मौसममनोरंजनचुनावटेक्नोलॉजीखेलक्राइमजॉबसोशललाइफस्टाइलदेश-विदेशव्यापारमोटिवेशनलमूवीधार्मिकत्योहारInspirationalगजब-दूनिया

पटना कोचिंग विवाद: ‘दारोगा गुरु’ रौशन आनंद की गिरफ्तारी से मचा बवाल, छात्रों ने किया प्रदर्शन

Ce94618781f51ab2727e4c0bd2ddd427
On: June 5, 2026 6:18 PM
Follow Us:
IMG 20260605 181625
---Advertisement---

यहां आपका विज्ञापन लग सकता है!

अपने ब्रांड या सर्विस को हजारों विज़िटर्स तक पहुंचाने का बेहतरीन मौका। टार्गेटेड ऑडियंस और बेहतर विज़िबिलिटी के साथ, इस जगह पर लगाएं अपना ऐड!

Book Now

या कॉल करें: +91-7004699926

B 1

खान सर की कोचिंग पर हमले के मामले ने पकड़ा तूल, राजधानी में आमने-सामने आए दो बड़े शिक्षण संस्थान

पटना । बिहार की राजधानी पटना इन दिनों एक ऐसे विवाद का केंद्र बन गई है, जिसने शिक्षा जगत के साथ-साथ राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी बहस छेड़ दी है। चर्चित शिक्षक खान सर के संस्थान पर हुए कथित हमले और उसके बाद हुई पुलिस कार्रवाई ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। इस प्रकरण में ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के संचालक और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले लोकप्रिय शिक्षक रौशन आनंद की गिरफ्तारी के बाद विवाद और गहरा गया है।

A 2

पुलिस का दावा है कि खान सर के संस्थान पर हुए हमले और तोड़फोड़ की घटना में रौशन आनंद और उनके कुछ सहयोगियों की भूमिका सामने आई है। वहीं दूसरी ओर रौशन आनंद और उनके समर्थक इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे साजिश बता रहे हैं।

किसान परिवार से निकलकर बनाया बड़ा शिक्षण संस्थान

रौशन आनंद का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। बिहार के सहरसा जिले के एक ग्रामीण परिवेश में जन्मे रौशन साधारण किसान परिवार से आते हैं। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने शिक्षा को अपना हथियार बनाया और बड़े सपने देखने का साहस किया।

बताया जाता है कि किशोरावस्था में ही उन्होंने घर छोड़कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का रास्ता चुना। इंजीनियर बनने का सपना लेकर वे कोटा पहुंचे और बाद में प्रतिष्ठित BIT मेसरा में दाखिला भी प्राप्त किया। हालांकि आर्थिक परेशानियों के कारण वे अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी नहीं कर सके।

इसके बाद उन्होंने सरकारी नौकरी की तैयारी शुरू की। बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा की लिखित परीक्षा में सफलता मिलने के बावजूद शारीरिक परीक्षा में चयन नहीं हो पाया। बाद में उन्होंने बीपीएससी की तैयारी भी की, लेकिन अंतिम चयन सूची में जगह नहीं बना सके।

असफलताओं से मिली नई दिशा

लगातार असफलताओं के बावजूद रौशन आनंद ने हार नहीं मानी। उन्होंने तय किया कि यदि वे स्वयं सरकारी सेवा में नहीं जा सके, तो दूसरे युवाओं को सफलता दिलाने का प्रयास करेंगे।

इसी सोच के साथ उन्होंने 1 सितंबर 2017 को पटना में ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी की शुरुआत की। शुरुआती दिनों में उनके पास गिने-चुने छात्र थे। सीमित संसाधनों और आर्थिक कठिनाइयों के बीच उन्होंने पढ़ाना जारी रखा।

समय के साथ उनकी कोचिंग का नाम प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेषकर बिहार पुलिस और सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले प्रमुख संस्थानों में शामिल हो गया। बड़ी संख्या में सफल अभ्यर्थियों के कारण छात्रों के बीच उन्हें “दारोगा गुरु” के नाम से पहचान मिली।

क्या है पूरा विवाद?

मामले की शुरुआत 2 जून की रात हुई घटना से जुड़ी बताई जा रही है। आरोप है कि पटना स्थित खान सर के संस्थान के बाहर कुछ लोगों ने हंगामा किया, पोस्टर फाड़े और पत्थरबाजी की। इस दौरान एक सुरक्षा कर्मी के घायल होने की भी सूचना सामने आई।

घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और कथित तौर पर सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कुछ संदिग्धों की पहचान की। जांच के दौरान ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी से जुड़े कुछ लोगों के नाम सामने आने का दावा किया गया।

इसी आधार पर पुलिस ने रौशन आनंद सहित अन्य लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

रौशन आनंद ने लगाए साजिश के आरोप

गिरफ्तारी के बाद रौशन आनंद ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए खुद को निर्दोष बताया है। उनका कहना है कि उन्हें जानबूझकर इस मामले में फंसाया गया है।

उन्होंने दावा किया है कि घटना के समय उनकी स्वास्थ्य स्थिति भी ठीक नहीं थी और हाल ही में उनकी सर्जरी हुई थी। उनके समर्थकों का भी कहना है कि बिना पर्याप्त साक्ष्य के उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।

हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं को देखा जाएगा।

छात्रों का सड़कों पर प्रदर्शन

रौशन आनंद की गिरफ्तारी के विरोध में बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए। राजधानी पटना के विभिन्न इलाकों में छात्रों ने प्रदर्शन किया और कैंडल मार्च निकालकर अपने शिक्षक की रिहाई की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कहा कि रौशन आनंद लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करा रहे हैं और हजारों छात्रों का भविष्य उनके मार्गदर्शन से जुड़ा है। उनका आरोप है कि मामले में निष्पक्ष जांच नहीं हो रही है।

छात्रों ने सरकार और प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल भी तैनात रहा और स्थिति पर नजर रखी गई।

सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस

यह विवाद अब सोशल मीडिया तक पहुंच चुका है। दोनों पक्षों के समर्थक अपने-अपने तर्कों के साथ सामने आ रहे हैं। एक ओर कुछ लोग पुलिस कार्रवाई का समर्थन कर रहे हैं, तो दूसरी ओर कई लोग निष्पक्ष जांच की मांग उठा रहे हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर घटना से जुड़े वीडियो, तस्वीरें और विभिन्न दावे लगातार वायरल हो रहे हैं। हालांकि इनमें से कई दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।

जांच के घेरे में फायरिंग का वीडियो

घटना से जुड़े एक वायरल वीडियो ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। वीडियो में कथित तौर पर फायरिंग जैसी गतिविधि दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। इसके बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कुछ सुरक्षा कर्मियों से भी पूछताछ की गई है। हालांकि पुलिस की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है।

जांच एजेंसियां वीडियो की सत्यता, घटनाक्रम और उससे जुड़े सभी पक्षों की भूमिका की जांच कर रही हैं।

बिहार के कोचिंग सेक्टर पर उठे सवाल

इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार के तेजी से बढ़ते कोचिंग उद्योग पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले बड़े संस्थानों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा का क्षेत्र छात्रों के भविष्य निर्माण से जुड़ा होता है और किसी भी प्रकार का विवाद या हिंसक गतिविधि इस क्षेत्र की साख को नुकसान पहुंचा सकती है।

पटना में सामने आया यह विवाद केवल दो शिक्षकों या दो कोचिंग संस्थानों के बीच का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह शिक्षा, प्रतिस्पर्धा, कानून व्यवस्था और छात्रों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा बन गया है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और मामले के कई पहलुओं पर अभी आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही यह तय होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और इस पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर क्या है। तब तक बिहार की शिक्षा नगरी पटना की नजरें इस हाई-प्रोफाइल मामले पर टिकी रहेंगी।

WhatsApp Image 2026 05 11 At 11.09.39 AM
Ce94618781f51ab2727e4c0bd2ddd427

Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

Leave a Comment

धार्मिक

See All

लाइफस्टाइल

See All

मौसम

See All

खेल

See All

क्राइम

See All

Entertainment

See All

ज्योतिष

See All
Link copied