पूर्वी सिंहभूम: जिला प्रशासन द्वारा आयोजित जन Complaint निवारण दिवस एक बार फिर आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान का प्रभावी मंच बना। समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम में उपायुक्त श्री राजीव रंजन ने जिले के विभिन्न प्रखंडों और शहरी क्षेत्रों से आए लोगों से सीधे संवाद किया। उन्होंने नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रत्येक मामले का समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि जन शिकायत निवारण दिवस केवल शिकायत दर्ज करने का मंच नहीं, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच विश्वास एवं संवाद को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने और प्रत्येक आवेदक को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
जन Complaint निवारण दिवस में उमड़ी लोगों की भीड़
समाहरणालय परिसर में आयोजित जन शिकायत निवारण दिवस में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। नागरिकों ने शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व, कृषि, रोजगार और अन्य जनहित से जुड़े मामलों में अपनी शिकायतें एवं मांगें उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत कीं।

उपायुक्त ने प्रत्येक आवेदक की बात ध्यानपूर्वक सुनी और संबंधित विभाग के अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कई मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए, जबकि जटिल मामलों में विस्तृत जांच कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया।
शिक्षा से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान
जन शिकायत निवारण दिवस के दौरान शिक्षा विभाग से संबंधित कई आवेदन प्राप्त हुए। इनमें प्रमुख रूप से विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति, आरटीई (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) के तहत स्कूलों में नामांकन, फीस माफी और अन्य शैक्षणिक सुविधाओं से जुड़े मामले शामिल थे।
उपायुक्त ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र विद्यार्थियों को समय पर छात्रवृत्ति का लाभ मिले और आरटीई के तहत लंबित नामांकन मामलों का शीघ्र निपटारा किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी विद्यार्थी की पढ़ाई प्रशासनिक देरी के कारण प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ी शिकायतों की हुई सुनवाई
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बुजुर्ग, दिव्यांग एवं विधवा महिलाओं ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से संबंधित शिकायतें भी दर्ज कराईं।
कई लोगों ने लंबित पेंशन राशि के भुगतान, नई पेंशन स्वीकृति तथा अन्य लाभों में हो रही देरी की जानकारी उपायुक्त को दी। इस पर उपायुक्त ने सामाजिक सुरक्षा विभाग को निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों की समीक्षा कर जल्द से जल्द भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाएं जरूरतमंद लोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इनमें किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
राजस्व एवं प्रमाण पत्र संबंधी मामलों पर दिए निर्देश
राजस्व विभाग से जुड़े मामलों में नागरिकों ने जाति प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, भूमि संबंधी विवाद तथा अन्य प्रमाण पत्रों के निर्गमन में हो रही देरी की शिकायत की।
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी प्रमाण पत्रों का निर्गमन निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाए और लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए बार-बार कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़े, इसके लिए विभागीय स्तर पर जवाबदेही तय की जाए।
रोजगार और नियोजन से जुड़े मुद्दे भी उठे
जन शिकायत निवारण दिवस के दौरान कई युवाओं ने रोजगार और नियोजन से संबंधित समस्याएं भी उपायुक्त के समक्ष रखीं।
युवाओं ने रोजगार के अवसर, नियुक्ति प्रक्रियाओं तथा विभिन्न योजनाओं में रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की। उपायुक्त ने नियोजन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र युवाओं को सरकारी योजनाओं और रोजगार कार्यक्रमों की जानकारी उपलब्ध कराई जाए तथा उन्हें अधिक से अधिक लाभ दिलाने की दिशा में कार्य किया जाए।
स्वास्थ्य एवं चिकित्सीय सहायता के मामलों की हुई समीक्षा
कई नागरिकों ने इलाज, आर्थिक सहायता तथा स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित आवेदन भी दिए।
उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि गंभीर रूप से बीमार मरीजों के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर देखा जाए और जरूरतमंद लोगों को सरकारी योजनाओं के तहत उपलब्ध सहायता का लाभ समय पर दिलाया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
किसानों की समस्याओं पर भी हुई चर्चा
कार्यक्रम में जिले के कई किसानों ने खेती-किसानी से जुड़ी समस्याओं को उपायुक्त के समक्ष रखा।
किसानों ने कृषि योजनाओं का लाभ, सिंचाई, फसल संबंधी समस्याएं तथा अन्य कृषि सुविधाओं से जुड़े मुद्दे उठाए। उपायुक्त ने कृषि विभाग को निर्देश दिया कि किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए और उन्हें सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए।
झारखंड आंदोलनकारियों और अन्य मामलों पर भी हुई सुनवाई
जन शिकायत निवारण दिवस के दौरान झारखंड आंदोलनकारियों को प्रमाण पत्र जारी करने, घरेलू विवाद, स्थानांतरण, फीस माफी तथा अन्य कई जनहित से जुड़े मामलों की भी सुनवाई की गई।
उपायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि प्रत्येक मामले का निष्पक्ष एवं नियमों के अनुरूप समाधान किया जाए तथा किसी भी पात्र व्यक्ति को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।
विभागीय समन्वय पर दिया विशेष जोर
उपायुक्त श्री राजीव रंजन ने कहा कि कई शिकायतें ऐसी होती हैं जिनके समाधान के लिए एक से अधिक विभागों के बीच समन्वय आवश्यक होता है।
उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में आपसी समन्वय स्थापित कर शीघ्र कार्रवाई करें, ताकि आम नागरिकों को लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता जनता की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।

संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश
उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि वे प्रत्येक शिकायत को केवल एक सरकारी फाइल न समझें, बल्कि उसके पीछे किसी नागरिक की वास्तविक समस्या और अपेक्षा को भी समझें।
उन्होंने निर्देश दिया कि सभी मामलों का संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ निपटारा किया जाए तथा प्रत्येक आवेदक को नियमानुसार आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए।
जन शिकायत निवारण दिवस बना भरोसे का मंच
जिला प्रशासन का मानना है कि जन शिकायत निवारण दिवस प्रशासन और आम जनता के बीच विश्वास कायम करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इस मंच के माध्यम से नागरिक अपनी समस्याओं को सीधे जिला प्रशासन के समक्ष रख सकते हैं और उनके समाधान की दिशा में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।
ऐसे कार्यक्रम प्रशासन की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जन-केंद्रित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पूर्वी सिंहभूम में आयोजित जन शिकायत निवारण दिवस के दौरान उपायुक्त राजीव रंजन ने नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए। शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व, रोजगार, कृषि, पेंशन, प्रमाण पत्र और अन्य जनहित के मामलों पर प्रशासन की सक्रियता यह दर्शाती है कि जिला प्रशासन आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। यदि इसी प्रकार नियमित रूप से शिकायतों का त्वरित और पारदर्शी निपटारा होता रहा, तो जनता का प्रशासन पर विश्वास और अधिक मजबूत होगा।



















