
Jamshedpur : एक ओर जंहा प्रदेश स्तर पर बांग्ला भाषा की पुनरुत्थान के लिए सरकार से लड़ाई लड़ी जा रही है वंही दूसरी ओर गांव से वर्तमान पीढ़ी के माताओं के माध्यम से बांग्ला भाषा को आगे की पीढ़ी तक पंहुचाने के उद्देश्य से आज शंकरदा गांव के सुभाष चबूतरा परिसर में पूर्व जिला पार्षद सह भाषा सैनिक करुणामय मंडल के नेतृत्व में गांव की कुल अट्ठाइश महिला समूह की एक बैठक संपन्न हुई।

बैठक में मुख्य रूप से अपनी मातृभाषा बांग्ला भाषा को अपने घर के गांव के नई पीढ़ी के हरेक सदस्य को सिखाने के संबंध में विशेष चर्चा कि गई। अंतत: यह निर्णय ली गई की सबसे पहले इस पीढ़ी के वैसे माताएं जिन्हें व्यवस्था की कमी के कारण विद्यालयों में अपनी मातृभाषा बांग्ला भाषा सीखने की मौका नहीं मिली थी सब से पहले उन्हें बांग्ला भाषा लिखने तथा पढ़ने सिखाया जाएगा। उसके बाद स्वत: उनके द्वारा उनकी संतान यानी की हमारी अगली पीढ़ी की बहत आसानी से हम अपनी मातृभाषा बांग्ला भाषा को पंहुचा पाएंगे।
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उक्त कार्य के लिए हरेक समूह के बांग्ला लिखने पढ़ने जानने वाली सदस्यों को ये भार दिया गया की वे अपनी टीम की बांग्ला भाषा नहीं जानने वाली हरेक सदस्या को समुचित एवं नियमित रूप से बांग्ला लिखने तथा पढ़ने शिखायेंगे। इसके लिए किताबों की आपूर्ति पूर्व जिला पार्षद सह भाषा संग्रामी करुणामय मंडल के द्वारा केंद्रीय समिति से मिलकर करवाया जायेगा।
सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया की आगामी दिनांक – 3 जुन मंगलबार (दो बजे) को गांव में एक उत्सव की शक्ल में “अपूर पाठशाला” का उद्घाटन किया जायेगा जिसमें “माताजी आश्रम हाता” तथा “झानखंड बांग्ला भाषा उन्नयन समिति” भी उपस्थित रहेंगे।
आज की इस ऐतिहासिक बैठक में उपस्थित हुए – श्रीमती दीपाली भकत, रूमा भकत,ममता भकत, बबिता भकत, जयंती भकत, मेनका रानी गोप,वीनापानी भकत, तनुजा भकत, अनिता गोप, सीता रानी गोप, सुनीता गोप, कनिका भकत, बिनती गोप, उर्मिला भकत, गुलाबी भकत, लक्ष्मी प्रिया भकत, सुमित्रा भकत, संगीता गोप, संतरा गोप, अंगूरी गोप, गणिता भकत, संध्यावती गोप, अनु भकत, सखी रानी गोप, अंबिका गोप, शांति देवी भकत, उषा रानी भकत, मधुमिता सीट, सरस्वती गोप, कलावती भकत आदि।











































