्त के नमूने, खून से सने कपड़े, मोटरसाइकिलें तथा सीसीटीवी फुटेज सहित कई महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं। वहीं मुख्य आरोपी समेत अन्य वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए झारखंड के बाहर भी लगातार छापेमारी की जा रही है।

देर रात डीडी बार में शुरू हुआ विवाद, फिर हुआ जानलेवा हमला
झारखंड पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 27 जून 2026 की रात लगभग 11:30 बजे बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के डीडी बार के अंदर हिमांशु सिंह और प्रत्युष सिंह का विश्वनाथ लोहरा उर्फ बोदरा, सोनु राम सरदार तथा उनके साथियों के साथ किसी बात को लेकर विवाद और हाथापाई हुई थी। प्रारंभिक स्तर पर मौजूद लोगों ने मामले को शांत करा दिया था और ऐसा प्रतीत हो रहा था कि विवाद समाप्त हो गया है।
लेकिन पुलिस जांच में सामने आया कि इसके बाद विश्वनाथ लोहरा उर्फ बोदरा ने अपने गांव से अपने अन्य साथियों को बुलाया। कुछ ही देर बाद उसके बुलाए गए साथी धारदार एवं अन्य घातक हथियारों से लैस होकर मौके पर पहुंचे और सभी ने मिलकर पूर्व नियोजित तरीके से हिमांशु सिंह एवं प्रत्युष सिंह पर जानलेवा हमला कर दिया।
पुलिस के सामने ही हमला, गंभीर रूप से घायल हुए दोनों युवक
पुलिस के अनुसार हमलावरों ने कानून की खुलेआम अवहेलना करते हुए पुलिस बल की मौजूदगी में ही दोनों युवकों पर बेरहमी से हमला किया। धारदार हथियारों से लगातार किए गए वार के कारण दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) भेजा गया।
बाद में इलाज के दौरान हिमांशु सिंह की मृत्यु हो गई, जबकि प्रत्युष सिंह का उपचार जारी है। हिमांशु की मौत के बाद यह मामला पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गया और पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठे थे।
10 नामजद आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुई प्राथमिकी
घटना के बाद पीड़ित पक्ष की लिखित शिकायत के आधार पर बिष्टुपुर थाना कांड संख्या-84/2026 दर्ज किया गया। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की हत्या, हत्या के प्रयास, आपराधिक षड्यंत्र, सरकारी कार्य में बाधा तथा अन्य गंभीर धाराओं के अंतर्गत कुल 10 नामजद आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया गया।
एसएसपी के निर्देश पर बनी विशेष जांच टीम (SIT)
मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तत्काल एक विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) का गठन किया गया। एसआईटी ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, मानवीय आसूचना तथा अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर लगातार जांच और छापेमारी अभियान चलाया।
- दो आरोपी गिरफ्तार, एक कुल्हाड़ी बरामद
- पुलिस ने 28 जून को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं
सोनु राम सरदार उर्फ सोनु मंडल (27 वर्ष), निवासी धतकीडीह, थाना गम्हरिया, जिला सरायकेला-खरसावां।राज लोहार, निवासी गाड़ीडोंगरी, धतकीडीह, थाना गम्हरिया, जिला सरायकेला-खरसावां।
पुलिस के अनुसार घटना में घायल होने के कारण सोनु राम सरदार का पहले टीएमएच और बाद में एमजीएम अस्पताल में उपचार कराया गया। वहीं राज लोहार को घटनास्थल से घटना में प्रयुक्त एक छोटी कुल्हाड़ी के साथ गिरफ्तार किया गया, जिसे पुलिस ने विधिवत जब्त कर लिया।
तीन विधि-विरुद्ध बालक भी निरुद्ध
अनुसंधान के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 30 जून को एक तथा 2 जुलाई को दो अन्य विधि-विरुद्ध बालकों को निरुद्ध किया। पुलिस का कहना है कि तीनों की भूमिका की भी विस्तृत जांच की जा रही है।
घटनास्थल से मिले कई अहम वैज्ञानिक साक्ष्य जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए हैं। इनमें—
घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी।
घटनास्थल से रक्त के नमूने।
रक्तरंजित चप्पल।
घायल हिमांशु सिंह एवं प्रत्युष सिंह के खून से सने कपड़े।
आरोपी राज लोहार के रक्तरंजित कपड़े।
घटनास्थल एवं आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और डीवीआर।
अभियुक्तों द्वारा प्रयुक्त मोटरसाइकिल।
घटनास्थल से जब्त तीन वाहन, जिनमें एक बुलेट मोटरसाइकिल (JH-05DS-0959) सहित अन्य वाहन शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि सभी साक्ष्यों का वैज्ञानिक एवं फॉरेंसिक परीक्षण कराया जा रहा है।
पुलिस पर भी हमला, सरकारी कार्य में बाधा
जांच में यह भी सामने आया कि घटना के दौरान कुछ आरोपियों ने पुलिस की कार्रवाई में बाधा उत्पन्न की। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई तथा पुलिस अभिरक्षा में लिए गए एक आरोपी को जबरन छुड़ाकर फरार करा दिया गया।
इस मामले में सरकारी कार्य में बाधा, पुलिस पर हमला तथा पुलिस अभिरक्षा से आरोपी को छुड़ाने सहित अन्य धाराओं में अलग से मामला दर्ज किया गया है।
झारखंड छोड़कर भागे कई आरोपी
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया है कि इस कांड के कई वांछित आरोपी गिरफ्तारी के भय से झारखंड छोड़कर अन्य राज्यों में छिपे हुए हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया है, जो संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।
एसआईटी का कहना है कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा तथा घटना में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी गहन जांच जारी है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच में पुलिस उपाधीक्षक (सीसीआर) मनोज ठाकुर के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम में बिष्टुपुर थाना प्रभारी निरंजन कुमार, जुगसलाई थाना प्रभारी गुलाब रब्बानी, सहायक अवर निरीक्षक श्याम सुंदर कुमार, आकाश कुमार पांडेय तथा पल्लवी कुमारी सहित कई पुलिस अधिकारी शामिल हैं।
पूरे राज्य की निगाहें इस मामले पर
DD बार में हुई इस हिंसक घटना और हिमांशु सिंह की मौत के बाद यह मामला पूरे झारखंड में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस अब तक कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटा चुकी है और कई आरोपियों को गिरफ्तार या निरुद्ध कर चुकी है। हालांकि मुख्य आरोपी समेत अन्य फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी अभी बाकी है। ऐसे में आने वाले दिनों में एसआईटी की कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी रहेंगी।















