
मध्यप्रदेश: मुरैना जिला के Sabalgarh (सबलगढ़) विधानसभा क्षेत्र में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियों से लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पद्मेश उपाध्याय के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में सिविल हॉस्पिटल सबलगढ़ के मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. रेवानंद शर्मा ने डेंगू-मलेरिया जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह जागरूकता रथ शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को संक्रामक बीमारियों के प्रति जागरूक करेगा और बचाव के उपाय बताएगा।

यह अभियान विशेष रूप से बरसात के मौसम में फैलने वाली बीमारियों को रोकने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है, क्योंकि वर्षा ऋतु में जलभराव और गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विभाग का यह प्रयास लोगों को समय रहते सतर्क करना और बीमारी के खतरे को कम करना है।
डेंगू जागरूकता रथ के माध्यम से गांव-गांव पहुंचेगा स्वास्थ्य विभाग
Sabalgarh क्षेत्र में रवाना किया गया यह जागरूकता रथ आधुनिक ऑडियो संदेशों, पोस्टरों और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी से लैस है। यह रथ ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भ्रमण करते हुए लोगों को डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में जानकारी देगा।
इस अवसर पर शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. के. के. दंडोतिया, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी एवं सर्जन डॉ. शरद शर्मा, प्रभारी मलेरिया निरीक्षक राजकुमार शर्मा, लैब टेक्नीशियन योगेंद्र शर्मा, निशिकांत शर्मा, सीमा राठौर,हिमांशु कुशवाहा, महावीर शर्मा, ब्रजेश शर्मा, सूरज कुशवाह, संजय बैरागी, अमित गर्ग सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि अभियान के दौरान प्रत्येक वार्ड, गांव और मोहल्ले में लोगों तक जागरूकता का संदेश पहुंचे ताकि कोई भी व्यक्ति इन बीमारियों की चपेट में आने से बच सके।
बरसात के मौसम में बढ़ता है डेंगू और मलेरिया का खतरा
मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. रेवानंद शर्मा ने बताया कि बरसात के मौसम में बुखार, ठंड लगना, सिर दर्द, उल्टी, कमजोरी और बदन दर्द जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं। कई बार लोग इन लक्षणों को सामान्य वायरल बुखार समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह डेंगू और मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों के संकेत हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते जांच और उपचार नहीं कराया जाए तो यह बीमारियां जानलेवा साबित हो सकती हैं। इसलिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जुलाई माह को एंटी डेंगू माह के रूप में मनाते हुए विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
डॉ. रेवानंद शर्मा ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार बुखार या कमजोरी महसूस हो रही है तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह लें।
डेंगू मलेरिया और चिकनगुनिया के प्रमुख लक्षण
डेंगू के लक्षण
- तेज बुखार
- आंखों के पीछे दर्द
- शरीर और जोड़ों में तेज दर्द
- उल्टी और कमजोरी
- त्वचा पर लाल चकत्ते
- प्लेटलेट्स कम होना
मलेरिया के लक्षण
- ठंड लगकर तेज बुखार आना
- अत्यधिक पसीना आना
- सिर दर्द और कमजोरी
- शरीर में दर्द
- भूख कम लगना
चिकनगुनिया के लक्षण
- जोड़ों में असहनीय दर्द
- बुखार
- थकान और कमजोरी
- शरीर पर दाने
- चलने-फिरने में परेशानी
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि इन लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। समय पर जांच और इलाज ही इन बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
मच्छरों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की अपील
डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियां मच्छरों के काटने से फैलती हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपने घरों और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की है।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
- घर के आसपास पानी जमा न होने दें।
- कूलर, गमले और टंकियों का पानी नियमित बदलें।
- पुराने टायर, डिब्बे और कबाड़ में पानी जमा न होने दें।
- रात्रि में सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।
- बच्चों को पूरे कपड़े पहनाएं।
- घर में फॉगिंग और दवा का छिड़काव कराएं।
- बुखार होने पर तुरंत जांच कराएं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा यह भी बताया गया कि डेंगू का मच्छर साफ पानी में पनपता है, इसलिए घर के अंदर और बाहर दोनों जगह साफ-सफाई अत्यंत आवश्यक है।
ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष फोकस करेगा जागरूकता अभियान
Sabalgarh विकासखंड के कई ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं और जागरूकता की कमी के कारण लोग अक्सर बीमारी की गंभीरता को समझ नहीं पाते। इसी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने इस बार ग्रामीण इलाकों पर विशेष फोकस किया है।
जागरूकता रथ गांव-गांव जाकर लोगों को माइक और पंपलेट के माध्यम से जानकारी देगा। स्वास्थ्य कर्मी घर-घर पहुंचकर लोगों को बताएंगे कि कैसे छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से बचा जा सकता है।
इस अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ता और स्वास्थ्य कर्मचारी भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। वे लोगों को साफ-सफाई, दवा छिड़काव और स्वास्थ्य जांच के प्रति प्रेरित करेंगे।
स्वास्थ्य विभाग की तैयारी और निगरानी व्यवस्था मजबूत
डेंगू और मलेरिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अपनी निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत किया है। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में जांच की व्यवस्था बढ़ाई गई है। साथ ही दवाइयों और आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में नियमित सर्वे किया जाएगा। जिन इलाकों में जलभराव और मच्छरों की संख्या अधिक पाई जाएगी वहां विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा।

जनभागीदारी से ही सफल होगा डेंगू उन्मूलन अभियान
डॉ. रेवानंद शर्मा ने कहा कि केवल स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से डेंगू और मलेरिया पर पूरी तरह नियंत्रण संभव नहीं है। इसके लिए जनभागीदारी बेहद जरूरी है। यदि प्रत्येक नागरिक अपने घर और आसपास साफ-सफाई रखे तो मच्छरों के प्रजनन को काफी हद तक रोका जा सकता है।
उन्होंने कहा कि जागरूक नागरिक ही स्वस्थ समाज की नींव होते हैं। इसलिए सभी लोग इस अभियान का हिस्सा बनें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी जागरूक करें।
Sabalgarh में स्वास्थ्य जागरूकता अभियान बना जनचर्चा का विषय
Sabalgarh में डेंगू-मलेरिया जागरूकता रथ को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिला। स्वास्थ्य विभाग की इस पहल की स्थानीय नागरिकों ने सराहना की और कहा कि ऐसे अभियान समय-समय पर चलाए जाने चाहिए ताकि लोग बीमारियों के प्रति सतर्क रहें।
बरसात के मौसम में तेजी से फैलने वाली बीमारियों को रोकने के लिए यह अभियान बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जागरूकता रथ के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सावधानी और जागरूकता ही डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।
Sabalgarh में स्वास्थ्य विभाग द्वारा शुरू किया गया डेंगू-मलेरिया जागरूकता अभियान जनस्वास्थ्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. रेवानंद शर्मा द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया यह जागरूकता रथ लोगों को बीमारी से बचाव, साफ-सफाई और समय पर उपचार के प्रति जागरूक करेगा।
यदि प्रत्येक नागरिक स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताए गए नियमों का पालन करे और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखे, तो डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। बरसात के मौसम में सतर्कता और जागरूकता ही स्वस्थ जीवन की कुंजी है।















