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Saria अनुमंडल चप्पल पॉलिश करने वाले पिता के बेटे ने झारखंड पुलिस में पाई सफलता

On: April 28, 2026 10:33 PM
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झारखंड: Saria अनुमंडल क्षेत्र से एक ऐसी प्रेरक कहानी सामने आई है जो मेहनत और लगन का जीता-जागता प्रमाण है। बड़की सरिया नगर पंचायत के बारा टोला में रहने वाले गरीब चप्पल पॉलिश करने वाले प्रसादी दास के सबसे छोटे बेटे रोहित कुमार दास ने झारखंड पुलिस में सफलता हासित। 5 साल की कड़ी मेहनत के बाद रोहित ने सपनों को साकार किया। पूरे गांव ने डीजे, पटाखों और स्वागत से उनका जोरदार स्वागत किया। Saria अनुमंडल क्षेत्र के रोहित कुमार दास ने झारखंड पुलिस में पाई सफलता – यह कहानी हर संघर्षशील युवा के लिए मिसाल है। आइए, इस प्रेरणा की पूरी कहानी जानें।

Saria अनुमंडल क्षेत्र के रोहित कुमार दास ने झारखंड पुलिस में पाई सफलता गरीबी से जीत का सफर

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बारा टोला, बड़की Saria – एक ऐसा गांव जहां गरीबी ने कई परिवारों को लील लिया। प्रसादी दास रेलवे फाटक के पास फुटपाथ पर बैठकर राहगीरों के जूते-चप्पल पॉलिश करते। परिवार का भरण-पोषण उसी की कमाई से। लेकिन उन्होंने बच्चों को कभी हार न मानने का पाठ पढ़ाया। सबसे छोटे रोहित ने यह बात दिल पर ले ली। झारखंड पुलिस में सफलता पाने के लिए 5 साल लगातार मेहनत की। परीक्षा दी, इंटरव्यू क्रैक किया। तीन महीने के प्रशिक्षण के बाद पहली बार घर लौटे।

रोहित ने कहा, “सफलता का श्रेय मेहनत, परिवार और खासकर छोटी बहन रीता देवी को। हर मुश्किल में उनका साथ रहा।” गांव वालों का कहना है – बारा टोला से पहली बार किसी ने झारखंड पुलिस में जगह बनाई। यह गांव का गौरव है।

रोहित के संघर्ष की झलक

  • पिता का पेशा: फुटपाथ पर चप्पल पॉलिश।
  • सफर: 5 साल की कड़ी तैयारी।
  • सपोर्ट: बहन रीता का साथ।
  • परिणाम: झारखंड पुलिस में चयन।

स्वागत का शानदार आयोजन गांव हुआ झूम उठा

Saria अनुमंडल क्षेत्र के रोहित कुमार दास ने झारखंड पुलिस में पाई सफलता के बाद बारा टोला उत्सव स्थल बन गया। मां पार्वती देवी ने विधि-विधान से आरती उतारी, चंदन टीका लगाया। डीजे की धुनें, पटाखों की गूंज। पूरा गांव रोहित के स्वागत में एकजुट। ग्रामवासियों ने कहा – आज बारा टोला का नाम रोशन हुआ।

रोहित के चाचा सहदेव दास, महादेव दास, बड़े भाई मन्नू दास, आशीष, मनीष, रौशन दास समेत सभी मौजूद। झारखंड पुलिस की वर्दी में रोहित को देखकर आंसू और खुशी का दौर। यह सिर्फ एक परिवार की जीत नहीं, पूरे समुदाय की।

THE NEWS FRAME

स्वागत के मुख्य पल

  • आरती-टीका: मां पार्वती देवी ने किया।
  • उत्सव: डीजे, पटाखे, नाच-गाना।
  • उपस्थिति: पूरा परिवार और ग्रामवासी।
  • खास बात: गांव का पहला पुलिस अधिकारी।

रोहित की प्रेरणा छोटी बहन रीता देवी का योगदान

रोहित ने स्पष्ट कहा – झारखंड पुलिस में सफलता का सबसे बड़ा श्रेय छोटी बहन रीता को। गरीबी में भी रीता ने भाई का हौसला बढ़ाया। पढ़ाई के लिए तेल का लैंप जलाया, हार मानने न दिया। रोहित रुंधे गले से बोले, “रीता का साथ न होता तो यह दिन न आता।” यह भाई-बहन का अनमोल रिश्ता दर्शाता है।

गरीब परिवारों में बहनें अक्सर भाइयों का सबसे बड़ा सहारा बनती हैं। रीता की कहानी हर लड़की के लिए प्रेरणा।

प्रसादी दास का संघर्ष चप्पल पॉलिश से पुलिस अधिकारी तक

प्रसादी दास की जिंदगी संघर्ष की मिसाल। फुटपाथ पर चप्पल पॉलिश कर बच्चों को इज्जत की रोटी खिलाई। आज सबसे छोटा बेटा झारखंड पुलिस में। यह परिवर्तन असंभव को संभव बनाता है। पिता की मेहनत, बेटे की लगन – गरीबी हारी, सपना जीता।

परिवार की ताकत

  • पिता प्रसादी: परिवार का आधार।
  • मां पार्वती: धार्मिक समर्थन।
  • बहन रीता: भावनात्मक सहारा।
  • भाई: प्रेरणा स्रोत।

बारा टोला का गौरव गांव में पहली सफलता

सरिया अनुमंडल क्षेत्र के रोहित कुमार दास ने झारखंड पुलिस में पाई सफलता से बारा टोला चमका। ग्रामवासी बोले – पहली बार गांव से पुलिस में कोई। उत्साह का माहौल। युवाओं को संदेश – मेहनत से सब संभव। सरिया जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में यह खबर वायरल।

गांव में अब पढ़ाई का जुनून बढ़ेगा। रोहित युवाओं के रोल मॉडल बन गए।

झारखंड पुलिस भर्ती रोहित की तैयारी के टिप्स

रोहित की झारखंड पुलिस में सफलता युवाओं को प्रेरित करेगी। 5 साल की तैयारी के राज:

  1. नियमित पढ़ाई: रोज 10-12 घंटे।
  2. फिजिकल फिटनेस: रनिंग, व्यायाम।
  3. मॉक टेस्ट: परीक्षा सिमुलेशन।
  4. परिवार समर्थन: हौसला बनाए रखना।
  5. सकारात्मक सोच: हार न मानना।

झारखंड पुलिस भर्ती में लाखों आवेदन, लेकिन रोहित जैसे चयनित कम।

ग्रामीण झारखंड के लिए संदेश गरीबी बाधा नहीं

Saria अनुमंडल क्षेत्र के रोहित कुमार दास ने झारखंड पुलिस में पाई सफलता गरीबों को संदेश देती है। झारखंड के ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी बड़ी समस्या। लेकिन मेहनत से सरकारी नौकरी पा सकते हैं। रोहित ने साबित किया – फुटपाथ से फोर्स तक का सफर संभव।

सरकार को ग्रामीण युवाओं के लिए कोचिंग सेंटर बढ़ाने चाहिए।

अन्य प्रेरक कहानियां झारखंड के होनहार

झारखंड में कई रोहित जैसे युवा। चप्पल पॉलिश से IPS, रिक्शा चलाने वाले पिता के बेटे IAS। झारखंड पुलिस में सफलता ऐसी ही एक कड़ी। सरिया क्षेत्र अब चर्चा में।

Saria अनुमंडल क्षेत्र के रोहित कुमार दास ने झारखंड पुलिस में पाई सफलता गरीबी पर मेहनत की जीत है। चप्पल पॉलिश करने वाले पिता का बेटा पुलिसवाला बना। बहन का साथ, गांव का स्वागत – यह भारत की ताकत। हर युवा रोहित बने, मेहनत करे।

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