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रेल Passengers की समस्याओं को लेकर सक्रिय हुए सरयू राय दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक से बुधवार को होगी अहम वार्ता

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On: May 27, 2026 7:10 PM
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जमशेदपुर: आसपास के क्षेत्रों में लगातार ट्रेनों की देरी से परेशान Passengers की समस्याओं को लेकर अब आंदोलन तेज होता दिखाई दे रहा है। दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक Anil Kumar Jain ने रेल यात्री संघर्ष समिति के संरक्षक एवं जमशेदपुर पश्चिम के विधायक Saryu Roy से मुलाकात कर वार्ता करने की इच्छा जताई है। इसके बाद यह तय किया गया है कि बुधवार को सरयू राय रेल यात्री संघर्ष समिति के प्रमुख सदस्यों के साथ महाप्रबंधक से मुलाकात करेंगे।

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दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार जैन बुधवार को टाटानगर आने वाले हैं। ऐसे में यह बैठक रेल यात्रियों की समस्याओं के समाधान के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

डीआरएम के फोन के बाद बनी बैठक की सहमति

सरयू राय ने जानकारी दी कि चक्रधरपुर रेल मंडल के डीआरएम Tarun Huria ने उन्हें फोन कर बताया कि रेलवे के महाप्रबंधक उनसे मुलाकात करना चाहते हैं। इसके बाद सरयू राय ने कहा कि वह पहले रेल यात्री संघर्ष समिति के साथियों से बातचीत करेंगे और फिर निर्णय लिया जाएगा।

शाम में समिति के प्रमुख सदस्यों के साथ चर्चा के बाद यह तय हुआ कि यात्रियों की समस्याओं को सीधे महाप्रबंधक के समक्ष रखा जाएगा। समिति का मानना है कि यदि रेलवे प्रशासन सीधे यात्रियों की बात सुनेगा, तो समस्याओं के समाधान की संभावना बढ़ेगी।

ट्रेनों की लेटलतीफी बना सबसे बड़ा मुद्दा

रेल Passengers संघर्ष समिति का कहना है कि टाटानगर से खुलने वाली कई ट्रेनें लगातार विलंब से चल रही हैं। खासकर मेमू और पैसेंजर ट्रेनों की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। रोजाना नौकरी, पढ़ाई और व्यापार के लिए यात्रा करने वाले लोगों को इससे भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सरयू राय ने कहा कि समिति की सबसे बड़ी मांग यही है कि टाटानगर से ट्रेनें समय पर खुलें और निर्धारित समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचें। उन्होंने कहा कि ट्रेनों की देरी के कारण आम यात्रियों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।

कामकाजी लोग और विद्यार्थी सबसे ज्यादा प्रभावित

रेल Passengers संघर्ष समिति के अनुसार, ट्रेनों की अनियमितता का सबसे ज्यादा असर कामकाजी लोगों, विद्यार्थियों और औद्योगिक कर्मचारियों पर पड़ रहा है। प्रतिदिन यात्रा करने वाले हजारों लोग समय पर अपने कार्यस्थल और शिक्षण संस्थानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।

समिति ने कहा कि निजी क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारी, छोटे व्यापारी, रेलवे कर्मचारी और औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत लोग लगातार ट्रेन लेट होने की समस्या झेल रहे हैं। कई बार यात्रियों को घंटों स्टेशन पर इंतजार करना पड़ता है, जिससे आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानियां बढ़ रही हैं।

मालगाड़ियों को प्राथमिकता देने पर उठे सवाल

सरयू राय ने रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रेलवे मालगाड़ियों के परिचालन से अच्छा राजस्व अर्जित कर रहा है, लेकिन इसके कारण सामान्य यात्री ट्रेनों की उपेक्षा हो रही है।

उन्होंने कहा कि मालगाड़ियों को प्राथमिकता दिए जाने के कारण कई पैसेंजर और मेमू ट्रेनों को रास्ते में रोक दिया जाता है, जिससे वे घंटों देरी से चलती हैं। इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ता है।

सरयू राय ने कहा कि रेलवे को यह समझना होगा कि राजस्व कमाने के साथ-साथ यात्रियों की सुविधा और समय की भी उतनी ही अहमियत है।

टाटानगर स्टेशन पर लगातार बढ़ रही यात्रियों की परेशानी

टाटानगर रेलवे स्टेशन पूर्वी भारत के महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों में से एक माना जाता है। यहां से प्रतिदिन हजारों Passengers विभिन्न शहरों के लिए यात्रा करते हैं। लेकिन हाल के दिनों में ट्रेनों की लेटलतीफी ने यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

यात्रियों का कहना है कि कई बार ट्रेनें घंटों देरी से चलती हैं और इसकी सही जानकारी भी समय पर नहीं मिलती। इससे यात्रियों को स्टेशन पर लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है।

रेल Passengers संघर्ष समिति लगातार उठा रही मुद्दा

रेल यात्री संघर्ष समिति पिछले कई महीनों से ट्रेनों की समयबद्धता को लेकर आवाज उठा रही है। समिति का कहना है कि रेलवे प्रशासन को आम यात्रियों की समस्याओं को गंभीरता से लेना चाहिए।

समिति के सदस्यों का मानना है कि यदि रेलवे प्रशासन ठोस योजना बनाकर ट्रेन परिचालन को व्यवस्थित करे, तो स्थिति में काफी सुधार आ सकता है।

महाप्रबंधक से बैठक से यात्रियों को उम्मीद

रेलवे महाप्रबंधक और रेल यात्री संघर्ष समिति के बीच होने वाली यह बैठक यात्रियों के लिए उम्मीद की किरण मानी जा रही है। लोगों को उम्मीद है कि इस बैठक में ट्रेनों की लेटलतीफी, मेमू ट्रेनों की अनियमितता और अन्य बुनियादी समस्याओं पर गंभीर चर्चा होगी।

समिति चाहती है कि रेलवे प्रशासन केवल आश्वासन देने तक सीमित न रहे, बल्कि समयबद्ध कार्रवाई की स्पष्ट योजना भी सामने रखे।

रेल व्यवस्था सुधारने की उठी मांग

विशेषज्ञों का मानना है कि रेलवे की बढ़ती व्यस्तता के बीच यात्री ट्रेनों के संचालन को बेहतर बनाना जरूरी हो गया है। यदि ट्रेनों की समयबद्धता सुनिश्चित नहीं की गई, तो आम यात्रियों का भरोसा प्रभावित हो सकता है।

लोगों का कहना है कि रेलवे को मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के बीच संतुलन बनाकर परिचालन करना चाहिए ताकि आम यात्रियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

जमशेदपुर में ट्रेनों की लेटलतीफी का मुद्दा अब बड़ा जनसरोकार बन चुका है। रेल यात्री संघर्ष समिति और विधायक सरयू राय द्वारा लगातार इस मुद्दे को उठाए जाने के बाद रेलवे प्रशासन भी सक्रिय नजर आ रहा है।

बुधवार को दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार जैन के साथ होने वाली बैठक पर अब यात्रियों की नजरें टिकी हुई हैं। लोगों को उम्मीद है कि इस वार्ता के बाद टाटानगर से चलने वाली ट्रेनों की समयबद्धता और यात्री सुविधाओं में सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।

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