
जमशेदपुर, 2 जुलाई 2026। बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित DD बार हिंसा मामले के बाद पूर्वी सिंहभूम पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रही है। जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा अपराध नियंत्रण की रणनीति को धार देने के उद्देश्य से बुधवार को वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई।

बैठक की अध्यक्षता दक्षिण छोटानागपुर प्रक्षेत्र के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) मनोज कौशिक ने की। इस दौरान कोल्हान प्रक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) की उपस्थिति में हाल ही में पदभार ग्रहण करने वाले पूर्वी सिंहभूम के नए वरीय पुलिस अधीक्षक, नगर एवं ग्रामीण पुलिस अधीक्षक, जिले के सभी पुलिस उपाधीक्षक तथा शहरी क्षेत्र के सभी थाना प्रभारी मौजूद रहे।
डीडी बार हिंसा पर हुई गहन समीक्षा
बैठक का मुख्य फोकस हाल ही में बिष्टुपुर के डीडी बार में हुई हिंसक घटना रहा। अधिकारियों ने मामले की जांच की प्रगति, घटनाक्रम, पुलिस की कार्रवाई तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की।
इसके साथ ही जिले की वर्तमान कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन तथा संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की गई।
अधिकारियों को दिए गए अहम निर्देश
बैठक में सभी पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि जिले में शांति एवं कानून-व्यवस्था किसी भी परिस्थिति में प्रभावित नहीं होनी चाहिए। अपराधियों के विरुद्ध त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा प्रत्येक थाना अपने क्षेत्र में लगातार निगरानी बनाए रखे।
अधिकारियों को निम्न बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने को कहा गया—
- संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित एवं प्रभावी पुलिस गश्त बढ़ाई जाए।
- असामाजिक तत्वों और अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाए।
- किसी भी सूचना पर त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाए।
- आम नागरिकों के साथ बेहतर संवाद स्थापित कर उनकी शिकायतों का शीघ्र समाधान किया जाए।
- शांति एवं सौहार्द बनाए रखने के लिए स्थानीय स्तर पर सतत निगरानी रखी जाए।

नए एसएसपी के नेतृत्व में नई कार्यशैली की उम्मीद
बैठक नए वरीय पुलिस अधीक्षक के पदभार ग्रहण करने के बाद आयोजित पहली महत्वपूर्ण समीक्षा बैठकों में से एक रही। इससे यह संकेत मिला कि पुलिस प्रशासन कानून-व्यवस्था के मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतना चाहता और अपराध नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
अपराध नियंत्रण पर रहेगा विशेष फोकस
बैठक के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में कानून का राज कायम रखना पुलिस की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने, अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई करने तथा जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
पुलिस मुख्यालय का मानना है कि बेहतर समन्वय, त्वरित कार्रवाई और मजबूत निगरानी व्यवस्था के माध्यम से जिले में शांति एवं सुरक्षा का वातावरण और अधिक सुदृढ़ किया जा सकता है।












