मौसममनोरंजनचुनावटेक्नोलॉजीखेलक्राइमजॉबसोशललाइफस्टाइलदेश-विदेशव्यापारमोटिवेशनलमूवीधार्मिकत्योहारInspirationalगजब-दूनिया

मुजफ्फरपुर में झोलाछाप डॉक्टर के इंजेक्शन से युवक की मौत,परिजनों का हंगामा,आरोपी फरार

On: February 26, 2026 4:50 PM
Follow Us:

मुजफ्फरपुर : बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक दर्दनाक और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां कथित रूप से एक झोलाछाप डॉक्टर द्वारा दिए गए इंजेक्शन के बाद 25 वर्षीय युवक की मौत हो गई। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया और परिजनों तथा ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच जारी है।

यह घटना मुजफ्फरपुर जिले के पियर थाना क्षेत्र स्थित करेला गांव की बताई जा रही है। मृतक युवक की पहचान 25 वर्षीय सूरज कुमार सहनी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सूरज कुमार सहनी बाहर रहकर मजदूरी या निजी काम करता था और होली पर्व के अवसर पर अपने घर करेला गांव आया हुआ था। परिवार के लोगों के अनुसार वह पूरी तरह स्वस्थ था, लेकिन घटना वाली रात अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई।

---Advertisement---
Netaji Advertisement

परिजनों ने बताया कि देर रात सूरज कुमार को तेज खांसी और बेचैनी की शिकायत होने लगी। शुरू में परिवार के लोगों ने घरेलू उपाय किए, लेकिन जब हालत में सुधार नहीं हुआ तो गांव के पास रहने वाले एक ग्रामीण चिकित्सक को बुलाया गया। आरोप है कि गांव में प्रैक्टिस करने वाले कथित डॉक्टर बिमलेश पासवान को रात में घर बुलाया गया, जिसने मरीज की जांच करने के बाद उसे इंजेक्शन लगा दिया।

परिवार के लोगों का कहना है कि इंजेक्शन लगने के कुछ ही मिनट बाद सूरज कुमार की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उसे चक्कर आने लगे और शरीर में बेचैनी महसूस होने लगी। उसने परिजनों से कहा कि उसकी हालत खराब हो रही है और उसे तुरंत अस्पताल ले जाया जाए। इससे पहले कि परिवार के लोग उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी करते, उसकी हालत और गंभीर हो गई और थोड़ी ही देर में उसकी मौत हो गई।

युवक की अचानक मौत से परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का आरोप है कि झोलाछाप डॉक्टर द्वारा गलत इंजेक्शन देने या अधिक मात्रा में दवा देने के कारण सूरज कुमार की जान चली गई। मृतक की मां ने रोते हुए कहा कि उनका बेटा पूरी तरह स्वस्थ था और गलत इलाज के कारण उसकी मौत हो गई।

घटना की खबर पूरे गांव में फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मृतक के घर के पास जमा हो गए। लोगों में काफी आक्रोश देखने को मिला। परिजनों और ग्रामीणों ने झोलाछाप डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि गांव में कई लोग बिना किसी मान्यता के इलाज कर रहे हैं, जिससे लोगों की जान खतरे में पड़ रही है।

घटना के बाद आरोपी ग्रामीण चिकित्सक बिमलेश पासवान मौके से फरार हो गया। बताया जा रहा है कि युवक की हालत बिगड़ने के बाद ही उसे अपनी गलती का अंदाजा हो गया था और वह वहां से निकल गया। इसके बाद परिजनों का गुस्सा और बढ़ गया सूचना मिलने पर पियर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर स्थिति को शांत कराया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारण का पता चल सकेगा।

थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि अगर जांच में झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस फरार आरोपी की तलाश कर रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।

मृतक सूरज कुमार सहनी अपने परिवार का सहारा था। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का कहना है कि वह मेहनत-मजदूरी करके परिवार का खर्च चलाता था। उसकी अचानक मौत से परिवार आर्थिक और मानसिक संकट में आ गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि करेला गांव और आसपास के इलाकों में पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं हैं। सरकारी अस्पताल दूर होने के कारण लोग मजबूरी में ग्रामीण चिकित्सकों या झोलाछाप डॉक्टरों के पास इलाज करवाते हैं। कई बार इन डॉक्टरों के इलाज से मरीजों की हालत बिगड़ जाती है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गांवों में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अभियान चलाया जाए और अवैध रूप से इलाज करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में और भी लोगों की जान जा सकती है।

इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था की कमजोरियों को भी उजागर किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त डॉक्टर और अस्पताल नहीं होने के कारण लोग अनट्रेंड और गैर-प्रमाणित लोगों से इलाज करवाने को मजबूर हो जाते हैं। कई बार यह मजबूरी जानलेवा साबित होती है सूरज कुमार की मौत के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। पड़ोसियों और रिश्तेदारों का कहना है कि सूरज मिलनसार और मेहनती युवक था। वह हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहता था। किसी को विश्वास नहीं हो रहा कि इतनी कम उम्र में उसकी मौत हो गई।

परिवार के लोग आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, उन्हें न्याय नहीं मिलेगा पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि युवक की मौत इंजेक्शन की वजह से हुई या किसी अन्य कारण से। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में छापेमारी कर रही है।

मुजफ्फरपुर की यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना कितना जरूरी है। अगर समय पर सही इलाज मिल जाए तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती है। यह घटना न केवल एक परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है कि बिना प्रमाणित डॉक्टर से इलाज कराना कितना खतरनाक हो सकता है।

---Advertisement---
Netaji Advertisement
---Advertisement---
Netaji Advertisement

और पढ़ें

Chitrakoot गैंगरेप मामला नकली वनकर्मी बनकर छात्रा से दरिंदगी मुख्य आरोपी एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार

रक्षक ही बना भक्षक? Gorakhpur में 10 वर्षीय बच्ची की हत्या CCTV फुटेज के आधार पर पुलिसकर्मी हिरासत में

Jamnagar हत्याकांड जहरीली शराब में साइनाइड मिलाकर पति की हत्या का आरोप दो साल बाद खुला सनसनीखेज मामला

Jamshedpur में कथित प्रेम प्रसंग को लेकर हाई वोल्टेज ड्रामा युवक घायल मिला दोनों पक्षों ने लगाए गंभीर आरोप

अंतरराज्यीय गांजा तस्कर गिरोह का भंडाफोड़, 9.2 किलो गांजा, नकदी व बाइक के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार

Kaimur में छात्रा के कथित अपहरण का प्रयास नाकाम ऑटो में नशीला पदार्थ सुंघाने और इंजेक्शन देने का आरोप कूदकर बचाई जान

Leave a Comment