
चाईबासा: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन द्वारा सोमवार को सदर अनुमंडल कार्यालय परिसर स्थित EVM (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) एवं वीवीपैट (वोटर वेरिफायबल पेपर ऑडिट ट्रेल) मशीनों के सुरक्षित भंडारण के लिए स्थापित वेयरहाउस का त्रैमासिक निरीक्षण किया गया। जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार ने विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में वेयरहाउस का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था, रखरखाव एवं निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित मानकों की समीक्षा की।

निरीक्षण प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप संपन्न हुई। इस दौरान वेयरहाउस में संग्रहित ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों की सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से परीक्षण किया गया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य निर्वाचन सामग्री के सुरक्षित संरक्षण, पारदर्शिता और चुनावी प्रक्रिया में जनविश्वास को और मजबूत बनाना था।
सुरक्षा व्यवस्था की गहन जांच
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने वेयरहाउस में स्थापित सीसीटीवी निगरानी प्रणाली, प्रवेश एवं निकास नियंत्रण व्यवस्था, सुरक्षा बलों की तैनाती, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, मशीनों पर लगाए गए सीलों की स्थिति तथा वेयरहाउस के समग्र रखरखाव का विस्तृत निरीक्षण किया।
इसके अलावा वेयरहाउस परिसर में लागू सुरक्षा मानकों, रिकॉर्ड संधारण, नियमित निगरानी व्यवस्था एवं अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित सभी दिशा-निर्देशों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन किया जा रहा है।
निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता के लिए सुरक्षा आवश्यक
इस अवसर पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता, विश्वसनीयता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। ईवीएम और वीवीपैट मशीनें चुनाव प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, इसलिए उनका सुरक्षित संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित सभी सुरक्षा मानकों और प्रक्रियाओं का जिला प्रशासन गंभीरता के साथ अनुपालन कर रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चुनाव प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में पारदर्शिता बनी रहे और मतदाताओं का विश्वास कायम रहे।
राजनीतिक दलों की सहभागिता से बढ़ता है भरोसा
उपायुक्त ने कहा कि त्रैमासिक निरीक्षण के दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाती है। इससे विभिन्न राजनीतिक दलों को सुरक्षा व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन करने का अवसर मिलता है तथा चुनावी प्रणाली के प्रति उनका विश्वास और मजबूत होता है।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की मंशा भी यही है कि चुनाव से संबंधित प्रत्येक प्रक्रिया को पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न किया जाए, ताकि किसी प्रकार की शंका या भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।
प्रतिनिधियों ने जताया संतोष
निरीक्षण के दौरान उपस्थित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी वेयरहाउस में उपलब्ध सुरक्षा व्यवस्थाओं, निगरानी प्रणाली और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का अवलोकन किया। निरीक्षण के बाद प्रतिनिधियों ने मशीनों के सुरक्षित संरक्षण के लिए की गई व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि नियमित निरीक्षण और पारदर्शी प्रक्रिया से निर्वाचन प्रणाली के प्रति लोगों का भरोसा मजबूत होता है तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ बनती है।
अधिकारी और सुरक्षा बल रहे मौजूद
निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान उप निर्वाचन पदाधिकारी बंधन लॉन्ग, सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार, निर्वाचन शाखा के अधिकारी एवं कर्मचारी, सुरक्षा बलों के प्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने वेयरहाउस की व्यवस्थाओं का संयुक्त रूप से अवलोकन किया और आवश्यक बिंदुओं पर चर्चा की।
लोकतंत्र की मजबूती के लिए नियमित निरीक्षण महत्वपूर्ण
निर्वाचन विशेषज्ञों का मानना है कि EVM एवं वीवीपैट मशीनों की सुरक्षा और रखरखाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। नियमित निरीक्षण से मशीनों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है तथा निर्वाचन आयोग की पारदर्शी व्यवस्था को मजबूती मिलती है।
पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन द्वारा किया गया यह त्रैमासिक निरीक्षण निर्वाचन आयोग की पारदर्शी एवं जवाबदेह चुनावी व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि भविष्य में होने वाले चुनाव निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी वातावरण में संपन्न हो सकें।
चाईबासा स्थित EVM -वीवीपैट वेयरहाउस का त्रैमासिक निरीक्षण सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा राजनीतिक दलों की मौजूदगी में किए गए इस निरीक्षण ने चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को और मजबूत किया है। निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सुरक्षा मानकों का पालन और नियमित निगरानी लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।









