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केरा गांव के लोगों की प्रशासन को चेतावनी, जर्जर स्कूल भवन नहीं बनाया तो करेंगे वोट बहिष्कार

On: September 3, 2024 9:15 PM
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केरा गांव के लोगों की प्रशासन को चेतावनी, जर्जर स्कूल भवन नहीं बनाया तो करेंगे वोट बहिष्कार

18 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को डीसी से करेंगे मुलाकात, सौपेंगे ज्ञापन

चक्रधरपुर (Jay Kumar): पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर स्थित केरा गांव का उडिया मध्य विद्यालय भवन जर्जर स्थिति में है. शिक्षा परियोजना परिषद के आदेश पर 2019 में स्कूल में बने 10 में से छह जर्जर कमरे तोड़ दिये गये थे. पांच साल बीत जाने के बाद भी इन कमरों का निर्माण नहीं कराया गया है. इस कारण बच्चे बरामदे में बैठकर पढ़ाई करने को विवश हैं. स्कूल की ऐसी हालत को लेकर ग्रामीण आक्रोशित हैं. इसको लेकर आज रविवार को ग्रामीणों मे बैठक की. इसमें निर्णय लिया गया कि अगर सरकार/प्रशासन स्कूल भवन का जीर्णोंद्धार और शिक्षकों की बहाल नहीं करेंगे तो वे आगामी विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे.

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यह भी पढ़ें :  पंचायत समिति सदस्य पर सरकारी चापाकल को निजी जमीन में गाड़ने का आरोप।

प्रतिनिधिमंडल की ये हैं प्रमुख मांगें

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि ग्रामीणों का 18 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल डीसी से मंगलवार (3 सितंबर) से मुलाकात करेगा और ज्ञापन सौंपेगा. इस ज्ञापन के जरिये केरा के उडिया मध्य विद्यालय के भवन निर्माण, उड़िया टीचर की बहाली और हाई स्कूल में अपग्रेड करने की मांग की जायेगी. अगर डीसी इस संबंध में उचित पहल नहीं करेंगे तो वे विवश होकर स्कूल का ताला बंदी करेंगे. फिर भी अगर इससे संबंधित पॉजिटिव आदेश नहीं आता है तो वोट बहिष्कार करेंगे.

स्कूल के 10 में से छह जर्जर कमरे तोड़े, पर आज तक नहीं बनाया

बता दें कि झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने राज्य के कुल 4431 स्कूलों के जर्जर भवनों को चिन्हित किया था, जिसमें से 3428 स्कूलों के भवनों को बच्चों की सुरक्षा की खातिर तोड़ने का निर्देश दिया था. विभागीय निर्देश पर साल 2019 में केरा के उडिया मध्य विद्यालय के 10 में से छह जर्जर कमरे आनन-फानन में तोड़ दिये गये. लेकिन इसे बनाना भूल गये. यह दर्शाता है कि झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद की प्लानिंग और उसे धरातल पर उतारने के बीच गहरी खाई है. यह खाई इतनी चौड़ी है कि इसे पाटने में पूरा सिस्टम लगने के बावजूद नतीजा सिफर है.

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है। अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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