
देवरी/जमुआ, गिरिडीह। देवरी क्षेत्र में रेल सुविधा की मांग को लेकर चलाया जा रहा “देवरी के लिए रेल” अभियान लगातार जनसमर्थन हासिल कर रहा है। इसी कड़ी में रविवार को जमडीहा पंचायत के जमडीहा गांव में हस्ताक्षर अभियान (सिग्नेचर कैंपेन) आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर रेल सुविधा की मांग के समर्थन में अपने हस्ताक्षर किए।

अभियान के दौरान ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि देवरी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए रेल संपर्क बेहद आवश्यक है। लोगों का मानना है कि रेल सुविधा उपलब्ध होने से क्षेत्र में व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों को नई गति मिलेगी। ग्रामीणों ने इस मांग को जनआंदोलन का रूप देने और इसे सरकार तक मजबूती से पहुंचाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता लाछो हजरा ने की, जबकि संचालन मनीष चौधरी ने किया। बैठक में जमडीहा पंचायत के बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता और अभियान से जुड़े लोग उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने क्षेत्र के विकास के लिए रेल सुविधा की आवश्यकता पर जोर देते हुए लोगों से इस जनहित अभियान से जुड़ने की अपील की।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि देवरी और आसपास के क्षेत्रों के हजारों लोगों को आज भी आवागमन के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। यदि रेल सुविधा उपलब्ध होती है तो इससे न केवल लोगों की यात्रा आसान होगी, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि लंबे समय से उठ रही इस मांग को अब जनसमर्थन मिलने लगा है, जो अभियान की सफलता का संकेत है।
अभियान को और अधिक व्यापक बनाने तथा अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के उद्देश्य से बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय भी लिया गया। सर्वसम्मति से तय किया गया कि अगली बैठक 21 जून 2026 को घसकरीडीह पंचायत में दोपहर 3 बजे आयोजित की जाएगी। इस बैठक में आसपास के गांवों और पंचायतों के लोगों को भी आमंत्रित किया जाएगा ताकि रेल सुविधा की मांग को और मजबूती मिल सके।
वक्ताओं ने कहा कि जनता की एकजुटता और सहयोग ही इस आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने भरोसा जताया कि क्षेत्र के लोगों के सामूहिक प्रयास से देवरी के विकास की यह मुहिम आगे बढ़ेगी और भविष्य में सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
अभियान से जुड़े लोगों ने क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में 21 जून को आयोजित होने वाली बैठक में शामिल हों और देवरी के लिए रेल सुविधा की मांग को मजबूत बनाने में अपना योगदान दें। उनका कहना है कि जनभागीदारी जितनी अधिक होगी, सरकार और संबंधित विभागों तक क्षेत्र की आवाज उतनी ही प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगी।
विशेष: “देवरी के लिए रेल” अभियान अब धीरे-धीरे जनआंदोलन का स्वरूप लेता दिख रहा है, जिसमें ग्रामीणों की बढ़ती भागीदारी क्षेत्र के विकास के प्रति उनकी जागरूकता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है।










































