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जमशेदपुर में MSME आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन, बैंक ऑफ इंडिया ने ECLGS योजना के तहत 141 ऋण आवेदनों को दी मंजूरी

On: May 30, 2026 6:56 PM
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जमशेदपुर: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम MSME क्षेत्र को मजबूत बनाने और उद्यमियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बैंक ऑफ इंडिया, आंचलिक कार्यालय जमशेदपुर द्वारा बिष्टुपुर स्थित बैंक ऑफ इंडिया भवन में ईसीएलजीएस (Emergency Credit Line Guarantee Scheme – ECLGS) के अंतर्गत एक विशेष MSME आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

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कार्यक्रम के दौरान बैंक ऑफ इंडिया द्वारा एमएसएमई क्षेत्र के उद्यमियों को विभिन्न ऋण योजनाओं की जानकारी दी गई तथा पात्र लाभुकों को ऋण स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। इस आयोजन का उद्देश्य स्थानीय उद्योगों, छोटे व्यवसायों और उद्यमियों को वित्तीय सहायता प्रदान कर आर्थिक विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा देना था।

MSME क्षेत्र के विकास में बैंकिंग व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका उपायुक्त

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम देश और राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। एमएसएमई क्षेत्र न केवल रोजगार सृजन करता है, बल्कि स्थानीय स्तर पर औद्योगिक विकास को भी गति प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि बैंकिंग संस्थानों की जिम्मेदारी केवल बड़े उद्योगों और व्यवसायों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि छोटे कारोबारियों, स्टार्टअप उद्यमियों और लघु उद्योगों को भी ऋण सुविधा उपलब्ध कराकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना चाहिए।

उपायुक्त ने उद्यमियों से अपील करते हुए कहा कि वे सरकार और बैंकों द्वारा संचालित विभिन्न ऋण योजनाओं का लाभ उठाएं तथा अपने व्यवसाय का विस्तार कर रोजगार सृजन और आर्थिक विकास में योगदान दें।

ECLGS योजना के तहत 141 ऋण आवेदन स्वीकृत

कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि यह रही कि बैंक ऑफ इंडिया द्वारा ईसीएलजीएस योजना के अंतर्गत कुल 141 ऋण आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की गई। इन स्वीकृत ऋणों की कुल राशि लगभग 40 करोड़ रुपये बताई गई।

मुख्य अतिथि उपायुक्त राजीव रंजन द्वारा चयनित लाभार्थियों को औपचारिक रूप से स्वीकृति पत्र (Sanction Letters) वितरित किए गए। ऋण स्वीकृति प्राप्त करने वाले उद्यमियों ने बैंक और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह वित्तीय सहायता उनके व्यवसाय के विस्तार और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

स्थानीय उद्योगों और व्यवसायों को बढ़ावा देने के लिए बैंक की प्रतिबद्धता

कार्यक्रम के दौरान बैंक ऑफ इंडिया के आंचलिक प्रबंधक पंकज कुमार मिश्रा ने कहा कि बैंक ऑफ इंडिया विभिन्न सरकारी योजनाओं और बैंकिंग उत्पादों के माध्यम से स्थानीय उद्योगों, छोटे व्यापारियों और उद्यमियों को निरंतर प्रोत्साहित कर रहा है।

उन्होंने बताया कि बैंक का लक्ष्य केवल ऋण वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि उद्यमियों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाकर आत्मनिर्भरता और आर्थिक विकास की दिशा में आगे बढ़ाना भी है। बैंक समय-समय पर ऐसे आउटरीच कार्यक्रम आयोजित कर ग्राहकों को योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराता है।

उद्यमियों के साथ संवाद और जागरूकता सत्र का आयोजन

कार्यक्रम के समापन अवसर पर बैंक अधिकारियों और उद्यमियों के बीच संवाद सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान उपस्थित व्यवसायियों और उद्यमियों ने बैंकिंग सेवाओं, ऋण प्रक्रियाओं तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित अपने प्रश्न रखे।

बैंक अधिकारियों ने उद्यमियों को ऋण आवेदन प्रक्रिया, वित्तीय प्रबंधन, व्यवसाय विस्तार और सरकारी सहायता योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। जागरूकता सत्र में उपस्थित प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत उपयोगी और लाभदायक बताया।

कई वरिष्ठ बैंक अधिकारी रहे उपस्थित

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में बैंक ऑफ इंडिया के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें आंचलिक प्रबंधक पंकज कुमार मिश्रा, उप आंचलिक प्रबंधक अजीत कांत, उप आंचलिक प्रबंधक (वसूली) भूपेंद्र नारायण, सहायक महाप्रबंधक (एसएमसीसी) हिमांशु शेखर सहित बैंक की विभिन्न शाखाओं के अधिकारी शामिल थे।

इसके अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय उद्यमी, व्यवसायी, उद्योग प्रतिनिधि तथा बैंक के ग्राहक भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

MSME क्षेत्र को मिलेगा नया प्रोत्साहन

विशेषज्ञों का मानना है कि ईसीएलजीएस जैसी योजनाएं एमएसएमई क्षेत्र को वित्तीय मजबूती प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे कार्यक्रमों से उद्यमियों को न केवल पूंजी उपलब्ध होती है, बल्कि उन्हें अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने और नए रोजगार अवसर सृजित करने का भी अवसर मिलता है।

पूर्वी सिंहभूम जिले में आयोजित यह कार्यक्रम स्थानीय उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

बैंक ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित MSME आउटरीच कार्यक्रम ने यह साबित किया कि बैंकिंग संस्थान, प्रशासन और उद्यमियों के बीच बेहतर समन्वय से आर्थिक विकास और रोजगार सृजन को नई गति दी जा सकती है। 141 ऋण आवेदनों की स्वीकृति और लगभग 40 करोड़ रुपये के वित्तीय सहयोग से जिले के अनेक उद्यमियों को अपने व्यवसाय का विस्तार करने का अवसर मिलेगा। यह पहल आत्मनिर्भर भारत और स्थानीय आर्थिक विकास के लक्ष्य को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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