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Loco कॉलोनी में हुआ मां पहाड़ी का आगमन सात दिवसीय पूजा का भव्य शुभारंभ

On: April 30, 2026 5:29 PM
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Loco

जुगसलाई: Loco कॉलोनी में मां पहाड़ी का आगमन एक ऐसा पल था, जो हर भक्त के दिल को छू गया। रेलवे लोको कॉलोनी में Loco रिक्रिएशन क्लब के तत्वावधान में सात दिवसीय पहाड़ी पूजा का शुभारंभ हुआ है। बुधवार की रात सैकड़ों भक्तों की उपस्थिति में गोल पहाड़ी मंदिर से मां पहाड़ी लोको कॉलोनी के पूजा मंडप में विराजमान हो गईं। यह घटना न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समुदाय की एकजुटता को भी दर्शाती है। Loco कॉलोनी में हुआ मां पहाड़ी का आगमन इसकी मिठास को हर कोई महसूस कर रहा है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे इस पूजा के हर पहलू को, ताकि आप भी इस आस्था की लहर में शामिल हो सकें।

Loco कॉलोनी में मां पहाड़ी पूजा का उद्घाट विधायक का नेतृत्व

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Loco कॉलोनी में हुआ मां पहाड़ी का आगमन की शुरुआत संध्या 7 बजे हुई, जब जुगसलाई विधानसभा क्षेत्र के विधायक मंगल कालिंदी ने वक्त पूजा का उद्घाटन किया। यह एक भव्य समारोह था, जिसमें जिला परिषद उपाध्यक्ष पंकज सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे, वहीं समाजसेवी राजकुमार सिंह ने सम्मानित अतिथि की भूमिका निभाई। अतिथियों ने Loco कॉलोनी के पहाड़ी मंडप में स्थापित प्रतिमा के समक्ष नारियल फोड़ा, मत्था टेका और आरती उतारी। मां का आशीर्वाद ग्रहण करने के बाद भक्तों की टोली गाजे-बाजे के साथ गोल पहाड़ी मंदिर के लिए रवाना हो गई।

यह उद्घाटन सिर्फ एक औपचारिकता नहीं था, बल्कि आस्था का एक बड़ा संदेश था। विधायक मंगल कालिंदी ने कहा कि Loco कॉलोनी में हुआ मां पहाड़ी का आगमन रेलवे कॉलोनी के निवासियों के लिए सौभाग्य लाएगा। उपाध्यक्ष पंकज सिंह ने भी समुदाय की एकता पर जोर दिया। ऐसे आयोजन रेलवे कर्मचारियों और उनके परिवारों के बीच सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। रात का अंधेरा होने के बावजूद भक्तों का उत्साह देखने लायक था। हर तरफ जयकारे गूंज रहे थे – “जय मां पहाड़ी!”।

मां पहाड़ी को लाने की प्रक्रिया भक्तों की श्रद्धा और आराधना

Loco कॉलोनी में हुआ मां पहाड़ी का आगमन का सबसे रोमांचक हिस्सा था मां को गोल पहाड़ी से लाना। भक्तों की टोली रात 8:30 बजे गोल पहाड़ी पहुंची। वहां आराधना शुरू हुई। लगभग 9:15 बजे मां पहाड़ी के मत्थे से मुख्य डलिया में फूल गिरे। इसके बाद डलिया को हल्दी के लेप से सजाया गया और मां पहाड़ी का रूप दिया गया। सैकड़ों भक्तों के जयकारों के बीच मां लोको कॉलोनी के लिए निकल पड़ीं। लोको कॉलोनी की सीमा में उनका प्रवेश रात 10:30 बजे हुआ।

यह प्रक्रिया सदियों पुरानी परंपरा का हिस्सा है। मां पहाड़ी को आदिवासी संस्कृति से जोड़ा जाता है, जहां प्रकृति और देवी की पूजा अटूट आस्था का प्रतीक है। भक्तों ने ढोल-नगाड़ों के साथ यात्रा की, रास्ते में भजन गाए। रात के समय यह जुलूस देखकर ऐसा लगा मानो पूरा इलाका जाग उठा हो। लोको कॉलोनी में हुआ मां पहाड़ी का आगमन ने रेलवे कॉलोनी को एक पवित्र वातावरण से भर दिया। कई भक्तों ने बताया कि इस यात्रा में उनकी मनोकामनाएं पूरी होने की उम्मीद है।

गोल पहाड़ी मंदिर का महत्व

गोल पहाड़ी मंदिर झारखंड-ओडिशा क्षेत्र की प्रसिद्ध शक्तिपीठों में से एक है। यहां मां पहाड़ी की पूजा विशेष रूप से की जाती है। मंदिर की वास्तुकला सरल लेकिन आकर्षक है। हर वर्ष सैकड़ों भक्त यहां आते हैं। लोको कॉलोनी में हुआ मां पहाड़ी का आगमन के लिए चुने गए पुजारी खड़गपुर से आए परमेश्वर और लोको पहाड़ी मंदिर के मुख्य पुजारी देवेंद्र पाडी ने विशेष भूमिका निभाई। उन्होंने मंत्रोच्चार से वातावरण को शुद्ध किया।

Loco कॉलोनी में आगमन आशीर्वाद का तांता लगा

लोको कॉलोनी में प्रवेश करते ही लोको कॉलोनी में हुआ मां पहाड़ी का आगमन का जश्न दोगुना हो गया। माता के चरण पखारने और आशीर्वाद लेने वालों का तांता लग गया। यह सिलसिला रात 11:45 बजे तक चला, जब तक मां पूजा मंडप में नहीं विराज गईं। खड़गपुर के पुजारी परमेश्वर और देवेंद्र पाडी ने विशेष पूजा-अर्चना की। उसके बाद मुख्य डलिया को मंडप में स्थापित किया गया।

भक्तों में महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग सभी शामिल थे। कईयों ने अपनी मन्नतें पूरी होने पर धन्यवाद दिया। रात भर जागरण चला, भजन-कीर्तन हुए। यह दृश्य देखकर आस्था की ताकत का अहसास हुआ। लोको रिक्रिएशन क्लब ने बेहतरीन इंतजाम किए – लाइटिंग, सजावट, सुरक्षा सब कुछ परफेक्ट। लोको कॉलोनी में हुआ मां पहाड़ी का आगमन ने कॉलोनी को एक उत्सवमय माहौल दिया।

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सात दिवसीय पूजा का कार्यक्रम नगर भ्रमण से होगा रोमांचक

Loco कॉलोनी में हुआ मां पहाड़ी का आगमन के बाद अब सात दिवसीय पूजा का आगाज हो चुका है। गुरुवार से मां पहाड़ी नगर भ्रमण पर निकलेंगी। उनके साथ सात बहनें कलश लेकर चलेंगी। मां के माथे पर मुख्य डलिया होगी, जबकि कलश वाली महिलाएं या युवतियां वे होंगी जिन्होंने मांग रखी है या जिनकी मिन्नतें पूरी हुई हैं।

नगर भ्रमण की परंपरा

नगर भ्रमण में मां की शोभायात्रा निकलेगी। रास्ते में भक्त दूध, फूल चढ़ाएंगे। यह परंपरा समृद्धि और कल्याण का प्रतीक है। सात बहनों का कलश यात्रा में विशेष आकर्षण होगा। पूजा के दौरान रोजाना भजन संध्या, हवन, यज्ञ होंगे। अंतिम दिन विसर्जन होगा, जो भावुक क्षण होगा। लोको कॉलोनी में हुआ मां पहाड़ी का आगमन इस पूजा को यादगार बनाएगा।

पूजा के दैनिक आयोजन

  • पहला दिन: विशेष आरती और भजन।
  • दूसरा से छठा दिन: नगर भ्रमण, हवन।
  • सातवां दिन: विसर्जन और महाप्रसाद।

क्लब ने सभी को आमंत्रित किया है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं।

मां पहाड़ी पूजा की सांस्कृतिक और धार्मिक महत्ता

Loco कॉलोनी में हुआ मां पहाड़ी का आगमन सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि आदिवासी संस्कृति का जीवंत रूप है। मां पहाड़ी को पहाड़ों की देवी माना जाता है। उनकी पूजा वर्षा, फसल और परिवारिक सुख के लिए की जाती है। झारखंड-बंगाल क्षेत्र में यह परंपरा गहरी जड़ें रखती है। ऐसे आयोजन समुदाय को जोड़ते हैं, तनाव कम करते हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से भी भजन-आरती से मानसिक शांति मिलती है। रेलवे कॉलोनी जैसे क्षेत्रों में यह सकारात्मकता फैलाता है।

लोगों ने बताया कि लोको कॉलोनी में हुआ मां पहाड़ी का आगमन ने कोरोना के बाद की उदासी मिटा दी। बच्चे भी उत्साहित हैं। यह पूजा पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देती है, क्योंकि हल्दी-फूल प्राकृतिक हैं। कुल मिलाकर, यह आस्था और संस्कृति का संगम है।

समुदाय पर प्रभाव

रेलवे कर्मचारी अक्सर तनाव में रहते हैं। ऐसी पूजाएं उन्हें राहत देती हैं। स्थानीय दुकानदारों को भी फायदा। कुल मिलाकर, कॉलोनी में सकारात्मक बदलाव आया।

Loco कॉलोनी में हुआ मां पहाड़ी का आगमन एक ऐतिहासिक पल था, जो सात दिवसीय पूजा को अविस्मरणीय बनाएगा। यह आस्था, संस्कृति और समुदाय की मिसाल है। लोको रिक्रिएशन क्लब को बधाई! सभी भक्तों से अपील है, पूजा में शामिल हों और मां का आशीर्वाद लें। जय मां पहाड़ी!

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