
जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए सोमवार बैठक की अध्यक्षता DM श्री राजीव रंजन ने की। इस दौरान जिला विकास, जिला योजना एवं जिला ग्रामीण विकास शाखा अंतर्गत संचालित योजनाओं के साथ-साथ डीएमएफटी, नीति आयोग तथा सांसद एवं विधायक निधि से संचालित विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में DM ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अभियंताओं, विभागीय अधिकारियों एवं कार्य एजेंसियों को निर्देश दिया कि लंबित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि आम जनता को समय पर योजनाओं का लाभ मिल सके।
आधारभूत संरचना से जुड़ी योजनाओं की हुई समीक्षा
समीक्षा बैठक में जिले में चल रही विभिन्न आधारभूत संरचना विकास योजनाओं की प्रगति का बिंदुवार आकलन किया गया। इसमें पुल-पुलिया निर्माण, पीसीसी सड़क, पहुंच पथ, पेयजल एवं जलापूर्ति योजनाएं, विद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण, शौचालय निर्माण तथा कल्वर्ट निर्माण जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल थीं।
उपायुक्त ने सभी विभागों से योजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त की और यह सुनिश्चित करने को कहा कि जिन परियोजनाओं का कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा नहीं हुआ है, उनकी विशेष निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में देरी से आम जनता प्रभावित होती है, इसलिए समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करना आवश्यक है।
अभियंताओं को विशेष मॉनिटरिंग के निर्देश
बैठक के दौरान उपायुक्त राजीव रंजन ने अभियंताओं को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित योजनाओं की नियमित निगरानी करें। यदि किसी परियोजना में तकनीकी, प्रशासनिक या भूमि संबंधी बाधा आ रही हो तो उसका विस्तृत प्रतिवेदन तत्काल उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि योजनाओं के निष्पादन में आने वाली समस्याओं का समय रहते समाधान किया जाना चाहिए। इससे परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में सहायता मिलेगी और सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा।
संवेदकों की लापरवाही पर होगी कार्रवाई
उपायुक्त ने समीक्षा के दौरान यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी योजना में संवेदक की लापरवाही या उदासीनता सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा दोनों पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। किसी भी स्तर पर अनियमितता पाए जाने पर कठोर कदम उठाए जाएंगे।
नीति आयोग फंड से संचालित योजनाओं की समीक्षा
बैठक में नीति आयोग फंड के तहत संचालित योजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्यों की प्रगति पर चर्चा हुई तथा संबंधित अधिकारियों से अद्यतन जानकारी प्राप्त की गई।
उपायुक्त ने मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों और महिलाओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए इन केंद्रों का सुदृढ़ होना आवश्यक है।
जनजातीय क्षेत्रों के विकास पर विशेष जोर
समीक्षा बैठक में जनजातीय बहुल क्षेत्रों में संचालित योजनाओं पर भी विशेष चर्चा की गई। साल पत्ता प्लेट एवं कप निर्माण इकाई, जनजातीय क्षेत्रों में मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों का सुदृढ़ीकरण, लाइब्रेरी सह रिसोर्स सेंटर तथा सरकारी विद्यालयों में रसोईघर निर्माण जैसी योजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया।
उपायुक्त ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए संचालित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए। इन योजनाओं का उद्देश्य स्थानीय समुदायों को बेहतर सुविधाएं और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
डीएमएफटी योजनाओं को समय पर पूरा करने का निर्देश
जिला खनिज प्रतिष्ठान न्यास (डीएमएफटी) मद से स्वीकृत विभिन्न योजनाओं की भी समीक्षा की गई। विशेष रूप से आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई।
DM ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन योजनाओं का कार्य अभी तक अधूरा है, उन्हें शीघ्र पूरा किया जाए। उन्होंने भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए अंचल कार्यालयों के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया ताकि परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब न हो।
सांसद एवं विधायक निधि योजनाओं पर भी हुई चर्चा
बैठक में सांसद एवं विधायक निधि से संचालित योजनाओं की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने लंबित निविदा प्रक्रियाओं को जल्द पूरा करने और योजनाओं का कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं का कार्य पूरा हो चुका है, उनका उपयोगिता प्रमाण पत्र समय पर उपलब्ध कराया जाए ताकि संबंधित प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा।
आम जनता तक समय पर पहुंचे योजनाओं का लाभ
उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि विकास योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य आम जनता के जीवन स्तर में सुधार लाना है। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि योजनाओं का लाभ समय पर लोगों तक पहुंचे।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों को केवल सरकारी प्रक्रिया न मानें, बल्कि इसे जनसेवा का माध्यम समझकर पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। प्रशासन की प्राथमिकता है कि जिले के प्रत्येक क्षेत्र में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ें।
विभिन्न विभागों के अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में उप विकास आयुक्त श्री नागेंद्र पासवान, योजना पदाधिकारी, प्रभारी पदाधिकारी विकास शाखा, एनआरईपी, विशेष प्रमंडल, भवन निर्माण विभाग, जिला परिषद, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग सहित कई विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
सभी विभागों ने अपने-अपने कार्यक्षेत्र से संबंधित योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की तथा योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
विकास कार्यों में तेजी लाने पर जोर
बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी अधिकारियों और अभियंताओं को विकास कार्यों में और अधिक तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों पर समान रूप से ध्यान देना होगा।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करेंगे और जिले में चल रही विकास योजनाओं को समय पर पूरा करेंगे। इससे न केवल बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा, बल्कि जिले के समग्र विकास को भी नई गति मिलेगी।
जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की जरूरत
DM ने कहा कि जनता प्रशासन से विकास और बेहतर सेवाओं की अपेक्षा रखती है। ऐसे में अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ कार्य करें।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए संसाधनों का सही उपयोग करते हुए जिले के विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य के साथ जिला प्रशासन विकास योजनाओं की लगातार समीक्षा कर रहा है ताकि किसी भी प्रकार की बाधा को दूर कर योजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके।










