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लखनऊ गैंगरेप केस UPSC की तैयारी कर रही छात्रा को ट्रेन से उतारकर 3 दिन तक बनाया बंधक मुख्य आरोपी शिवम यादव की तलाश तेज

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On: May 26, 2026 5:07 PM
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दिल्ली: में UPSC की तैयारी और बीए ऑनर्स की पढ़ाई कर रही एक युवती के साथ लखनऊ में कथित गैंगरेप का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ा रही है। आरोप है कि युवती को उसके परिचित युवक ने ट्रेन से उतारकर अपने कमरे में बंधक बनाया और तीन दिनों तक लगातार उसके साथ दुष्कर्म किया गया।

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पीड़िता जौनपुर से दिल्ली वापस लौट रही थी। वह सुहेलदेव एक्सप्रेस ट्रेन से दिल्ली जा रही थी, लेकिन लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर उसके परिचित युवक ने उसे बहला-फुसलाकर ट्रेन से नीचे उतार लिया। इसके बाद आरोपी उसे सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में स्थित अपने कमरे पर ले गया, जहां उसके साथ कई दिनों तक दरिंदगी की गई।

चारबाग स्टेशन पर रची गई पूरी साजिश

पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह 15 मई को जौनपुर से दिल्ली जाने के लिए निकली थी। उसके पिता ने उसे जाफराबाद स्टेशन से ट्रेन में बैठाया था। ट्रेन में बैठने के बाद उसने अपने परिचित शिवम यादव को वॉट्सएप पर मैसेज किया।

शिवम यादव, जिसे युवती करीब चार साल से जानती थी, अपने दोस्त शनि यादव के साथ लखनऊ के चारबाग स्टेशन पहुंचा। दोनों ने युवती को बार-बार ट्रेन से उतरने के लिए कहा। आरोपी ने भरोसा दिलाया कि वह उसके परिवार से बात कर लेगा और किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।

कुछ देर समझाने-बुझाने के बाद युवती उनकी बातों में आ गई और ट्रेन से उतर गई। यही वह पल था, जहां से पूरी वारदात की शुरुआत हुई।

कॉफी में नशीला पदार्थ मिलाकर किया गया दुष्कर्म

चारबाग स्टेशन से आरोपी युवती को सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में मेदांता अस्पताल के पास स्थित अपने कमरे पर ले गया। वहां पहले दोनों ने खाना खाया, फिर शिवम यादव ने युवती को कॉफी दी।

कॉफी पीने के कुछ ही देर बाद युवती को तेज नींद आने लगी। आरोप है कि आरोपी ने कॉफी में नशीली गोली मिलाई थी। बेहोशी की हालत में आरोपी ने युवती के साथ जबरदस्ती की।

जब युवती को होश आया और उसने विरोध किया, तब आरोपी ने धमकाकर कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने बताया कि वह लगातार डर और सदमे में थी।

तीन दिन तक कमरे में बंधक बनाकर गैंगरेप

पीड़िता के अनुसार, अगले दिन आरोपी का दोस्त शनि यादव कमरे पर पहुंचा। शिवम कुछ देर के लिए बाहर चला गया और इसी दौरान शनि यादव ने भी युवती के साथ जबरदस्ती की।

युवती ने विरोध किया, लेकिन आरोपी नहीं माने। पीड़िता ने बताया कि लगातार अत्याचार के कारण उसकी तबीयत खराब होने लगी थी। आरोपियों ने उसे दवा भी दी, लेकिन डर के कारण उसने दवा नहीं खाई।

17 मई को कमरे पर एक तीसरा युवक पहुंचा, जिसे पीड़िता पहचानती नहीं थी। इसके बाद तीनों आरोपियों ने बारी-बारी से युवती के साथ दुष्कर्म किया।

पीड़िता ने बताया कि आरोपी जब भी बाहर खाना या अन्य सामान लेने जाते थे, कमरे को बाहर से बंद कर देते थे ताकि वह कहीं भाग न सके। तीन दिनों तक उसे मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी।

तीन दिन बाद उसी ट्रेन से दिल्ली भेजा गया

हैरान करने वाली बात यह है कि जिस ट्रेन से युवती को लखनऊ में उतारा गया था, उसी ट्रेन से तीन दिन बाद उसे दिल्ली वापस भेज दिया गया।

आरोपी शिवम यादव ने चारबाग स्टेशन तक कैब बुक की और युवती को सुहेलदेव एक्सप्रेस में स्लीपर टिकट के जरिए दिल्ली रवाना कर दिया। डरी और सहमी युवती ने हिम्मत जुटाकर अपने परिवार को पूरी घटना की जानकारी दी।

इसके बाद परिवार ने तुरंत रेलवे हेल्पलाइन 139 पर संपर्क किया। सूचना मिलते ही GRP टीम सक्रिय हुई और ट्रेन में पहुंचकर युवती से बातचीत की। बाद में उसे दिल्ली के आनंद विहार थाने ले जाया गया।

दिल्ली में दर्ज हुआ मुकदमा लखनऊ पुलिस ने संभाली जांच

पीड़िता के बयान के आधार पर आनंद विहार थाने में मामला दर्ज किया गया। बाद में केस को लखनऊ ट्रांसफर कर दिया गया, क्योंकि वारदात लखनऊ में हुई थी।

लखनऊ पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी शिवम यादव जौनपुर के जलालपुर क्षेत्र का निवासी है। पुलिस की कई टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं।

एडीसीपी साउथ ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पांच अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया है। पुलिस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, कॉल डिटेल और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है।

परिचित होने का फायदा उठाकर किया गया अपराध

जांच में सामने आया है कि पीड़िता और मुख्य आरोपी एक-दूसरे को लंबे समय से जानते थे। दोनों परिवारों के बीच रिश्तेदारी जैसी जान-पहचान भी थी। इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी ने पूरी साजिश रची।

विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले कई अपराधों में आरोपी पहले से परिचित होते हैं। ऐसे मामलों में पीड़ित अक्सर भरोसे के कारण अपराधियों की बातों में आ जाते हैं।

यह मामला भी इसी तरह का प्रतीत होता है, जहां परिचय और विश्वास को हथियार बनाकर युवती को जाल में फंसाया गया।

महिलाओं की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

लखनऊ गैंगरेप की यह घटना महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। खासकर ट्रेन यात्रा करने वाली छात्राओं और कामकाजी महिलाओं के लिए यह मामला चिंता का विषय बन गया है।

रेलवे स्टेशन, सार्वजनिक परिवहन और बड़े शहरों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर लगातार बहस होती रही है। लेकिन इस तरह की घटनाएं यह दिखाती हैं कि अपराधी अब परिचय और विश्वास का इस्तेमाल करके वारदात को अंजाम दे रहे हैं।

रेलवे हेल्पलाइन 139 ने निभाई अहम भूमिका

इस मामले में रेलवे हेल्पलाइन 139 की भूमिका महत्वपूर्ण रही। जैसे ही परिवार ने मदद मांगी, GRP और रेलवे सुरक्षा बल तुरंत हरकत में आए।

विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों, विशेषकर महिलाओं को किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत रेलवे हेल्पलाइन, पुलिस या सुरक्षा कर्मियों से संपर्क करना चाहिए।

रेलवे हेल्पलाइन यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगातार निगरानी करती है और आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराती है।

पुलिस जांच में जुटी, आरोपियों की तलाश जारी

फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही सभी आरोपी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस घटना में और लोग शामिल थे या नहीं। कमरे के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही मोबाइल लोकेशन और डिजिटल चैट रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में हैं।

यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो आरोपियों पर गैंगरेप, अपहरण, बंधक बनाने और नशीला पदार्थ देकर अपराध करने जैसी गंभीर धाराएं लग सकती हैं।

समाज के लिए बड़ा संदेश

यह मामला समाज के लिए एक बड़ा संदेश छोड़ता है कि परिचित व्यक्ति पर भी आंख बंद करके भरोसा करना खतरनाक साबित हो सकता है। विशेषकर यात्रा के दौरान महिलाओं को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

परिवारों को भी अपने बच्चों को सुरक्षा संबंधी जागरूकता देना जरूरी है ताकि किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में वे तुरंत सही कदम उठा सकें।

महिलाओं की सुरक्षा केवल कानून का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। जब तक समाज सामूहिक रूप से जागरूक नहीं होगा, तब तक ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाना मुश्किल रहेगा।

लखनऊ गैंगरेप केस ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। UPSC की तैयारी कर रही एक छात्रा के साथ हुई इस दरिंदगी ने सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक सोच दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अब सबकी नजर पुलिस जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी है। उम्मीद की जा रही है कि पीड़िता को जल्द न्याय मिलेगा और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी ताकि भविष्य में कोई भी ऐसी वारदात को अंजाम देने की हिम्मत न कर सके।

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