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MGM अस्पताल की इमरजेंसी में गर्मी का कहर AC बंद होने से मरीज और परिजन बेहाल

On: May 23, 2026 4:25 PM
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जमशेदपुर : शहर के सबसे बड़े सरकारी MGM अस्पतालों में शामिल एमजीएम अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में इन दिनों मरीजों और उनके परिजनों को भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल की इमरजेंसी में एयर कंडीशनर (AC) बंद रहने से हालात इतने खराब हो गए हैं कि मरीजों के अटेंडर गत्ते और कागज से बने पंखों से हाथों से हवा झलने को मजबूर हैं।

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भीषण गर्मी के बीच अस्पताल की यह स्थिति मरीजों की परेशानी को और बढ़ा रही है। इलाज कराने पहुंचे लोगों का कहना है कि जहां एक तरफ मरीज बीमारी से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उमस और गर्मी उन्हें और कमजोर बना रही है। अस्पताल में भर्ती कई मरीजों के परिजन पूरी रात हाथ से हवा करते नजर आए।

पानी की किल्लत से बंद पड़ा सेंट्रल AC

MGM अस्पताल के एक स्टाफ ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि इमरजेंसी वार्ड का सेंट्रल AC पानी की कमी के कारण काम नहीं कर रहा है। स्टाफ के अनुसार, सेंट्रल AC सिस्टम को चलाने के लिए चीलर तक लगातार पानी पहुंचना जरूरी होता है, लेकिन अस्पताल में पानी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण चीलर को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा। इसी वजह से पूरा सेंट्रल AC सिस्टम ठप पड़ा हुआ है।

स्टाफ ने बताया कि गर्मी बढ़ने के साथ समस्या और गंभीर हो गई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया जा सका है। अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को इसका सीधा खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।

इमरजेंसी वार्ड में उमस से बिगड़ रही मरीजों की हालत

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इमरजेंसी वार्ड में लगे कई AC लंबे समय से खराब पड़े हैं। कुछ जगहों पर पंखे भी ठीक से काम नहीं कर रहे। ऐसे में वार्ड के भीतर घुटन जैसी स्थिति बन गई है। मरीजों का कहना है कि दिन के समय हालात और भी बदतर हो जाते हैं, क्योंकि टिन और कंक्रीट की इमारत गर्म होकर पूरे वार्ड को तपता हुआ बना देती है।

एक मरीज के परिजन ने नाराजगी जताते हुए कहा कि “हम लोग यहां इलाज के भरोसे आते हैं, लेकिन यहां तो मरीजों को राहत मिलने के बजाय और परेशानी हो रही है। रातभर गत्ते से हवा करना पड़ रहा है। कई मरीजों को सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है।”

वहीं दूसरे अटेंडर ने बताया कि अस्पताल प्रशासन को कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। उनका कहना था कि इतनी बड़ी सरकारी व्यवस्था होने के बावजूद इमरजेंसी जैसी महत्वपूर्ण जगह में AC बंद रहना गंभीर लापरवाही है।

गर्मी में मरीजों के लिए बढ़ा खतरा

डॉक्टरों के अनुसार, तेज गर्मी और उमस कई बीमारियों में मरीजों की हालत को और खराब कर सकती है। खासकर बुजुर्ग, बच्चे, हार्ट और सांस संबंधी मरीजों के लिए ऐसी स्थिति खतरनाक साबित हो सकती है। इमरजेंसी वार्ड में आने वाले अधिकतर मरीज पहले से ही गंभीर स्थिति में होते हैं, ऐसे में गर्मी और घुटन उनकी परेशानी बढ़ा रही है।

अस्पताल पहुंचे कुछ लोगों ने बताया कि कई मरीज बेड पर पसीने से भीगे पड़े थे। कुछ अटेंडर पानी की बोतल और हाथ वाले पंखे लेकर मरीजों को राहत देने की कोशिश कर रहे थे।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

राज्य के बड़े सरकारी अस्पतालों में गिने जाने वाले MGM अस्पताल की यह स्थिति स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं का अभाव मरीजों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में हर दिन सैकड़ों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। गर्मी के इस मौसम में इमरजेंसी वार्ड में AC और पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था होना बेहद जरूरी है। लेकिन मौजूदा हालात देखकर ऐसा लगता है कि मरीजों की सुविधा से ज्यादा व्यवस्थाओं की अनदेखी हो रही है।

एक दिन आकर देखें अधिकारी

मरीजों के परिजनों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से अस्पताल की वास्तविक स्थिति देखने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर अधिकारी एक दिन भी इस गर्मी में इमरजेंसी वार्ड में बैठ जाएं, तो उन्हें मरीजों की तकलीफ का अंदाजा हो जाएगा।

लोगों का कहना है कि सूबे के सबसे बड़े अस्पतालों में शामिल एमजीएम अस्पताल की ऐसी स्थिति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। जहां मरीजों को राहत और बेहतर इलाज मिलना चाहिए, वहां वे गर्मी और अव्यवस्था से जूझने को मजबूर हैं।

जल्द सुधार की मांग

MGM अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों ने इमरजेंसी वार्ड के खराब AC को जल्द ठीक कराने, पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने, अतिरिक्त पंखों की व्यवस्था करने और मरीजों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही सीधे मरीजों की जिंदगी से जुड़ा मामला है, इसलिए इस दिशा में तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।

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